Uttarakhand Weather Update: उत्तराखंड में नदियों का जलस्तर चेतावनी निशान के पार, 132 सड़कें बंद; आज भी भारी बारिश का 'येलो अलर्ट'
उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से नदियां उफान पर हैं और हरिद्वार व ऋषिकेश में गंगा चेतावनी निशान को पार कर गई है. राज्य भर में भूस्खलन के कारण 132 सड़कें बंद हैं, जबकि मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, देहरादून और बागेश्वर समेत कई जिलों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है.
देहरादून: उत्तराखंड (Uttarakhand) में मानसून (Monsoon) का कहर लगातार जारी है. राज्य के पर्वतीय और मैदानी इलाकों में हो रही रुक-रुक कर भारी बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं. मौसम विज्ञान केंद्र ने शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश और वज्रपात का 'येलो अलर्ट' जारी किया है.
वहीं हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जैसे मैदानी जिलों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है. पिछले 24 घंटों में हुई बारिश से राज्य के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. यह भी पढ़ें: Weather Update 7 August 2026: देश के 15 राज्यों में भारी बारिश और 60 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी का अलर्ट; IMD का पूर्वानुमान
हरिद्वार और ऋषिकेश में चेतावनी स्तर के पार पहुंची गंगा
लगातार बारिश के कारण प्रदेश की प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है:
- हरिद्वार: मानसून सीजन में पहली बार गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी निशान (293 मीटर) को पार कर 30 मीटर दर्ज किया गया. हरिद्वार बैराज से इस सीजन का रिकॉर्ड 1.67 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिससे निचले इलाकों में अलर्ट घोषित कर दिया गया है.
- ऋषिकेश: ऋषिकेश में गंगा नदी 90 मीटर पर बह रही है, जो चेतावनी निशान से 25 सेमी ऊपर है. जलस्तर बढ़ने के कारण प्रसिद्ध त्रिवेणी घाट और परमार्थ निकेतन का आरती स्थल जलमग्न हो गया है.
- अन्य नदियां: रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी तथा चमोली में नंदाकिनी व पिंडर नदियां चेतावनी स्तर के करीब पहुंच गई हैं. पिथौरागढ़ में काली, गोरी और सरयू नदियां भी खतरे के निशान के पास बह रही हैं.
भूस्खलन के कारण 132 सड़कें बंद, आवागमन प्रभावित
पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और भूधंसाव के कारण आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है. राज्य में 4 राष्ट्रीय राजमार्ग (NH), 4 स्टेट हाईवे और 132 ग्रामीण सड़कें बंद पड़ी हैं.
| जिला | बंद सड़कों की संख्या |
| चमोली | 24 सड़कें |
| पिथौरागढ़ | 18 सड़कें (NH समेत) |
| पौड़ी | 17 सड़कें |
| टिहरी | 16 सड़कें |
| उत्तरकाशी | 15 सड़कें (बड़कोट-विकासनगर NH बंद) |
| बागेश्वर | 11 सड़कें |
| देहरादून | 10 सड़कें |
| नैनीताल | 9 सड़कें |
| रुद्रप्रयाग | 7 सड़कें |
| अल्मोड़ा | 5 सड़कें |
लोक निर्माण विभाग (PWD) और बीआरओ की टीमों द्वारा जेसीबी मशीनों की मदद से मलबे को हटाकर रास्तों को खोलने का काम जारी है.
मुख्य सचिव के निर्देश: बांधों से पानी छोड़ने पर सीमावर्ती राज्यों को भेजें अलर्ट
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सभी जिलों के अधिकारियों को 24 घंटे नदियों के जलस्तर पर निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं.
उन्होंने कहा कि बांधों और बैराजों से पानी छोड़े जाने की स्थिति में डाउनस्ट्रीम (निचले क्षेत्रों) में रहने वाले लोगों को समय रहते सूचित किया जाए. आवश्यकता पड़ने पर उत्तर प्रदेश जैसे सीमावर्ती राज्यों को भी पूर्व अलर्ट भेजा जाए ताकि किसी भी आपदा के जोखिम को कम किया जा सके.