Satta Matka: अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप 'परीमैच' पर ED का बड़ा एक्शन; 5 राज्यों में 17 ठिकानों पर छापेमारी, ₹2.11 करोड़ की संपत्ति और ₹61 लाख कैश जब्त
साइप्रस आधारित अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म 'परीमैच' के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच में प्रवर्तन निदेशालय की मुंबई जोनल शाखा ने बड़ी कार्रवाई की है. धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत जांच एजेंसी ने महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली, गुजरात और उत्तर प्रदेश के 17 ठिकानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया. इस कार्रवाई के दौरान ईडी ने करीब 61 लाख रुपये नकद, 1 किलोग्राम सोने की ईंट समेत लगभग 2.11 करोड़ रुपये की चल संपत्तियां जब्त की हैं और विभिन्न बैंक खातों में मौजूद ₹37 करोड़ की राशि फ्रीज कर दी है.
मुंबई: साइप्रस से संचालित अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म 'परीमैच' (Parimatch) और उससे जुड़ी इकाइयों के वित्तीय नेटवर्क पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ा प्रहार किया है. ईडी की मुंबई क्षेत्रीय इकाई ने 2 सितंबर को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत देश के पांच राज्यों में 17 स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया.
यह छापेमारी महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली, गुजरात और उत्तर प्रदेश में फैले संदिग्ध ठिकानों पर की गई. तलाशी के दौरान जांच एजेंसी ने नकदी, सोने की ईंट और आपत्तिजनक डिजिटल उपकरणों सहित लगभग ₹2.11 करोड़ की चल संपत्ति जब्त की तथा संबंधित बैंक खातों में जमा ₹37 करोड़ की धनराशि फ्रीज कर दी है. यह भी पढ़ें: Satta Matka, DPBoss: क्या भारत में सट्टा मटका अवैध है? जानें 2025 के नियम, कानूनी जोखिम और सजा के प्रावधान
₹61 लाख नकद और 1 किलो सोना बरामद
तलाशी अभियान के दौरान केंद्रीय जांच एजेंसी को हवाला ऑपरेटरों और वित्तीय बिचौलियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण साक्ष्य हाथ लगे हैं:
- जब्त संपत्तियां: ठिकानों से लगभग ₹61 लाख नकद और 1 किलोग्राम सोने की ईंट बरामद की गई.
- डिजिटल साक्ष्य: बड़ी संख्या में बैंक रिकॉर्ड, संदिग्ध वित्तीय दस्तावेज, लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं, जिनका उपयोग अवैध लेनदेन के समन्वय के लिए किया जा रहा था.
- अब तक कुल ₹150 करोड़ की जब्ती: ईडी अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे मामले में अब तक जब्त और फ्रीज की गई कुल संपत्तियों का मूल्य लगभग ₹150 करोड़ तक पहुंच चुका है.
अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप 'परीमैच' पर ED का बड़ा एक्शन
मुंबई साइबर पुलिस की प्राथमिकी से शुरू हुई थी जांच
ईडी की यह कार्रवाई मुंबई पुलिस के साइबर पुलिस स्टेशन द्वारा दर्ज एक प्राथमिकी (FIR) के आधार पर शुरू की गई थी:
- यूजर्स के साथ धोखाधड़ी: ऐप और वेबसाइट पर आकर्षक मुनाफे और उच्च रिटर्न का लालच देकर भारतीय नागरिकों को सट्टेबाजी में फंसाया जाता था.
- सालाना ₹3,000 करोड़ का खेल: जांच में सामने आया कि इस प्लेटफॉर्म ने महज एक वर्ष के भीतर भारतीय उपयोगकर्ताओं से ₹3,000 करोड़ से अधिक की भारी-भरकम राशि एकत्र की थी.
हवाला, क्रिप्टो और टूर ऑपरेटर्स के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग
जांच एजेंसी ने अवैध सट्टेबाजी से जुटाए गए धन को वैध दिखाने और विदेश भेजने के लिए इस्तेमाल किए गए बहुस्तरीय (Multi-layered) सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है:
- म्यूल और मर्चेंट खाते: सट्टेबाजी से आने वाले पैसे को पहले सैकड़ों फर्जी व 'म्यूल' (Mule) बैंक खातों और मर्चेंट खातों में डाला जाता था.
- कैश मैनेजमेंट और क्रिप्टो रूट: इसके बाद कैश मैनेजमेंट सिस्टम (CMS) और डोमेस्टिक मनी ट्रांसफर (DMT) एजेंटों के माध्यम से बैंकिंग फंड को बदला जाता था और नेटवर्क से जुड़े लोगों को नकद उपलब्ध कराया जाता था. उस नकद राशि को हवाला और क्रिप्टो ऑपरेटरों के जरिए यूएसडीटी (USDT) में बदलकर विदेश स्थित क्रिप्टो वॉलेट्स में ट्रांसफर कर दिया जाता था.
- टूर एंड ट्रैवल कंपनियों का दुरुपयोग: कम से कम ₹200 करोड़ की राशि दो भारतीय टूर एंड ट्रैवल ऑपरेटरों के खातों के जरिए घुमाई गई. इसमें कोई वास्तविक सेवा दिए बिना विदेशी ग्राहकों के नाम पर फर्जी क्रेडिट और विदेशों में कैश सेटलमेंट किया गया.
- फर्जी विदेशी निवेश (ODI): इसके अलावा लगभग ₹500 करोड़ की रकम को फर्जी विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (Overseas Direct Investment) और सेवाओं के फर्जी आयात के रूप में दर्शाकर जाली मूल्यांकन रिपोर्टों के सहारे विदेश भेजा गया.
ईडी अधिकारियों ने कहा है कि म्यूल बैंक खातों, हवाला चैनलों और विदेशी संपर्कों से जुड़े अन्य सहयोगियों की भूमिका की गहन पड़ताल जारी है और आने वाले दिनों में मामले में और भी संपत्तियां कुर्क की जा सकती हैं.