Rajasthan Civic Poll Results: अजमेर में 36 साल बाद टूटा BJP का तिलिस्म; 37 वार्ड जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी कांग्रेस, 11 निर्दलीय बने 'किंगमेकर'
राजस्थान निकाय चुनाव 2026 के नतीजों में अजमेर नगर निगम में बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिला है। नगर निगम के कुल 80 वार्डों में से कांग्रेस 37 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जबकि पिछले 36 वर्षों से निगम पर काबिज भारतीय जनता पार्टी (BJP) 32 सीटों पर सिमट गई है। 11 वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है. 41 सीटों के जादुई बहुमत के आंकड़े तक किसी भी दल के न पहुंचने के कारण अब बोर्ड गठन और मेयर पद के चुनाव में निर्दलीय पार्षद 'किंगमेकर' की भूमिका में आ गए हैं.
जयपुर/अजमेर: राजस्थान के शहरी निकाय चुनाव 2026 की मतगणना में अजमेर नगर निगम के नतीजों ने राजनीतिक विश्लेषकों को चौंका दिया है. भारतीय जनता पार्टी के तीन दशक से अधिक पुराने राजनीतिक गढ़ में कांग्रेस ने जोरदार सेंध लगाते हुए 80 में से 37 वार्डों में जीत हासिल की है.
वहीं, पिछले 36 वर्षों से अजमेर नगर निगम के बोर्ड पर काबिज रहने वाली सत्तारूढ़ भाजपा को इस बार 32 सीटों से ही संतोष करना पड़ा है. किसी भी दल को पूर्ण बहुमत (41 सीटें) न मिलने के कारण 11 निर्दलीय पार्षदों की भूमिका नगर निगम बोर्ड और मेयर के चुनाव में निर्णायक हो गई है.
पिछले चुनाव के मुकाबले भाजपा को बड़ा नुकसान
पिछले नगर निगम चुनाव के आंकड़ों से तुलना करें तो इस बार समीकरण पूरी तरह बदल चुके हैं:
- 2021 की स्थिति: पिछले चुनाव में भाजपा ने 48 वार्ड जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया था, जबकि कांग्रेस केवल 18 सीटों पर सिमट गई थी. उस समय राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) को 1 और निर्दलीयों को 13 सीटें मिली थीं.
- 2026 का बदलाव: इस बार कांग्रेस ने अपनी सीटों की संख्या 18 से बढ़ाकर 37 कर ली, जबकि भाजपा 48 से घटकर 32 पर आ गई है.
- The Hans India की रिपोर्ट के अनुसार, 36 साल बाद भाजपा के हाथ से निगम का सीधा नियंत्रण फिसलना पार्टी के स्थानीय संगठन के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है.
मेयर की प्रबल दावेदार मधु शेखावत हारीं, वार्ड 59 में बड़ा उलटफेर
मतगणना के दौरान सबसे बड़ा सियासी उलटफेर वार्ड संख्या 59 में देखने को मिला:
- मेयर पद की दावेदार की हार: पूर्व सभापति सुरेंद्र सिंह शेखावत की पत्नी और भाजपा की ओर से मेयर पद की सबसे मजबूत दावेदार मानी जा रहीं मधु शेखावत चुनाव हार गईं. उन्हें कांग्रेस प्रत्याशी बबीता चौहान ने शिकस्त दी.
- विधानसभा अध्यक्ष के गढ़ में मोनिका जैन जीतीं: राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के प्रभाव वाले वार्ड 4 से कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुईं मोनिका जैन ने जीत हासिल की.
- पूर्व महापौर की पत्नी पराजित: भाजपा से बगावत कर अलग राह चुनने वाले पूर्व महापौर धर्मेंद्र गहलोत की पत्नी हेमा गहलोत को भी इस चुनाव में पराजय का सामना करना पड़ा.
युवाओं और बागियों की जीत ने खींचा ध्यान
इस चुनाव में कुछ व्यक्तिगत जीतों ने भी विशेष ध्यान आकर्षित किया है:
- सबसे युवा पार्षद कश्यपी सांखला: वार्ड संख्या 80 से भाजपा नेता चंद्रेश सांखला की 21 वर्षीय पुत्री कश्यपी सांखला ने जीत हासिल की. वह इस निकाय चुनाव में जीतने वाली सबसे कम उम्र की पार्षदों में शुमार हैं.
- बागी रूबी जैन की निर्दलीय जीत: वार्ड 74 से भाजपा की पूर्व पार्षद रूबी जैन ने टिकट न मिलने पर निर्दलीय ताल ठोकी थी। जीत के बाद उन्होंने इसे जनता की जीत बताते हुए कहा कि क्षेत्रवासियों के आग्रह पर ही उन्होंने पर्चा भरा था.
65.48 फीसदी हुआ था मतदान; अब 'बाड़ेबंदी' और जोड़-तोड़ की तैयारी
Navbharat Times के अनुसार, अजमेर नगर निगम के 80 वार्डों में 360 उम्मीदवार मैदान में थे, जिनमें भाजपा के 79, कांग्रेस के 77 और 204 निर्दलीय व अन्य दलों के प्रत्याशी शामिल थे।. कुल 4,38,039 मतदाताओं में से 2,86,823 लोगों ने वोट डाले थे और कुल मतदान 65.48 प्रतिशत दर्ज किया गया था.
त्रिशंकु परिणाम आने के बाद अब दोनों ही प्रमुख दलों ने 11 निर्दलीय पार्षदों को अपने पाले में लाने के लिए राजनीतिक संपर्क साधने शुरू कर दिए हैं. निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार:
- मेयर का चुनाव: 21 सितंबर 2026 को कराया जाएगा.
- डिप्टी मेयर का चुनाव: 22 सितंबर 2026 को संपन्न होगा.
क्रॉस वोटिंग और जोड़-तोड़ से बचने के लिए दोनों खेमों में चुने गए पार्षदों की बाड़ेबंदी की संभावना तेज हो गई है.