Rajasthan Viral Video: राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक घटना सामने आई है. जयपुर के पास विराटनगर क्षेत्र के लीला का बास गांव में एक बेटे ने अपनी मां के अंतिम संस्कार को रोक दिया, वो भी सिर्फ इसलिए क्योंकि उसे मां के पैरों के चांदी के कड़े और कुछ गहने चाहिए थे. यह घटना तीन मई की बताई जा रही है, लेकिन इसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. दरअसल, गांव की भूरी देवी का निधन हो गया था. उनके सात बेटे हैं. जब उनका शव अंतिम संस्कार के लिए श्मशान ले जाया गया, तब अचानक उनका पांचवां बेटा ओमप्रकाश चिता पर जाकर लेट गया.
उसने साफ शब्दों में कह दिया कि जब तक उसे मां के कड़े और बाकी गहने नहीं दिए जाते, वह चिता से नहीं उठेगा और अंतिम संस्कार नहीं होने देगा.
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श्मशान में चांदी के कड़े के लिए बेटे ने मचाया हंगामा
माँ के चांदी के कड़ो के लिए श्मशान में हंगामा कर चिता पर लेट गया बेटा, पहले बंटवारा फिर अंतिम संस्कार…! संस्कार से पहले ही संवेदनाएं हुई राख । क्या इतना नीचे गिर गया है मानवीय मूल्य…?
जयपुर के पास स्थित विराटनगर के लीलों का बास गांव की घटना । pic.twitter.com/SbYBJRQCPl
— Dr. Ram Pandey (@Dr_RamPandey) May 16, 2025
श्मशान में 2 घंटे तक चलता रहा हंगामा
करीब दो घंटे तक श्मशान में हंगामा चलता रहा। परिजन, रिश्तेदार और गांव वाले उसे समझाते रहे, लेकिन ओमप्रकाश अड़ा रहा. बताया जा रहा है कि ये सारे गहने बड़े बेटे गिरधारी को सौंप दिए गए थे, लेकिन ओमप्रकाश को यह मंजूर नहीं था.
आखिरकार घर से चांदी के कड़े और अन्य गहने लाकर ओमप्रकाश को दिए गए, तब जाकर वह चिता से हटा और फिर जाकर अंतिम संस्कार हो सका.
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
इस घटना का वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, लोगों में आक्रोश फैल गया. सभी यही सवाल कर रहे हैं कि क्या इंसान इतने नीचे गिर सकता है कि मां की चिता पर भी संपत्ति और जेवर के लिए अड़ जाए? यह मामला मानवीय संवेदनाओं को हिलाकर रख देता है.
माना जा रहा है कि ओमप्रकाश का अपने भाइयों से संपत्ति को लेकर पुराना विवाद चल रहा है. लेकिन जो तरीका उसने अपनाया, उसने सामाजिक मूल्यों को कलंकित कर दिया है.













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