UP Shamli Conversion Case: यूपी की शामली पुलिस की कार्रवाई, व्यापारी के बेटे के कथित जबरन धर्मांतरण के आरोप में फिजियोथेरेपिस्ट और उसके पिता गिरफ्तार
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: File Image)

UP Shamli Conversion Case:  उत्तर प्रदेश के शामली जिले में एक स्थानीय व्यापारी के 30 वर्षीय बेटे के कथित जबरन धर्म परिवर्तन का एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है. इस मामले में कार्रवाई करते हुए शामली पुलिस ने एक फिजियोथेरेपिस्ट युवती चांदनी कुरेशी और उसके पिता इस्लाम कुरेशी को गिरफ्तार किया है. पीड़ित के परिजनों का आरोप है कि उनके बेटे को सुनियोजित "निकाह ट्रैप" में फंसाकर न सिर्फ उसका धर्म परिवर्तन कराया गया, बल्कि उसकी पहचान भी बदल दी गई. इस घटना के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है और मामले की गहन जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है.

इलाज के दौरान दोस्ती और फिर कथित 'निकाह ट्रैप'

पुलिस में दर्ज प्राथमिकी (FIR) के अनुसार, पीड़ित युवक आयुष मलिक (30 वर्ष) बी-फार्मा स्नातक है और शामली में अपने परिवार के मेडिकल स्टोर के संचालन में मदद करता है. साल 2018 में पैर की चोट के इलाज के दौरान आयुष की मुलाकात एक स्थानीय अस्पताल में फिजियोथेरेपिस्ट के रूप में काम कर रही चांदनी कुरेशी से हुई थी.  यह भी पढ़े:  Nashik TCS Conversion Case: नासिक टीसीएस धर्मांतरण मामले में 42 दिनों की तलाशी के बाद मुख्य आरोपी निदा खान गिरफ्तार, SIT मांगेगी रिमांड (Watch Videos)

पीड़ित के पिता देवराज मलिक ने शिकायत में आरोप लगाया है कि चांदनी और उसके परिवार के सदस्यों ने धीरे-धीरे आयुष को अपने प्रभाव में ले लिया. आरोप है कि साल 2023 में आयुष को दिल्ली ले जाया गया, जहां कथित तौर पर उसका जबरन धर्मांतरण कराकर उसका नया नाम 'मोहम्मद अली' रख दिया गया. परिजनों का दावा है कि वहां उनका निकाह भी पढ़ावाया गया था, हालांकि पुलिस सूत्रों के अनुसार जांच में अभी तक किसी भी विवाह प्रमाण पत्र की पुष्टि नहीं हुई है.

करोड़ों की संपत्ति पर नजर और मानसिक दबाव का आरोप

व्यापारी देवराज मलिक ने पुलिस को बताया कि उन्हें हाल ही में अपने बेटे के धर्म और पहचान बदलने की भनक लगी. उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी पक्ष की नजर उनके परिवार की करोड़ों रुपये की संपत्ति पर है और वे उस पर कब्जा करने की साजिश रच रहे हैं.

शिकायत के अनुसार, आरोपी पिछले पांच वर्षों से आयुष की कमाई का आर्थिक लाभ उठा रहे थे. इसके साथ ही पीड़ित परिवार को विरोध करने पर गंभीर परिणाम भुगतने और जान से मारने की धमकियां भी दी जा रही थीं. पुलिस सूत्रों के अनुसार, वर्तमान में पीड़ित युवक पूरी तरह से दूसरे धर्म की जीवनशैली और पहनावे का पालन कर रहा है.

पुलिस की कार्रवाई और कानून के तहत मामला दर्ज

मामले की संवेदनशीलता और स्थानीय संगठनों द्वारा जताए गए कड़े विरोध के बाद, शामली पुलिस ने चांदनी कुरेशी और उसके पिता सहित कुल 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. प्राथमिकी में परिवार के सात सदस्यों और तीन मौलवियों को नामजद किया गया है.

शामली के पुलिस अधीक्षक (SP) नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं और उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम (Anti-Conversion Law) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय खुफिया इकाई (LIU) और एसआईटी को जांच का जिम्मा सौंपा गया है. पुलिस अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति व्यवस्था बनाए रखें. बाकी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं.