देश

Shibu Soren Dies: नहीं रहे झारखंड के पूर्व सीएम शिबू सोरेन, 81 साल की उम्र में निधन, जानें कैसा रहा उनका राजनीतिक सफर

शिबू सोरेन ने 1972 में झारखंड के आदिवासी समुदाय के अधिकारों के लिए एक राजनीतिक संगठन बनाने का निर्णय लिया. इसके तहत झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की स्थापना हुई.

Shibu Soren Dies: नहीं रहे  झारखंड के पूर्व  सीएम शिबू सोरेन, 81 साल की उम्र में निधन, जानें कैसा रहा उनका राजनीतिक सफर
(Photo Credits Facebook)

झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक और तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री रहे शिबू सोरेन का सोमवार को दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में निधन हो गया. वे 81 वर्ष के थे और लंबे समय से बीमार चल रहे थे. उनके निधन से झारखंड सहित पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है.

मुख्यमंत्री और उनके पुत्र हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर शोक व्यक्त करते हुए लिखा: “आदरणीय दिशोम गुरुजी हम सभी को छोड़कर चले गए हैं. आज मैं शून्य हो गया हूं. यह भी पढ़े: BREAKING NEWS: झारखंड के पूर्व CM शिबू सोरेन का निधन, JMM के दिग्गज नेता ने दुनिया को कहा अलविदा

शिबू सोरेन का राजनीतिक सफर

शुरुआत और पार्टी गठन:

शिबू सोरेन ने 1972 में झारखंड के आदिवासी समुदाय के अधिकारों के लिए एक राजनीतिक संगठन बनाने का निर्णय लिया. इसके तहत झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की स्थापना हुई. जिसके बाद उन्होंने 1977 में पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ा लेकिन हार गए. 1980 में उन्होंने जीत हासिल की और इसके बाद वे दुमका लोकसभा सीट से कई बार सांसद चुन कर आते रहे.

आदिवासी अधिकारों के लिए संघर्ष

शिबू सोरेन ने अपना पूरा जीवन आदिवासियों के हक और अधिकारों की लड़ाई में समर्पित कर दिया. उनके इस संघर्षशील जीवन के चलते उन्हें आदिवासी समाज में ‘दिशोम गुरु’ के नाम से जाना जाता है.

झारखंड राज्य आंदोलन

शिबू सोरेन झारखंड राज्य के गठन के प्रमुख नेताओं में से एक थे. उनके प्रयासों और जनआंदोलन के चलते वर्ष 2000 में झारखंड को बिहार से अलग कर एक स्वतंत्र राज्य का दर्जा मिला.

मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री

शिबू सोरेन तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री बने (2005, 2008 और 2009)

इसके साथ ही वे केंद्र सरकार में कोयला मंत्री भी रहे. हालांकि, उनके राजनीतिक जीवन में विवाद भी रहे कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में उन्हें जेल जाना पड़ा था.

पिता की हत्या से जीवन में मोड़

उनके पिता सोबरन सोरेन की ज़मींदारों द्वारा हत्या कर दी गई थी. इस घटना ने शिबू सोरेन के जीवन को एक निर्णायक मोड़ दिया और उन्होंने सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष का संकल्प लिया.

शिबू सोरेन का जन्म 11 जनवरी 1944 को हुआ

शिबू सोरेन का जन्म बिहार के हजारीबाग में 11 जनवरी 1944 को हुआ था. उन्हें दिशोम गुरु और गुरुजी के नाम से लोग जानते थे. उनके पिता सोबरन मांझी आदिवासी समुदाय से थे और काफी ज्यादा पढ़े-लिखे थे. बतौर शिक्षक उन्होंने अपने समुदाय के लिए कई जरूरी काम किए और तमाम मुद्दों पर आवाज उठाई.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 04, 2025 10:48 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).