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Bengaluru Dog Attack: बेंगलुरु में घर के बाहर साइकिल चला रहे 12 साल के बच्चे पर रॉटवाइलर का हमला; मालिक के खिलाफ केस दर्ज, CCTV में कैद हुई घटना

कर्नाटक के बेंगलुरु में एक पालतू रॉटवाइलर कुत्ते द्वारा 12 वर्षीय मासूम बच्चे पर हमला कर उसे बुरी तरह काटने का मामला सामने आया है. बच्चा अपने घर के पास साइकिल चला रहा था, तभी खुला छूटा कुत्ता गेट से बाहर भागा और उसने बच्चे को दबोच लिया. पुलिस ने कुत्ते के मालिक के खिलाफ लापरवाही और आपराधिक धमकी का मामला दर्ज किया है.

Bengaluru Dog Attack: बेंगलुरु में घर के बाहर साइकिल चला रहे 12 साल के बच्चे पर रॉटवाइलर का हमला; मालिक के खिलाफ केस दर्ज, CCTV में कैद हुई घटना
कुत्ते का हमला (Photo Credits: File Image)

बेंगलुरु, 17 जून: कर्नाटक (Karnataka) की राजधानी बेंगलुरु (Bengaluru) के महादेवेपुरा (Mahadevapura) इलाके से पालतू कुत्ते (Pet Dog) के हमले की एक बेहद परेशान करने वाली घटना सामने आई है. यहां अपने घर के बाहर गली में साइकिल चला रहे एक 12 वर्षीय बच्चे पर पड़ोसी के पालतू रॉटवाइलर (Rottweiler) कुत्ते ने अचानक हमला कर दिया. कुत्ते ने बच्चे को दौड़ाकर उसके कूल्हे पर बुरी तरह काट लिया. यह पूरी घटना वहां लगे एक सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है. घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से बच्चे को अस्पताल पहुंचाया गया. महादेवेपुरा थाना पुलिस ने पीड़ित परिवार की शिकायत और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कुत्ते के मालिक और उसके परिवार के खिलाफ लापरवाही बरतने का आपराधिक मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. यह भी पढ़ें: Karnataka Dog Attack: विजयपुरा में 3 साल के मासूम पर आवारा कुत्ते का जानलेवा हमला; रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो आया सामने

गेट खुला मिलते ही बाहर भागा कुत्ता, बच्चे को दबोचा

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना 13 जून की दोपहर करीब 2:30 बजे की है. स्थानीय निवासी विपिन का 12 वर्षीय बेटा अपने घर के पास आवासीय सड़क पर साइकिल चला रहा था. इसी दौरान उनके पड़ोसी श्याम के घर का मुख्य गेट खुला रह गया, जिससे उनका खतरनाक नस्ल का पालतू रॉटवाइलर कुत्ता अचानक तेजी से बाहर निकल आया.

सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि कुत्ता बाहर आते ही सीधे साइकिल चला रहे बच्चे की तरफ लपका और उसे दौड़ाने लगा. घबराकर बच्चे ने भागने की कोशिश की, लेकिन कुत्ते ने उसे पकड़ लिया और उसके दाहिने कूल्हे पर दांत गड़ा दिए. बच्चे की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग तुरंत लाठी-डंडे लेकर मौके पर दौड़े और कड़ी मशक्कत के बाद मासूम को कुत्ते के चंगुल से छुड़ाया.

बेंगलुरु में कुत्ते के हमले का वीडियो

मालिक के परिवार ने बच्चे पर ही मढ़ा दोष, पुलिस में शिकायत दर्ज

इस भयानक हादसे के बाद पीड़ित बच्चे के पिता विपिन जब पड़ोसी श्याम के घर शिकायत करने पहुंचे, तो दोनों परिवारों के बीच तीखी बहस हो गई. विपिन ने सवाल उठाया कि इतना खतरनाक कुत्ता बिना पट्टे (Leash) के खुला कैसे घूम रहा था. पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, श्याम की पत्नी विजयलक्ष्मी ने अपनी गलती मानने के बजाय उल्टा पीड़ित बच्चे पर ही दोष मढ़ दिया. उन्होंने दावा किया कि बच्चे ने ही उनके कुत्ते को उकसाया था, जिसके बाद उसने हमला किया.

बात बढ़ने और पड़ोसी परिवार द्वारा कथित तौर पर डराने-धमकाने के बाद, विपिन ने महादेवेपुरा थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने कुत्ते के मालिक श्याम और उसके परिवार के खिलाफ लापरवाही से जीवन संकट में डालने और आपराधिक धमकी (Criminal Intimidation) की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है.

बेंगलुरु में लगातार बढ़ रहे हैं डॉग बाइट के मामले

बेंगलुरु में पालतू और हिंसक नस्ल के कुत्तों द्वारा आम नागरिकों पर हमले की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले फरवरी में, एचएसआर लेआउट (HSR Layout) इलाके में सुबह की सैर पर निकलीं 31 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर शालिनी दुबे पर एक पालतू रॉटवाइलर ने जानलेवा हमला कर दिया था. उस हमले में महिला को 80 से अधिक टांके आए थे और उनकी 8 घंटे लंबी सर्जरी करनी पड़ी थी. उस मामले में भी पुलिस ने कुत्ते के मालिक अमरेश रेड्डी को भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत गिरफ्तार किया था। वहीं पिछले साल दिसंबर में सुब्रमण्यपुरा में एक मकान मालिक द्वारा विवाद के दौरान अपने पालतू पिटबुल (Pit Bull) को दो किरायेदारों पर छोड़ देने का मामला भी सामने आ चुका है.

अदालती आदेश और जिम्मेदारी का कानून

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पूरे कर्नाटक में कुत्तों के काटने की घटनाओं में तेजी से वृद्धि हुई है.  पिछले वर्ष के शुरुआती 7 महीनों में ही राज्य में 2.81 लाख डॉग बाइट के मामले दर्ज किए गए थे, जो पिछले वर्षों की तुलना में 37 प्रतिशत अधिक थे. इन मामलों में बेंगलुरु अर्बन जिला शीर्ष पर था.

गौरतलब है कि मार्च 2024 में केंद्र सरकार ने रॉटवाइलर और पिटबुल सहित 23 "क्रूर और खतरनाक" (Ferocious) नस्लों के कुत्तों के प्रजनन और बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का एक सर्कुलर जारी किया था. हालांकि, कर्नाटक उच्च न्यायालय ने बाद में इस सर्कुलर को तकनीकी और परामर्श प्रक्रियाओं में कमियों के कारण रद्द कर दिया था. अदालत ने सर्कुलर रद्द करते हुए यह स्पष्ट किया था कि किसी भी नस्ल का कुत्ता हो, उसके मालिक को बेहद जिम्मेदार होना होगा. यदि पालतू जानवर किसी को नुकसान पहुंचाता है, तो उसके लिए पूरी तरह से मालिक को ही कानूनन जिम्मेदार ठहराया जाएगा और उसे हर्जाना व सजा भुगतनी होगी. पुलिस फिलहाल महादेवेपुरा मामले में आगे की कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर रही है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 17, 2026 06:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).