राजस्थान: किसान ने चोरी और परिवार से बचाने के लिए खेत में गाड़े ₹5 लाख, दीमक ने टुकड़े-टुकड़े कर पूरी रकम कर दी बर्बाद; VIDEO
राजस्थान के बालोतरा जिले में एक किसान ने परिवार से छुपाकर खेत में ₹5 लाख रुपये जमीन में गाड़ दिए. एक साल बाद जब ट्रैक्टर से जुताई के दौरान पैसे मिले, तब तक दीमक पूरे नोटों को खाकर बर्बाद कर चुकी थी. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
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Rajasthan News: राजस्थान के बालोतरा जिले से एक अनोखा और हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां पचपदरा निवासी एक किसान ने परिवार से छुपाकर और चोरी होने के डर से ₹5 लाख रुपये खेत में गड्ढा खोदकर दबा दिए थे. एक साल बाद जब यह रकम बरामद हुई, तो उसे दीमक पूरी तरह चाट चुकी थी.
सोशल मीडिया मंच X (पूर्व में ट्विटर) पर इस घटना का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें किसान का परिवार कटे-फटे और दीमक के खाए हुए नोटों को दिखाता हुआ नजर आ रहा है. यह भी पढ़े: RBI Warns About Fake Notes: बाजार में आई 50 और 200 के नकली रुपयों की बाढ़, ऐसे चेक करें आपके वॉलेट में पड़ा रुपया असली है या नकली
दीमक ने कुतरे पैसे
Rajasthan | Farmer Buries ₹5 Lakh in Field, Termites Destroy Cash
A farmer, Mangilal Meghwal, reportedly buried ₹5 lakh in cash in his field in Neawai village, Balotra, for safekeeping. He later forgot the exact spot and, despite his family searching several parts of the 10… pic.twitter.com/HOUZQeHFCG
— SA News Karnataka (@sanewsKarnataka) August 9, 2026
खेत में कमरे के निर्माण के लिए जुटाए थे पैसे
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पचपदरा के रहने वाले किसान मांगीलाल मेघवाल अपने खेत पर एक कमरा बनवाना चाहते थे. इसके लिए उन्होंने ₹5 लाख की राशि जुटाई थी.
मांगीलाल को डर था कि अगर यह बात परिवार को पता चली तो वे पैसे खर्च कर देंगे. साथ ही घर में रखने पर चोरी होने की आशंका थी. इसलिए उन्होंने करीब एक साल पहले रात के अंधेरे में प्लास्टिक की थैली में पैसे लपेटकर अपने खेत में गड्ढा खोदकर दबा दिए.
भूलने की बीमारी के कारण नहीं मिला गड्ढा
किसान मांगीलाल को शराब पीने की आदत है और वे अक्सर चीजें भूल जाते हैं. जब कुछ समय बाद उन्हें कमरे का निर्माण शुरू करने के लिए पैसों की जरूरत हुई, तो वे खेत में वह जगह भूल गए जहां उन्होंने रकम दबाई थी.
मांगीलाल के पास कुल 10 बीघा जमीन है. उन्होंने अकेले ही कई दिनों तक खेत में जगह-जगह खुदाई की, लेकिन पैसे नहीं मिले. परेशान होकर उन्होंने अपने पत्नी और बेटों को सच बताया. शुरुआत में परिजनों को यकीन नहीं हुआ, लेकिन बाद में पूरे परिवार ने मिलकर कई दिनों तक खेत खोदा, फिर भी कोई सुराग नहीं मिला.
ट्रैक्टर से जुताई के दौरान बाहर आई प्लास्टिक की थैली
करीब एक साल बाद मानसून आने पर जब परिवार ने बुवाई के लिए ट्रैक्टर से खेत की जुताई कराई, तो हल के साथ वह प्लास्टिक की थैली जमीन से बाहर आ गई.
अगली सुबह जब मांगीलाल की पत्नी और बेटा खेत में काम कर रहे थे, तो उनकी नजर उस थैली पर पड़ी. थैली खोलने पर उसमें वही ₹5 लाख रुपये मिले, लेकिन सालभर तक नमी और मिट्टी में रहने के कारण दीमक ने नोटों को पूरी तरह नष्ट कर दिया था.
बैंकों ने बदले फटे नोट लेने से किया इंकार
बर्बाद हो चुके नोटों को लेकर परिवार भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की पचपदरा शाखा पहुंचा, लेकिन नोटों की खराब स्थिति को देखते हुए बैंक ने उन्हें स्वीकार करने से मना कर दिया. इसके बाद वे बालोतरा स्थित एसबीआई की मुख्य शाखा गए, जहां बैंक प्रबंधक ने उन्हें जयपुर शाखा जाने की सलाह दी.
हालांकि, पीड़ित परिवार का कहना है कि उनके पास जयपुर जाने के साधन नहीं हैं और वे कटे-फटे नोट बदलने की जटिल प्रक्रिया से अनजान हैं. इस घटना के बाद किसान मांगीलाल को अपने फैसले पर पछतावा है, वहीं परिवार में मायूसी का माहौल है.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 10, 2026 12:17 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

