Smart Electricity Meter: स्मार्ट मीटर लगाना अनिवार्य, बिजली बिल बढ़ने की बात सिर्फ भ्रम, महाराष्ट्र सरकार ने विधानसभा में किया साफ
राज्य सरकार के अनुसार अब तक 1.5 करोड़ से अधिक स्मार्ट बिजली मीटर लगाए जा चुके हैं. राज्य की बिजली वितरण कंपनी एमएसईडीसीएल, मुंबई की बेस्ट, अदानी इलेक्ट्रिसिटी और टाटा पावर जैसी कंपनियां भी इस अभियान को आगे बढ़ा रही हैं.
Smart Electricity Meter Rollout Under RDSS: महाराष्ट्र में स्मार्ट बिजली मीटर लगाने को लेकर जारी विवाद के बीच राज्य की ऊर्जा राज्यमंत्री मेघना बोर्डीकर ने विधानसभा में बड़ा बयान दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया केंद्र सरकार की रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (RDSS) के तहत अनिवार्य है और इसका पालन करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है. मंत्री ने यह भी कहा कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल बढ़ने की आशंका पूरी तरह गलतफहमी है. यह भी पढ़ें: Mahavitaran Tariff Cut From April 1: महाराष्ट्र में बिजली सस्ती, 100 यूनिट तक के उपभोक्ताओं को बड़ी राहत
विधानसभा में विधायक भीमराव तापकीर द्वारा उठाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान यह मुद्दा गरमाया. कई ग्रामीण क्षेत्रों के विधायकों ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग के अधिकारी उपभोक्ताओं की स्पष्ट सहमति के बिना स्मार्ट मीटर लगा रहे हैं. इस पर जवाब देते हुए ऊर्जा राज्यमंत्री मेघना बोर्डीकर ने कहा कि स्मार्ट मीटर की स्थापना पूरी तरह केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार की जा रही है.
बिजली बिल बढ़ने का दावा गलत, मीटर की गणना में कोई बदलाव नहीं
मेघना बोर्डीकर ने कहा कि स्मार्ट मीटर आने से बिजली की यूनिट मापने की प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं हुआ है. पहले की तरह ही बिजली खपत के आधार पर बिल तैयार किया जाता है. उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें मैनुअल मीटर रीडिंग की जरूरत खत्म हो जाती है, जिससे मानवीय गलतियों की संभावना कम होती है और बिलिंग प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनती है.
स्मार्ट मीटर को लेकर बढ़ा राजनीतिक विवाद
पिछले कुछ सप्ताह से महाराष्ट्र के शहरी और ग्रामीण इलाकों में स्मार्ट मीटर को लेकर लगातार विरोध देखने को मिल रहा है. विपक्षी दलों, खासकर एनसीपी (शरदचंद्र पवार) और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे), ने आरोप लगाया है कि सरकार उपभोक्ताओं पर बिना पर्याप्त जानकारी दिए स्मार्ट मीटर थोप रही है. विपक्ष ने यह भी आशंका जताई है कि भविष्य में प्रीपेड बिजली व्यवस्था लागू करने और बिजली वितरण के निजीकरण की दिशा में यह एक कदम हो सकता है.
1.5 करोड़ से ज्यादा स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके
विवाद के बावजूद महाराष्ट्र में स्मार्ट मीटर लगाने का अभियान तेजी से जारी है. राज्य सरकार के अनुसार अब तक 1.5 करोड़ से अधिक स्मार्ट बिजली मीटर लगाए जा चुके हैं. राज्य की बिजली वितरण कंपनी एमएसईडीसीएल, मुंबई की बेस्ट, अदानी इलेक्ट्रिसिटी और टाटा पावर जैसी कंपनियां भी इस अभियान को आगे बढ़ा रही हैं. सरकार का कहना है कि स्मार्ट मीटर से रियल-टाइम मॉनिटरिंग, ट्रांसमिशन लॉस में कमी और बिजली आपूर्ति में आने वाली तकनीकी खराबियों का तेजी से पता लगाने में मदद मिलेगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 03, 2026 07:50 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

