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Smart India Hackathon 2022: पीएम मोदी 25 अगस्त को स्मार्ट इंडिया हैकाथन में शामिल होने वाले छात्रों को करेंगे संबोधित

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 अगस्त को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 'स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2022' के ग्रैंड फिनाले को संबोधित करेंगे। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी: पीएमओ ने एक बयान में कहा कि देश में खासकर युवाओं में नवाचार (इनोवेशन) की भावना को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री का निरंतर प्रयास रहा है

Smart India Hackathon 2022: पीएम मोदी 25 अगस्त को स्मार्ट इंडिया हैकाथन में शामिल होने वाले छात्रों को करेंगे संबोधित
पीएम मोदी (Photo credit : Twitter)

Smart India Hackathon 2022: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 अगस्त को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 'स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2022' के ग्रैंड फिनाले को संबोधित करेंगे.  एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी: पीएमओ ने एक बयान में कहा कि देश में खासकर युवाओं में नवाचार (इनोवेशन) की भावना को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री का निरंतर प्रयास रहा, पीएमओ के अनुसार, "इस ²ष्टिकोण को ध्यान में रखकर, स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन (एसआईएच) की शुरुआत वर्ष 2017 में की गई थी. एसआईएच छात्रों को समाज, संगठनों और सरकार की गंभीर समस्याओं को हल करने के लिए एक मंच प्रदान करने की एक देशव्यापी पहल है. इस पहल का उद्देश्य छात्रों के बीच उत्पाद संबंधी नवाचार, समस्या-समाधान और लीक से हटकर सोचने की संस्कृति विकसित करना है.

बयान में आगे कहा गया है कि एसआईएच की बढ़ती लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एसआईएच के लिए पंजीकृत टीमों की संख्या पहले संस्करण में लगभग 7500 से चार गुना बढ़कर वर्तमान में चल रहे पांचवें संस्करण में लगभग 29,600 हो गई है. इस वर्ष एसआईएच 2022 के ग्रैंड फिनाले में भाग लेने के लिए 15,000 से अधिक छात्र एवं संरक्षक 75 नोडल केन्द्रों पर पहुंच रहे हैं. यह भी पढ़े: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्‍वविद्यालय के शताब्दी समारोह को किया संबोधित, कहा- मुस्लिम छात्राओं के ड्रॉपआउट में 40 फीसदी की कमी

इस फिनाले में 2900 से अधिक स्कूलों और 2200 उच्च शिक्षा संस्थानों के छात्र 53 केन्द्रीय मंत्रालयों द्वारा सामने रखी गई 476 समस्याओं का समाधान ढूढेंगे। इनमें मंदिर में उत्कीर्ण शिलालेखों एवं देवनागरी लिपि में उनके अनुवादों के ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकॉग्निशन (ओसीआर), जल्द खराब होने वाले खाद्य पदार्थों की शीत आपूर्ति श्रृंखला में आईओटी-आधारित जोखिम निगरानी प्रणाली, किसी इलाके के उच्च-रिजॉल्यूशन वाले 3डी मॉडल, आपदा प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे और सड़कों की स्थिति आदि से जुड़ी समस्याएं शामिल हैं.

इस वर्ष, स्कूली छात्रों में नवाचार की संस्कृति का निर्माण करने और स्कूल के स्तर पर समस्या-समाधान का ²ष्टिकोण विकसित करने के उद्देश्य से एक प्रयोग के तौर पर स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन-जूनियर की शुरुआत भी की गई है.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 23, 2022 09:11 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).