Afghanistan Crisis: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अफगानिस्तान में बिगड़ते हालात पर जताई चिंता, कहा- भारत अलर्ट पर
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को कहा कि पड़ोसी देश अफगानिस्तान में बिगड़ते हालात चिंता का विषय हैं. राष्ट्रीय सुरक्षा विषय पर बलरामजी दास टंडन संगोष्ठी को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, पड़ोसी अफगानिस्तान में जो कुछ भी हो रहा है, वह सुरक्षा तंत्र के संबंध में चिंता का विषय है.
नई दिल्ली: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने सोमवार को कहा कि पड़ोसी देश अफगानिस्तान (Afghanistan) में बिगड़ते हालात चिंता का विषय हैं. राष्ट्रीय सुरक्षा विषय पर बलरामजी दास टंडन संगोष्ठी को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, पड़ोसी अफगानिस्तान में जो कुछ भी हो रहा है, वह सुरक्षा तंत्र के संबंध में चिंता का विषय है. हमारी सरकार देश में विकसित स्थिति की निगरानी कर रही है. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सरकार भारतीयों की सुरक्षा चाहती है और यह भी सुनिश्चित कर रही है कि अफगानिस्तान में मौजूदा स्थिति के मद्देनजर कोई सीमा पार आतंकवादी गतिविधियां न हो.
अफगानिस्तान में बिगड़ती स्थिति के बीच भारत के सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में राजनाथ सिंह ने कहा, हमारी सरकार सतर्क है और सभी स्थितियों से निपटने के लिए तैयार है। हम जमीन, हवा और पानी कहीं से भी आने वाले खतरों से निपटने के लिए हमेशा तैयार हैं. 15 अगस्त को तालिबान के काबुल पर कब्जा करने के बाद अफगानिस्तान एक बड़े मानवीय संकट से घिर चुका है। तालिबान को सत्ता में वापस लाने में पाकिस्तान की अहम भूमिका मानी जा रही है. यह भी पढ़े: Afghanistan Crisis: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का बड़ा बयान, कहा- अफगानिस्तान की स्थिति ने हर देश को रणनीति पर पुनर्विचार के लिए मजबूर किया
फिलहाल अफगानिस्तान से विदेशी और डरे हुए स्थानीय नागरिकों की निकासी प्रक्रिया भी सुचारू रूप से काम नहीं कर रही है। ताजा घटनाक्रम में एक अमेरिकी मिसाइल रक्षा प्रणाली ने काबुल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की ओर दागे गए रॉकेटों को रोक दिया. मंत्री ने यह भी कहा कि भारत अपनी संप्रभुता को सुरक्षित रखने के लिए किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है. उन्होंने कहा, हमारा उद्देश्य भारत को एक समृद्ध, मजबूत और सुरक्षित देश बनाना है.
उन्होंने कहा कि भारत अन्य देशों को धमकी नहीं देता बल्कि उनमें विश्वास की भावना पैदा करना चाहता है कि एक मजबूत भारत उनके लिए खतरा नहीं है. चीन के साथ सीमा विवाद के बारे में उन्होंने कहा कि एकतरफा यथास्थिति को बदलने का प्रयास किया गया था, लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार ने स्पष्ट रूप से इस तरह के मुद्दे पर समझौता नहीं करने का स्पष्ट संकेत दिया है.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 30, 2021 06:25 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

