Shiv Sena’s Diamond Jubilee: शिवसेना का 60वां स्थापना दिवस; उद्धव और शिंदे गुट के लिए अस्तित्व और विरासत की बड़ी जंग, 'ऑपरेशन टायगर' की चर्चाओं से बढ़ा सियासी पारा
19 जून को शिवसेना के 60वें स्थापना दिवस पर उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे गुट के बीच पार्टी पर एकाधिकार और असली विरासत को साबित करने की बड़ी जंग होने जा रही है. विधानसभा के मानसून सत्र से ठीक पहले उभरे 'ऑपरेशन टायगर' के साये और सांसदों के संभावित दलबदल की अफवाहों ने इस स्थापना दिवस को बेहद संवेदनशील बना दिया है.
मुंबई, 17 जून: महाराष्ट्र (Maharashtra) की सियासत में आगामी 19 जून का दिन केवल एक ऐतिहासिक मील का पत्थर नहीं, बल्कि एक हाई-स्टेक सियासी अखाड़ा बनने जा रहा है. इस दिन दिवंगत बालासाहेब ठाकरे (Balasaheb Thackeray) द्वारा 1966 में स्थापित की गई मूल शिवसेना (Shivsena) अपने गठन के 60 वर्ष पूरे कर हीरा जयंती (Diamond Jubilee) वर्ष में प्रवेश कर रही है. राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों और मानसून सत्र से ठीक पहले आयोजित हो रहा यह स्थापना दिवस मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे, दोनों ही गुटों के लिए मनोवैज्ञानिक प्रभुत्व और संगठनात्मक ताकत का लिटमस टेस्ट बन गया है. इस बार का यह उत्सव केवल एक वार्षिक औपचारिकता न होकर, इस बात की निर्णायक लड़ाई है कि जमीन पर पारंपरिक मराठी मतदाताओं के बीच बालासाहेब की असली वैचारिक विरासत का हकदार कौन है. यह भी पढ़ें: ‘Operation Tiger’ Buzz In Maharashtra: महाराष्ट्र में फिर सियासी हलचल, शिवसेना UBT में फिर बगावत की आहट? सांसदों की बैठक के बाद बढ़े सियासी कयास
उद्धव गुट के सामने 'ऑपरेशन टायगर' के बीच अपनों को संभालने की चुनौती
शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे के लिए यह स्थापना दिवस अपने अस्तित्व और कैडर को एकजुट रखने की एक बेहद कठिन चुनौती लेकर आया है. वर्तमान में राजनीतिक गलियारों में "ऑपरेशन टायगर" (Operation Tiger) को लेकर जबरदस्त चर्चाएं हैं. अफवाहें हैं कि सत्ताधारी महायुति गठबंधन और विशेष रूप से शिंदे गुट द्वारा उद्धव कैंप के कई लोकसभा सांसदों और विधायकों को पाला बदलने के लिए बड़े वित्तीय प्रलोभन दिए जा रहे हैं. इन चर्चाओं के बीच शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने आरोप लगाया है कि उनके सांसदों को तोड़ने के लिए करोड़ों रुपये के ऑफर दिए जा रहे हैं.
इस बगावत की आशंका को टालने और एकजुटता दिखाने के लिए उद्धव ठाकरे ने मुंबई के षण्मुखानंद हॉल में भव्य स्थापना दिवस कार्यक्रम आयोजित किया है. बिना आधिकारिक नाम और 'तीर-कमान' प्रतीक के चुनाव लड़ रहे ठाकरे गुट के लिए इस मंच से कार्यकर्ताओं को रीचार्ज करना बेहद जरूरी है. उद्धव ठाकरे के सामने एक और बड़ी चुनौती महाविकास अघाड़ी (MVA) के अपने सहयोगियों (कांग्रेस और शरद पवार गुट) के धर्मनिरपेक्ष एजेंडे के साथ तालमेल बिठाते हुए अपने पारंपरिक और आक्रामक 'मराठी-हिंदुत्व' बेस को संतुष्ट रखने की है.
शिंदे गुट का दांव: कानूनी वैधता को जमीनी स्वीकार्यता में बदलना
दूसरी तरफ, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना गोरेगाव के नेस्को (NESCO) सेंटर में अपना स्थापना दिवस मना रही है. हालांकि निर्वाचन आयोग से आधिकारिक नाम और 'तीर-कमान' का चुनाव चिन्ह हासिल कर शिंदे गुट ने कानूनी लड़ाई जीत ली है, लेकिन उनके सामने अभी भी यह साबित करने की बड़ी राजनीतिक चुनौती है कि वे केवल भाजपा की छत्रछाया में काम करने वाला कोई टूटा हुआ धड़ा नहीं हैं.
शिंदे गुट के नेता और महाराष्ट्र के मंत्री प्रताप सरनाइक और विधान परिषद सदस्य कृपाल तुमाने ने दावा किया है कि उद्धव कैंप के कई सांसद और जमीनी कार्यकर्ता उनके संपर्क में हैं और वे बालासाहेब की विचारधारा से प्रेरित होकर शिंदे के साथ आ रहे हैं. एकनाथ शिंदे इस मंच का उपयोग खुद को बालासाहेब ठाकरे के विचारों के सच्चे वैचारिक उत्तराधिकारी के रूप में पेश करने के लिए करेंगे. वे लगातार यह तर्क देते रहे हैं कि उद्धव ठाकरे ने सत्ता के लिए कांग्रेस के साथ जाकर मूल सिद्धांतों से समझौता किया, जबकि उन्होंने (शिंदे ने) पार्टी की मूल आत्मा और 1966 के विज़न को बचाया है.
इतिहास के सबसे बड़े विभाजन का अंतिम दौर
शिवसेना ने अपने छह दशकों के सफर में छगन भुजबल (1990 के दशक), नारायण राणे (2005) और राज ठाकरे (2006) जैसे बड़े नेताओं की बगावत को झेला है, लेकिन साल 2022 में हुआ यह विभाजन अभूतपूर्व है. इस विभाजन ने न केवल नेताओं को बल्कि पार्टी के सिंबल, कार्यकर्ताओं के बेस और उसकी मूल पहचान को दो फाड़ कर दिया है. 19 जून की यह समानांतर जनसभाएं यह तय करने की दिशा में बड़ा कदम होंगी कि आगामी चुनावों में जनता किस गुट के नैरेटिव पर भरोसा करती है और महाराष्ट्र की इस सबसे प्रभावशाली राजनीतिक ब्रांड का असली मालिक कौन बनता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 17, 2026 03:13 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

