टोंक (राजस्थान): राजस्थान (Rajasthan) के टोंक जिले के टोडारायसिंह कस्बे (Todaraisingh Town) में रविवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक तेंदुआ (Leopard) जंगल से भटककर सीधे इंसानी बस्ती में आ पहुंचा. व्यावसायिक क्षेत्र में दाखिल हुए पैंथर ने तीन लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया.
हमले के बाद तेंदुआ एक शराब की दुकान में घुस गया, जहाँ सेल्समैन की सूझबूझ से एक बड़ा हादसा होने से टल गया. सेल्समैन ने खुद को बचाते हुए पैंथर को दुकान के भीतर ही ताला लगाकर बंद कर दिया. जयपुर से बुलाई गई वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने लगभग 5 घंटे की मशक्कत के बाद पैंथर को ट्रेंकुलाइजर (टैंकुलाइजिंग गन) की मदद से सुरक्षित काबू में कर लिया. यह भी पढ़ें: Leopard Attack Video: उत्तराखंड के हरिद्वार में तेंदुए ने कुत्ते पर किया हमला, झुंड में आए कुत्तों ने खदेड़ा
वन मित्र पर सबसे पहले झपटा पैंथर
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, घटना रविवार सुबह लगभग 8:45 बजे शुरू हुई. टोडारायसिंह कस्बे की झाड़ियों में पैंथर देखे जाने की सूचना मिलने पर 'वन मित्र' (वन विभाग का स्वयंसेवक) राकेश मौके पर स्थिति का जायजा लेने पहुंचे.
जैसे ही राकेश झाड़ियों के पास पहुंचे, पैंथर ने उन पर हमला कर दिया. इस हमले के बाद पैंथर लगभग 400 मीटर दौड़कर पास के एक कमर्शियल इलाके में पहुंच गया.
राजस्थान में तेंदुए का हमला कैमरे में कैद
A panther attacked a men in a wine shop in Todaraisingh town of Tonk district, Rajasthan. #Tonk #टोंक #Todaraisingh pic.twitter.com/siCt8YzT1l
— naresh (@nareshgour001) July 20, 2026
शराब की दुकान के बाहर और अंदर दो लोगों पर हमला
झाड़ियों से निकलकर पैंथर सीधे शराब की दुकान के पास पहुंचा. दुकान के बाहर बैठे फतेह लाल कोली (40) पर पैंथर ने पंजा मारकर उन्हें घायल कर दिया. इसके बाद वह दुकान के अंदर घुसा और वहां मौजूद सेल्समैन संजय गुर्जर (25) पर झपट पड़ा.
घायल होने के बावजूद सेल्समैन संजय ने गजब का साहस दिखाया. उसने तुरंत दुकान से बाहर छलांग लगाई और बाहर से शटर/दरवाजा बंद कर पैंथर को दुकान के अंदर ही कैद कर दिया, जिससे पैंथर बाजार के अन्य भीड़भाड़ वाले हिस्सों में नहीं जा सका.
5 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन, जयपुर से पहुंची टीम
पैंथर के दुकान में बंद होने की खबर के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी. दोपहर करीब 2:00 बजे जयपुर से विशेषज्ञ वन्यजीव डॉक्टरों और रेस्क्यूअर्स की टीम टोडारायसिंह पहुंची.
लगभग 5 घंटे तक चले जटिल ऑपरेशन के बाद विशेषज्ञों ने खिड़की/रोशनदान के जरिए पैंथर को बेहोश करने का इंजेक्शन (Tranquilizer) दिया और उसके बेहोश होने के बाद उसे पिंजरे में सुरक्षित बाहर निकाला.
घायलों का इलाज जारी
हादसे के बाद स्थानीय लोगों की मदद से तीनों घायलों को तुरंत पास के सीएचसी अस्पताल ले जाया गया. प्राथमिक उपचार के बाद वन मित्र राकेश को छुट्टी दे दी गई, जबकि गंभीर चोटों के कारण संजय गुर्जर और फतेह लाल कोली को आगे के इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया.
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, भोजन और पानी की तलाश में पैंथर पास के पहाड़ी या जंगलाती क्षेत्र से भटककर आबादी वाले इलाके में आ गया था. रेस्क्यू किए गए पैंथर को स्वास्थ्य परीक्षण के बाद वापस सुरक्षित प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया जाएगा.













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