Amit Satam: विधानसभा में चर्चा के दौरान मुस्कुराते दिखे बीजेपी विधायक अमित साटम, वीडियो वायरल होने पर विपक्ष हमलावर
मुंबई में मूसलाधार बारिश के कारण हुई दो मौतों पर महाराष्ट्र विधानसभा में चल रही गंभीर चर्चा के दौरान मुंबई भाजपा अध्यक्ष और विधायक अमित साटम का मुस्कुराते हुए एक वीडियो वायरल हुआ है. विपक्ष ने इसे संवेदनहीनता करार देते हुए सत्तापक्ष को घेरा है, वहीं साटम ने आरोपों पर अपनी सफाई दी है.
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मुंबई: मुंबई (Mumbai) में भारी मानसूनी बारिश (Monsoon Rain) के कारण हुई दो दर्दनाक मौतों को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति (Maharashtra Politics) में भूचाल आ गया है. महाराष्ट्र विधानसभा (Maharashtra Legislative Assembly) के मानसून सत्र के दौरान की एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया (Social Media) पर तेजी से वायरल (Viral Video) हो रही है, जिसमें मुंबई भाजपा अध्यक्ष और अंधेरी पश्चिम से विधायक अमित साटम (Amit Satam) मुस्कुराते हुए दिखाई दे रहे हैं. विपक्ष का आरोप है कि जब सदन में बारिश से हुई मौतों जैसे गंभीर विषय पर चर्चा चल रही थी, तब सत्तापक्ष के विधायक हास्य-विनोद कर रहे थे. विपक्षी दलों ने इस आचरण को बेहद गैर-जिम्मेदाराना और मुंबईकरों के प्रति संवेदनहीन करार दिया है. यह भी पढ़ें: मुंबई मानसून आफत: सांताक्रुज में पेड़ गिरने से 8 लोग घायल, आईएमडी ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट (Watch Video)
विधानसभा में चर्चा और साटम की सफाई
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल और विपक्ष के अन्य सदस्य मुंबई में कानून-व्यवस्था और नगर निगम (BMC) की लापरवाही के कारण हुई दो मौतों का मुद्दा उठा रहे थे. इसी दौरान कैमरे में अमित साटम मुस्कुराते हुए कैद हो गए.
इस वीडियो पर चौतरफा घिरने के बाद भाजपा विधायक अमित साटम ने अपनी कूटनीतिक प्रतिक्रिया दी है. साटम ने कहा कि उनकी मुस्कुराहट का मौतों से कोई संबंध नहीं था और विपक्षी दल "बातों का अनर्थ" करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि जब मॅनहोल दुर्घटना के संदर्भ में उनकी गंभीर चर्चा चल रही थी, तब विपक्षी नेता जयंत पाटिल वहां आए थे और उस दौरान हुए एक अनौपचारिक संवाद के कारण वे मुस्कुराए थे. साटम ने विपक्ष पर खबरें देने के बजाय "मनगढ़ंत खबरें तैयार करने" का आरोप लगाया है.
दो हादसों से दहल उठी थी मुंबई
यह राजनीतिक विवाद मुंबई में पिछले दो दिनों में हुई दो बेहद दर्दनाक घटनाओं की पृष्ठभूमि में आया है, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं:
- चेंबूर बस हादसा: चेंबूर इलाके में मूसलाधार बारिश के दौरान एक भारी-भरकम पेड़ अचानक एक चलती हुई स्कूल बस पर गिर गया. इस दुखद हादसे में बस के भीतर मौजूद एक 11 वर्षीय स्कूली बच्चे की दबकर मौत हो गई.
- साकीनाका मॅनहोल त्रासदी: साकीनाका के खैराणी रोड पर जलभराव के दौरान ड्रेनेज का काम चल रहा था. वहां सुरक्षा बैरिकेड्स न होने और पानी भरे होने के कारण खुला हुआ मॅनहोल दिखाई नहीं दिया, जिसमें गिरने से असलम इसाक शेख नाम के नागरिक की डूबने से मौत हो गई.
बीएमसी की कार्रवाई: चार अधिकारी निलंबित
साकीनाका में खुले मॅनहोल के कारण हुई नागरिक की मौत के बाद बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) बैकफुट पर है. जनआक्रोश को देखते हुए बीएमसी प्रशासन ने प्रथम दृष्टया लापरवाही बरतने के आरोप में चार नागरिक अधिकारियों (Civic Officials) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.
इसके साथ ही, ड्रेनेज रखरखाव का काम देख रहे ठेकेदार (Contractor) के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है. नगर निगम ने इस बात की कूटनीतिक जांच के आदेश दिए हैं कि काम के दौरान अनिवार्य सुरक्षात्मक बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड क्यों नहीं लगाए गए थे.
विपक्ष की मांग: कांग्रेस, उद्धव ठाकरे गुट और शरद पवार गुट सहित समूचे विपक्ष ने इस असंवेदनशीलता के खिलाफ बीएमसी और राज्य सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की है. विपक्ष का कहना है कि हर साल करोड़ों रुपये मानसून पूर्व तैयारियों पर खर्च होने के बावजूद मुंबई की जनता को खुले मॅनहोल और जर्जर पेड़ों के कारण अपनी जान गंवानी पड़ रही है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 03, 2026 02:20 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

