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Shraddha Murder Case: अंबेडकर अस्पताल में आफताब का नार्को टेस्ट शुरू, खुलेंगे कई बड़े राज

अपनी लिव-इन पार्टनर श्रद्धा वॉकर (Shraddha Murder Case) की हत्या के आरोपी आफताब अमीन पूनावाला को नार्को टेस्ट के लिए तिहाड़ जेल से अंबेडकर अस्पताल लाया गया है. यहां आफताब का नार्को टेस्ट होगा, जिसमें श्रद्धा मर्डर केस से जुड़े कई बड़े राज खुल सकते हैं.

Shraddha Murder Case: अंबेडकर अस्पताल में आफताब का नार्को टेस्ट शुरू, खुलेंगे कई बड़े राज
आरोपी आफताब अमीन पूनावाला (Photo: PTI)

नई दिल्ली: अपनी लिव-इन पार्टनर श्रद्धा वॉकर (Shraddha Murder Case) की हत्या के आरोपी आफताब अमीन पूनावाला को नार्को टेस्ट के लिए तिहाड़ जेल से अंबेडकर अस्पताल लाया गया है. यहां आफताब का नार्को टेस्ट शुरू हो चुका है. जिसमें श्रद्धा मर्डर केस से जुड़े कई बड़े राज खुल सकते हैं. श्रद्धा मर्डर केस की गुत्थी अभी भी उलझी हुई है और आरोपी आफताब अपने अलग-अलग बयानों से पुलिस को गुमराह कर रहा है. अब उम्मीद है कि नार्को टेस्ट से पुलिस को इस केस से जुड़े बड़े सवालों के जवाब मिल जाएंगे. Shraddha Murder Case: आफताब ने कैसे सबूतों को मिटाया... मर्डर प्लानिंग के ये बड़े राज आए सामने.

इससे पहले आफताब का पॉलीग्राफ टेस्ट करवाया गया था. एफएसएल रोहिणी में पॉलीग्राफ टेस्ट के दौरान आफताब ने श्रद्धा की हत्या की बात कबूली थी साथ ही उसने यही भी बताया कि उसने ही जंगल में श्रद्धा के शव के टुकड़े फेंके थे. आफताब ने यह भी माना कि उसके कई लड़कियों के साथ संबंध थे.

नार्को टेस्ट में खुलेंगे राज 

नार्को टेस्ट से नहीं निकला रिजल्ट तो होगी आफताब की ब्रेन मैपिंग

श्रद्धा वॉकर हत्याकांड की जांच कर रहे जांचकर्ताओं को अगर पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट से कोई निष्कर्ष नहीं मिलता है तो आफताब अमीन पूनावाला का ब्रेन मैपिंग कराया जा सकता है. फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) के एक सूत्र ने कहा- आफताब की पॉलीग्राफ परीक्षण रिपोर्ट दो दिनों के भीतर प्रस्तुत की जाएगी और उसका नार्को परीक्षण गुरुवार को होगा. नार्को टेस्ट के बाद, अभियुक्त द्वारा अपेक्षित उत्तर नहीं मिलने पर यह जांचकर्ताओं पर निर्भर है कि वह ब्रेन मैपिंग की मांग करें.

क्या होता है नार्को टेस्ट

नार्को, जिसे ट्रुथ सीरम के रूप में भी जाना जाता है, में एक दवा का अंत:शिरा शामिल होता है (जैसे सोडियम पेंटोथल, स्कोपोलामाइन और सोडियम अमाइटल). इसमें व्यक्ति संवेदनहीनता के विभिन्न चरणों में प्रवेश करता है. सम्मोहक अवस्था में, व्यक्ति झूठ बोलने के लिए दिमाग का इस्तेमाल नहीं कर पाटा है और सच प्रकट करने की अधिक संभावना होती है, जो आमतौर पर व्यक्ति सचेत अवस्था में नहीं बताता है.

(The above story first appeared on LatestLY on Dec 01, 2022 09:42 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).