Saayoni Ghosh in NDA Meeting: 'मंगल मिलन' बैठक में शामिल हुईं सायोनी घोष, क्या एनडीए में शामिल होने की तैयारी?
तृणमूल कांग्रेस छोड़कर एनसीपीआई में शामिल हुईं सांसद सायोनी घोष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित एनडीए की 'मंगल मिलन' बैठक में भाग लिया. इस बैठक के बाद उनके एनडीए गठबंधन में शामिल होने और राजनीतिक रुख को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं.
नई दिल्ली: ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) (TMC) की पूर्व नेता और वर्तमान में एनसीपीआई (NCPI) सांसद सायोनी घोष (Saayoni Ghosh) 28 जुलाई को संसद भवन परिसर में आयोजित सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की 'मंगल मिलन' संसदीय दल की बैठक में शामिल हुईं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में उनके और बागी सांसदों के समूह की उपस्थिति ने देश के राजनीतिक हलकों में उनके भावी राजनीतिक कदमों को लेकर अटकलें तेज कर दी हैं.
टीएमसी से अलग होकर एनसीपीआई में शामिल होने वाले सभी 20 सांसदों ने पहली बार एनडीए की इस आधिकारिक रणनीति बैठक में भाग लिया. यह भी पढ़ें: West Bengal Crisis: ममता बनर्जी को बड़ा झटका; TMC के बागी गुट में शामिल हुईं जादवपुर की सांसद सायोनी घोष, बगावत के दस्तावेज पर किए हस्ताक्षर
एनडीए बैठक के बाद सायोनी घोष का बयान
संसद पुस्तकालय भवन में आयोजित बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए सायोनी घोष ने कहा:
"मैंने एनडीए की बैठक में भाग लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में यह एक बेहद समृद्ध और ज्ञानवर्धक बैठक थी.आज हमने मुक्त व्यापार समझौतों (FTAs) पर सकारात्मक चर्चा की."
इसके अतिरिक्त, उन्होंने संसद में पेश किए गए सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 (एंटी-पेपर लीक बिल) का समर्थन करते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य और देश की परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने वाले कानूनों पर सकारात्मक चर्चा होनी चाहिए.
एनडीए के 'मंगल मिलन' में सायोनी घोष
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एनसीपीआई की एनडीए से बढ़ती नजदीकी
टीएमसी के बागी सांसदों के एनसीपीआई में विलय के बाद से ही यह गुट एनडीए के साथ अपने संबंध मजबूत कर रहा है. एनसीपीआई की एक अन्य वरिष्ठ नेता और सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने बताया कि यह पहला मौका था जब उनकी पार्टी के सभी 20 सांसदों को एनडीए की 'मंगल मिलन' बैठक में आमंत्रित किया गया था.
इस बैठक में मुक्त व्यापार समझौतों, कृषि क्षेत्र के विकास और केंद्र सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं पर आंकड़े साझा किए गए.
'कंडोम विवाद' से एनडीए सहयोगी बनने तक का सफर
सायोनी घोष पश्चिम बंगाल की राजनीति में अपने मुखर बयानों और विभिन्न विवादों के कारण चर्चा में रही हैं:
- 2015 का सोशल मीडिया विवाद: वर्ष 2021 के चुनाव प्रचार के दौरान सायोनी घोष का 2015 का एक पुराना सोशल मीडिया पोस्ट वायरल हुआ था, जिसमें शिवलिंग पर कंडोम चढ़ाते हुए तस्वीर पोस्ट की गई थी. इस पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगा था. बाद में उन्होंने इसके लिए माफी मांगते हुए दावा किया था कि उनका अकाउंट हैक हो गया था.
- चुनाव प्रचार और वीडियो विवाद: चुनाव प्रचार के दौरान उनके कुछ वीडियो भी चर्चा में रहे, जिनमें वह एक बंगाली लोकगीत "काबा मेरे दिल में है..." गाती और बाद में हनुमान चालीसा का पाठ करती दिखी थीं. हालांकि, बाद के तथ्य-जांच (Fact-check) में स्पष्ट हुआ कि अलग-अलग राज्यों के वीडियो को जोड़कर भ्रामक तरीके से पेश किया गया था.
तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख महिला चेहरा रहीं सायोनी घोष का प्रधानमंत्री मोदी और एनडीए के शीर्ष नेताओं के साथ मंच साझा करना और सरकार के विधायी एजेंडे का समर्थन करना उनके राजनीतिक जीवन में एक बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है.