राम मंदिर ट्रस्ट ने दिखाई 5 करोड़ की सोने की रामचरितमानस; कहा- श्रद्धालुओं का सारा चढ़ावा सुरक्षित, SIT रिपोर्ट पर 22 जुलाई को होगी बैठक (Watch Video)

अयोध्या: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust) ने मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दान किए गए "उच्च गुणवत्ता वाले" आभूषणों और कीमती सामानों के गायब होने के आरोपों पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है. सोमवार को एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद, ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित की गई मूल्यवान वस्तुओं को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया और दावा किया कि मंदिर का सारा चढ़ावा पूरी तरह सुरक्षित और रिकॉर्ड में दर्ज है. प्रदर्शित की गई वस्तुओं में मुख्य रूप से 5 करोड़ रुपये मूल्य की स्वर्ण-मंडित (गोल्ड-प्लेटेड) रामचरितमानस (Ramcharitmanas) शामिल थी, जिसे लेकर हाल ही में विवाद खड़ा हुआ था. यह भी पढ़ें: अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट का बड़ा फैसला: चंपत राय का इस्तीफा स्वीकार, बजरंग बागरा बने नए महासचिव

5 करोड़ की स्वर्ण-मंडित रामचरितमानस और उपहारों का प्रदर्शन

अयोध्या में संवाददाताओं से बात करते हुए ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी जी महाराज ने आधिकारिक रजिस्टर का हवाला देते हुए कई मूल्यवान आभूषणों को दिखाया. उन्होंने कहा कि मीडिया और जनता में यह अफवाह फैलाई जा रही थी कि मंदिर के कई कीमती और उच्च गुणवत्ता वाले उपहार बिना किसी सुराग के गायब हो गए हैं। इस भ्रम को दूर करने के लिए ट्रस्ट ने उन विशिष्ट वस्तुओं को नमूने के तौर पर पेश किया है, जिन पर चर्चा हो रही थी.

पूर्व केंद्रीय गृह सचिव एस. लक्ष्मी नारायणन ने हाल ही में शिकायत की थी कि उनके द्वारा दान की गई स्वर्ण-मंडित रामचरितमानस को गर्भगृह से हटाकर सुरक्षा कक्ष में रख दिया गया था. हालांकि, उन्होंने बाद में स्पष्ट किया कि उनकी शिकायत के बाद इस पवित्र ग्रंथ को वापस आदरपूर्वक नियत स्थान पर स्थापित कर दिया गया है.

राम मंदिर ट्रस्ट ने चोरी के आरोपों के बीच भक्तों के दान का ब्योरा दिखाया; कहा कि सभी 2,800 चढ़ावे सुरक्षित हैं

ट्रस्ट के रजिस्टर में 2,800 से अधिक वस्तुएं सुरक्षित

स्वामी गोविंद देव गिरी ने बताया कि ट्रस्ट के पास वर्तमान में लगभग 2,800 से अधिक दान की गई वस्तुओं का एक विस्तृत और प्रामाणिक रजिस्टर मौजूद है. उन्होंने आश्वासन दिया कि इस सूची में शामिल एक-एक वस्तु पूरी तरह सुरक्षित है. पारदर्शिता को और अधिक मजबूत करने के लिए ट्रस्ट अपनी प्रक्रियाओं को और कड़ा करने जा रहा है.

ट्रस्ट के आंकड़ों के अनुसार, उन्हें अब तक श्रद्धालुओं से लगभग 2,926 मूल्यवान उपहार प्राप्त हुए हैं. यदि कोई श्रद्धालु अपने द्वारा दिए गए चढ़ावे के उपयोग या उसकी स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त करना चाहता है, तो वह ट्रस्ट के अधिकारियों से समय (अपॉइंटमेंट) लेकर अयोध्या में इसकी पुष्टि कर सकता है.

चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार

यह विवाद तब और गहरा गया था जब चढ़ावे की कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे. सोमवार को हुई इस उच्च स्तरीय मैराथन बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे को औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया गया है.

इन दोनों पदाधिकारियों ने जून के आखिरी हफ्ते में ही अपने इस्तीफे की पेशकश की थी. ट्रस्ट ने उनकी जगह पूर्व प्रशासनिक अधिकारी (IFS) और आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारी कृष्णा मोहन को अंतरिम कार्यवाहक महासचिव नियुक्त किया है.

22 जुलाई को SIT रिपोर्ट पर होगी अगली समीक्षा

चढ़ावे की चोरी के मामले की जांच वर्तमान में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) कर रहा है. मामले में अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है.

ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि "चोरी तो चोरी होती है" और दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए. ट्रस्ट की अगली महत्वपूर्ण बैठक अब 22 जुलाई को निर्धारित की गई है. उम्मीद जताई जा रही है कि तब तक एसआईटी (SIT) अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप देगी, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और नए ट्रस्टियों की नियुक्ति पर भी विचार होगा.