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Satara: सतारा में दर्दनाक हादसा; भारी बारिश के बीच करंट की चपेट में आया पूरा परिवार, एक-दूसरे को बचाने के चक्कर में 4 की मौत

महाराष्ट्र के सतारा जिले में मानसून की भारी बारिश के बीच दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. खामगांव में घर के बाहर गिरे बिजली के चालू तार की चपेट में आने से एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई. यह हादसा तब हुआ जब परिवार के सदस्य एक-दूसरे की जान बचाने की कोशिश कर रहे थे.

Satara: सतारा में दर्दनाक हादसा; भारी बारिश के बीच करंट की चपेट में आया पूरा परिवार, एक-दूसरे को बचाने के चक्कर में 4 की मौत

सतारा: महाराष्ट्र (Maharashtra) के सतारा (Satara) जिले से एक बेहद दर्दनाक और मन को झझकोर देने वाली घटना सामने आई है. जिले के फलटण तालुका स्थित खामगांव में बुधवार (8 जुलाई 2026) सुबह तड़के करंट लगने से एक ही परिवार के चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. पुलिस के मुताबिक, मानसून की भारी बारिश के बीच घर के बाहर एक हाई-वोल्टेज बिजली का तार टूटकर गिरा हुआ था. परिवार का मुखिया सबसे पहले इसकी चपेट में आया, जिसके बाद उसे बचाने की कोशिश में पत्नी, बेटा और बेटी भी एक-दूसरे को छूते चले गए और करंट के जोरदार झटके के कारण चारों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. यह भी पढ़ें: Mumbai Heavy Rain Alert: IMD का अलर्ट, मुंबई में अगले 3 घंटों में भारी बारिश की संभावना, BMC ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की

सुबह तड़के हुआ दिल दहला देने वाला हादसा

यह दर्दनाक हादसा खामगांव स्थित एक निजी इंग्लिश मीडियम स्कूल के पास सुबह करीब 5:30 से 6:00 बजे के बीच हुआ. पेशे से मजदूर सतीश उर्फ पिसुरड्या किसन शिंदे (45) सुबह हमेशा की तरह अपने घर से बाहर निकल रहे थे. लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और अंधेरे के कारण वे घर के बाहर जमीन पर गिरे बिजली के चालू केबल तार को नहीं देख पाए और अनजाने में उनका पैर उस पर पड़ गया.

तार के संपर्क में आते ही सतीश को बिजली का जोरदार झटका लगा और वे दर्द से चिल्लाने लगे. अपने पति को तड़पता देख पत्नी गंगुबाई शिंदे (40) उन्हें बचाने के लिए दौड़ीं, लेकिन वे भी करंट की चपेट में आ गई.  माता-पिता को इस हालत में देख बेटा सचिन शिंदे (26) और बेटी आरती शिंदे (24) भी एक-दूसरे को खींचकर बचाने के चक्कर में उसी वीजप्रवाह (विद्युत धारा) की चपेट में आ गए.

टूटे केबल के कारण फैला था करंट

सतारा के पुलिस अधीक्षक (SP) निखिल पिंगले ने बताया कि प्रारंभिक जांच से संकेत मिलता है कि इलाके में हो रही भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण मुख्य ओवरहेड पावर लाइन (ऊपरी बिजली के तारों) से टकराकर एक केबल टूट गई थी. जमीन पर गिरे होने के बावजूद इस टूटे तार में हाई-वोल्टेज करंट दौड़ रहा था.

घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीणों में हड़कंप मच गया. स्थानीय लोगों ने तुरंत बिजली विभाग को सूचित कर पावर सप्लाई बंद करवाई, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. सूचना मिलने पर फलटण ग्रामीण पुलिस स्टेशन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए फलटण उप-जिला अस्पताल भेजा.

लापरवाही और बुनियादी ढांचे की जांच शुरू

फलटण ग्रामीण पुलिस ने इस मामले में एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (ADR) दर्ज कर ली है. पुलिस और बिजली वितरण कंपनी (महावितरण) के अधिकारी संयुक्त रूप से इस बात की तकनीकी जांच कर रहे हैं कि तार टूटने के बाद भी उसमें ऑटोमैटिक पावर कट (बिजली कटना) क्यों नहीं हुआ. इस हादसे में किसी स्तर पर लापरवाही या बुनियादी ढांचे की विफलता की भूमिका की भी बारीकी से जांच की जा रही है.

मानसून में बिजली से जुड़े खतरों पर चेतावनी

सतारा की इस त्रासदी ने महाराष्ट्र में जारी मौजूदा मानसून सीजन के दौरान बारिश से जुड़ी बुनियादी ढांचागत सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. प्रशासन और मौसम विभाग ने नागरिकों के लिए गाइडलाइन जारी करते हुए अपील की है कि वे भारी बारिश और जलभराव के दौरान बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मर, खुले तारों और लटकती हुई केबलों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें.  इसके साथ ही, किसी को करंट लगने की स्थिति में बिना खुद को सुरक्षित किए या सूखी लकड़ी/प्लास्टिक की मदद के बिना सीधे हाथ से छूकर बचाने की कोशिश कतई न करें.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 08, 2026 12:28 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).