रेल मंत्रालय ने अतिरिक्त कमाई के लिए रेलवे करेगा स्टेशनों की को-ब्रांडिंग
रेल मंत्रालय ने रेलवे की अतिरिक्त कमाई के लिए कई स्टेशनों के नाम की को-ब्रांडिंग के लिए गाइडलाइंस जारी की हैं. को-ब्राइंडिंग का मतलब है कि स्टेशन के नाम के साथ ब्रांड का नाम जोड़ा जाएगा. भारतीय रेलवे के अनुसार को-ब्रांडिंग का मकसद गैर-किराए वाला रेवेन्यू बढ़ाना है.
नई दिल्ली, 05 मार्च : रेल मंत्रालय ने रेलवे की अतिरिक्त कमाई के लिए कई स्टेशनों के नाम की को-ब्रांडिंग के लिए गाइडलाइंस जारी की हैं. को-ब्राइंडिंग का मतलब है कि स्टेशन के नाम के साथ ब्रांड का नाम जोड़ा जाएगा. भारतीय रेलवे के अनुसार को-ब्रांडिंग का मकसद गैर-किराए वाला रेवेन्यू बढ़ाना है. हालांकि स्टेशन के नाम के साथ ब्रांड के नाम को जोड़े जाने के बाद भी टाइमटेबल, वेबसाइट, टिकट घोषणाओं और रूट मैप में स्टेशन का ओरिजनल नाम ही रहेगा. इसके मद्देनजर आने वाले दिनों में यात्रियों को भारतीय रेलवे स्टेशनों पर कमर्शियल ब्रांडिंग देखने को मिल सकती है. मंत्रालय की ओर से जारी गाइडलाइंस के अनुसार विज्ञापन देने वाली कंपनी की ब्रांडिंग स्टेशन परिसर में उस हर जगह पर होगी, जहां-जहां स्टेशन का नाम लिखा है. यह नाम स्टेशन के नाम से पहले भी जुड़ सकता है और बाद में भी. ऐसा डीएमआरसी (दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन) पिछले कई सालों से कर रही है जबकि टाइमटेबल, टिकट घोषणाओं और रूट मैप में स्टेशन का ओरिजनल नाम ही रहेगा.
खासबात ये है कि रेलवे हेरिटेज बिल्डिंग या स्टेशनों के नाम के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं करेगी. या ऐसे स्टेशन जिनके नाम किसी लोकप्रिय हस्ती के नाम पर रखे गए हैं, उन स्टेशनों पर को-ब्रांडिंग नहीं की जाएगी. मंत्रालय की ओर से जारी गाइडलाइंस के अनुसार विज्ञापन देने वाली कंपनी की ब्रांडिंग स्टेशन परिसर में हर उस जगह पर होगी, जहां-जहां स्टेशन का नाम लिखा है. पूरे परिसर में स्टेशन के नाम के साथ ब्रांड का नाम जोड़ा जाएगा. हालांकि को-ब्रांडिंग के वक्त ये जरूर ध्यान रखा जाएगा कि कोई राजनीतिक, धार्मिक, एल्कोहल या तंबाकू बेचने वाली कंपनी का विज्ञापन न हो. को-ब्रांडिंग में किसी व्यक्ति के नाम का इस्तेमाल भी नहीं किया जायेगा. रेलवे मंत्रालय की से जारी पत्र में कहा गया है कि अगर कोई स्टेशन क्षेत्र व देश के महापुरूष के नाम से अंकित है तो उस स्टेशन के नाम से पहले व बाद में व्यक्ति विशेष का नाम नहीं जुड़ पाएगा. यह भी पढ़ें : Srinagar Fire Breaks: श्रीनगर के बोन एंड ज्वाइंट हॉस्पिटल में भीषण आग
ये ठीक उसी तरह है जैसे पिछले कई वर्षों से मोबाइल कंपनी या अन्य कंपनी का नाम आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) के साथ जोड़ा जाता रहा है. उसी तर्ज पर कंपनियां रेलवे स्टेशनों के नाम के साथ ब्रांड का नाम जोड़ दिया जाएगा. इस ब्रांडिंग के बदले रेलवे कंपनियों से अच्छा मुनाफा कमाएगा. स्टेशन को ब्रांडिंग के लिए एक बार में एक वर्ष से लेकर तीन वर्षों के लिए आवंटित किया जाएगा. इस दौरान विज्ञापन पैनल, होडिंग के रख रखाव की जिम्मेवारी संबंधित व्यक्ति की होगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 05, 2022 09:58 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

