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Shraddha Murder Case: आफताब के फ्लैट में मिले खून के धब्बे; कैसे सबूतों को मिटाया... मर्डर प्लानिंग के ये बड़े राज आए सामने

श्रद्धा वॉकर हत्याकांड में नए-नए खुलासे हो रहे हैं. दिल्ली पुलिस को अब छतरपुर में आरोपी आफताब अमीन पूनावाला के फ्लैट की रसोई में खून के धब्बे मिले हैं. खून किसका है इसका पता लगाने के लिए खून के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं.

Shraddha Murder Case: आफताब के फ्लैट में मिले खून के धब्बे; कैसे सबूतों को मिटाया... मर्डर प्लानिंग के ये बड़े राज आए सामने
Shraddha Murder Case (Photo: ANI)

नई दिल्ली: श्रद्धा वॉकर हत्याकांड में नए-नए खुलासे हो रहे हैं. दिल्ली पुलिस को अब छतरपुर में आरोपी आफताब अमीन पूनावाला के फ्लैट की रसोई में खून के धब्बे मिले हैं. खून किसका है इसका पता लगाने के लिए खून के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं. सूत्रों के मुताबिक, पुलिस पीड़िता के पिता को DNA जांच के लिए बुला सकती है, जिसके बाद खून का नमूना और हड्डी का नमूना मिलान के लिए फॉरेंसिक लाइट सोर्स (FLS) भेजा जाएगा. इसके बाद FLS से डीएनए जांच कराई जाएगी. Shraddha Murder Case: गर्लफ्रेंड के टुकडे-टुकड़े करने के बावजूद आरोपी के चेहरे पर था कॉन्फिडेंस, अब महाराष्ट्र पुलिस ने किया ये खुलासा.

सूत्रों ने कहा, "दिल्ली पुलिस सोमवार देर रात, श्रद्धा की हत्या कैसे हुई, यह पता लगाने के लिए अपराध स्थल को फिर से बनाने के लिए आफताब को वापस उसके फ्लैट में ले गई. पुलिस इस उद्देश्य के लिए उसके फ्लैट में एक पुतला ले गई थी." अभी तक की जांच में पता चला है कि पकड़े जाने के डर से आरोपी ने फ्रिज को केमिकल से साफ किया था.

आफताब के घर पर मिली कई किताबें

पुलिस को शक है कि हत्या के बाद बाथरूम में श्रद्धा के शरीर के 35 टुकड़े किए गए थे. ऐसे में खून और अन्य चीजें सीवर के रास्ते बाहर निकली होंगी. एफएसएल की टीम आफताब समेत उसके फ्लैट पर जांच के दौरान मौजूद रही. सूत्रों के मुताबिक घर में कई उपन्यास और साहित्य की किताबें मिली हैं जिससे पता चलता है कि आफताब को किताबों और उपन्यास पढ़ने का शौक था.

हत्या से एक सप्ताह पहले ही मर्डर का प्लान बना चुका था आरोपी

मंगलवार को, पुलिस सूत्रों ने बताया कि आफताब ने कबूल किया कि उसने हत्या (18 मई) से एक हफ्ते पहले श्रद्धा को मारने का मन बना लिया था. आफताब ने अपने कबूलनामे में कहा, "हत्या (18 मई) से एक सप्ताह से अधिक समय पहले, मैंने श्रद्धा को मारने का मन बना लिया था. एक दिन, श्रद्धा और मेरे बीच झगड़ा हुआ था. मैं उसे मारने की सोच ली थी लेकिन जब वह अचानक भावुक हो गई और रोने लगी तो मैं बाद में पीछे हट गया."

आफताब और श्रद्धा के बीच होता था झगड़ा

आफताब ने कहा कि श्रद्धा उसपर भरोसा नहीं करती थी, जिसके कारण वह अक्सर गुस्सा हो जाती थी, जिससे अक्सर उन दोनों के बीच झगड़ा होता था. आफताब ने दिल्ली पुलिस को बताया, ''मुझे अक्सर किसी से फोन पर बात करनी पड़ती थी, लेकिन उसे इससे समस्या थी."

आफताब ने ऐसे की पूरी प्लानिंग

पुलिस ने कहा कि आगे की जांच में पता चला कि 18 मई को दोनों के बीच झगड़ा हुआ था, तभी आफताब ने श्रद्धा की हत्या कर दी. अफताब ने पुलिस को बताया, "मैं डर गया था क्योंकि मुझे पता था कि अगर मैंने शरीर को कहीं फेंक दिया, तो मैं पकड़ा जा सकता हूं. मैंने पूरी रात Google ब्राउज किया ताकि शरीर को ठिकाने लगाने के तरीके खोजे जा सकें और कोई संदेह पैदा न हो. मैंने इंटरनेट पर यह भी खोजा कि किस तरह के चाकू से शरीर के टुकड़े किए जा सकते हैं."

सबसे पहले लीवर और आंतों को लगाया ठिकाने

पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपियों ने पहले श्रद्धा के लीवर और आंतों को कीमा बनाकर नष्ट कर दिया. पुलिस ने कहा कि चूंकि वह एक प्रशिक्षित रसोइया था, इसलिए उसे यह सब करने में कठिनाई नहीं हुई. सूत्रों ने कहा कि लीवर और आंतों को छतरपुर और महरौली के पास के जंगलों में फेंका.

आफताब को था क्राइम वेब सीरीज देखने का शौक

पुलिस ने कहा कि आफताब ने अपराध से संबंधित वेब सीरीज और शो देखने के अपने शौक को भी कबूल किया और इन शो से ही उसने कटे हुए शरीर के अंगों को संरक्षित करने और उन्हें बाद में निपटाने का आइडिया मिला. पुलिस ने कहा कि उसने यह सब खुद कहा "मुझे क्राइम पर आधारित वेब सीरीज और धारावाहिक देखने का शौक है और इन शो को देखने के दौरान ही डेड बॉडी को काटने और टुकड़ों में फेंकने का आइडिया आया." किसी को शक न हो इसके लिए उसने अपनी पार्टनर के सोशल मीडिया अकाउंट को भी अपडेट किया.

श्रद्धा के पिता ने की फांसी की मांग

श्रद्धा के पिता ने मंगलवार को घटना के पीछे 'लव जिहाद' का संदेह जताते हुए आरोपी के लिए मौत की सजा की मांग की. एएनआई से बात करते हुए श्रद्धा के पिता विकास वॉकर ने कहा, 'मुझे लव जिहाद का शक है. हम मांग करते हैं कि आफताब को मौत की सजा दी जाए. मुझे दिल्ली पुलिस पर भरोसा है क्योंकि जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है. मैं आफताब के संपर्क में कभी नहीं था. मैंने इस मामले में पहली शिकायत वसई (मुंबई) में दर्ज कराई थी.

आखिरी बार 2021 में हुई थी पिता की श्रद्धा से बात

श्रद्धा के पिता ने कहा, "मैंने आखिरी बार 2021 में श्रद्धा से बात की थी. मैं उससे अपने लिव-इन पार्टनर के बारे में और बताने के लिए कहा, लेकिन उसने ज्यादा कुछ नहीं बताया. मुझे नहीं पता था कि वह दिल्ली में शिफ्ट हो गई है. उसकी दोस्त ने मुझे बताया कि वह दिल्ली में है. इस बीच आफताब के पास सभी सबूत मिटाने के लिए बहुत समय था."

(The above story first appeared on LatestLY on Nov 16, 2022 12:29 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).