Sexual Harassment: यौन उत्पीड़न का आरोपी स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती फरार, फर्जी यूएम नंबर प्लेट वाली गाड़ी जब्त
श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट के स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थ सारथी के खिलाफ कई स्टूडेंट्स ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. मामले का आरोपी फिलहाल फरार है. दिल्ली पुलिस ने बुधवार को बताया कि स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थ सारथी के खिलाफ साल 2009 और 2016 में यौन शोषण का मामला दर्ज है.
नई दिल्ली, 24 सितंबर : श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट के स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती (Swami Chaitanyananda Saraswati) उर्फ पार्थ सारथी के खिलाफ कई स्टूडेंट्स ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. मामले का आरोपी फिलहाल फरार है. दिल्ली पुलिस ने बुधवार को बताया कि स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थ सारथी के खिलाफ साल 2009 और 2016 में यौन शोषण का मामला दर्ज है. उस पर दिल्ली में कई छात्राओं से यौन उत्पीड़न का आरोप है. स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती के खिलाफ पहला मुकदमा डिफेंस कॉलोनी में और दूसरा वसंत कुंज नॉर्थ में दर्ज है. उस पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की छात्राओं को निशाना बनाने का आरोप है, जिन्हें ईडब्लूएस कोटे से छात्रवृत्ति मिली थी.
स्वामी चैतन्यानंद के खिलाफ 2009 में दिल्ली के डिफेंस कॉलोनी में धोखाधड़ी और छेड़छाड़ का मामला दर्ज किया गया था. 2016 में एक महिला ने वसंत कुंज में छेड़छाड़ का मामला दर्ज कराया था और वसंत कुंज नॉर्थ थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी. पुलिस ने बताया कि इस बार 17 छात्राओं ने चैतन्यानंद पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है. शिकायतों में अभद्र भाषा, अश्लील टेक्स्ट मैसेज और जबरन शारीरिक संपर्क के आरोप भी शामिल हैं. पीड़ित छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ महिलाओं और प्रशासनिक कर्मचारियों ने उन पर मांगों को मानने के लिए दबाव डाला था. यह भी पढ़ें : सोलापुर में भारी बारिश से बाढ़ का खतरा, सीना नदी उफान पर, वंदे भारत समेत कई ट्रेनें फंसीं, सड़क और रेल यातायात ठप
पुलिस ने एक बयान में कहा कि कई छात्राओं ने यह भी दावा किया कि आश्रम के वार्डन ने उन्हें आरोपी से मिलवाया था. अधिकारियों ने बताया कि आरोपी एक लग्जरी वॉल्वो कार चला रहा था, जिस पर संयुक्त राष्ट्र की नकली नंबर प्लेट (39 यूएन 1) लगी थी. जांच में पता चला कि यह नंबर प्लेट संयुक्त राष्ट्र ने जारी नहीं की थी, बल्कि चैतन्यानंद ने खुद इसे बनवाया था. कार को जब्त कर लिया गया है. दक्षिण-पश्चिम जिले के पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बताया कि आरोपी मामला दर्ज होने के बाद से ही फरार है. पुलिस टीमों ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की और अपराध स्थल और आरोपी के घर पर कई बार छापेमारी की. लेकिन, चैतन्यानंद अभी भी नहीं मिला है.
दक्षिणी पश्चिमी एडिशनल डीसीपी ऐश्वर्या सिंह ने बताया कि हमारे पास शिकायत आई थी. उसके बाद मामला दर्ज कर जांच की जा रही है. शिकायत करने वाली छात्राएं पीजीडीएम का कोर्स कर रही हैं. उन्होंने स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है. वह फिलहाल फरार चल रहे हैं. उनकी तलाश की जा रही है. उन्होंने बताया कि जांच के दौरान गाड़ी मिली थी, उसमें गलत नंबर लगा था, और उसका भी मुकदमा दर्ज किया गया है. इस संबंध में और छात्राओं से पूछताछ की जा रही है. कई मामलों में मुकदमा दर्ज हुआ है. एडिशनल डीसीपी ने बताया कि शिकायत अगस्त में मिली थी, उसके बाद उसकी जांच शुरू कर दी गई थी. छात्राओं से पूछताछ के बाद ही पता चलेगा कि उन्हें कब से परेशान किया जा रहा था.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 24, 2025 02:19 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

