Shardiya Navratri 2026: पीएम मोदी ने दी देशवासियों को नवरात्रि की शुभकामनाएं, सुख-शांति और समृद्धि की कामना की
अपने शुभकामना संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उम्मीद जताई कि मां जगदंबा की कृपा से सभी लोगों का जीवन खुशहाली और ऐश्वर्य से परिपूर्ण हो। उनके इस संदेश में इस उत्सव के उस धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व को रेखांकित किया गया है
Shardiya Navratri 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं. अपने संदेश में उन्होंने मां जगदंबा का आह्वान किया और सभी के जीवन में सुख, शांति तथा समृद्धि की कामना की है। इसके साथ ही देश भर में शक्ति की उपासना का नौ दिवसीय महापर्व शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ हो गया है.
प्रधानमंत्री ने की देशवासियों के कल्याण की कामना
अपने शुभकामना संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उम्मीद जताई कि मां जगदंबा की कृपा से सभी लोगों का जीवन खुशहाली और ऐश्वर्य से परिपूर्ण हो। उनके इस संदेश में इस उत्सव के उस धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व को रेखांकित किया गया है, जिसके तहत देश भर में पूरी श्रद्धा के साथ देवी दुर्गा और उनके नौ स्वरूपों की उपासना की जाती है. यह भी पढ़े: Sharad Navratri 2024 Sanskrit Wishes: शारदीय नवरात्रि पर इन संस्कृत WhatsApp Messages, Shlokas, Facebook Greetings को भेजकर कहें नवरात्रि-पर्वणः शुभाशयाः
पीएम मोदी का पोस्ट
11 अक्टूबर से शुरू हुआ शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व
इस वर्ष शारदीय नवरात्रि का आरंभ रविवार, 11 अक्टूबर से हो चुका है. यह नौ दिवसीय उत्सव पूरी तरह से देवी दुर्गा और उनके विभिन्न स्वरूपों की आराधना को समर्पित है. देश भर में श्रद्धालु विशेष प्रार्थनाओं, व्रतों, मंदिरों के दर्शन और पारंपरिक अनुष्ठानों के जरिए इस पर्व को मना रहे हैं. नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की विधि-विधान से पूजा की जाती है. यह पर्व 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी यानी दशहरा के साथ संपन्न होगा.
नवरात्रि का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में शामिल नवरात्रि बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है. इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है, और श्रद्धालु अपने तथा परिवार के अच्छे स्वास्थ्य, शक्ति और समृद्धि के लिए आशीर्वाद मांगते हैं. भारत के अलग-अलग हिस्सों में इस उत्सव को विभिन्न पारंपरिक तरीकों से मनाया जाता है, जिसमें धार्मिक आयोजनों से लेकर सामुदायिक प्रार्थनाएं, गरबा और डांडिया जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल हैं