Pune: गणेशोत्सव और नवरात्रि से पहले PMC की नई गाइडलाइंस, सड़कें-फुटपाथ अतिक्रमण मुक्त रखने और ध्वनि प्रदूषण पर सख्ती के निर्देश

रिपोर्ट के अनुसार, पिछले वर्षों में जिन गणेश मंडलों, स्वागत द्वारों और अस्थायी संरचनाओं को अनुमति दी गई थी, उन्हें निर्धारित शर्तों के अधीन मान्य माना जाएगा. हालांकि, इस साल जो आयोजक नए पंडाल या संरचनाएं स्थापित करने की योजना बना रहे हैं, उन्हें तय प्रक्रिया के तहत नई अनुमति प्राप्त करनी होगी.

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पुणे: आगामी त्योहारों के सीजन को देखते हुए पुणे नगर निगम (PMC) ने गणेशोत्सव और नवरात्रि उत्सवों के आयोजन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश (गाइडलाइन्स) जारी किए हैं. इन नियमों का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों की सुरक्षा, सुचारू ट्रैफिक प्रबंधन, ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.

नगर निगम के अनुसार, इस वर्ष गणेशोत्सव 14 सितंबर से 24 सितंबर तक मनाया जाएगा. PMC आयुक्त नवल किशोर राम ने त्योहार आयोजकों और शहर के निवासियों से अपील की है कि वे यह सुनिश्चित करें कि उत्सवों के दौरान आम लोगों, वाहनों की आवाजाही और पैदल चलने वालों को कोई असुविधा न हो.  यह भी पढ़े:  Ganeshotsav 2025: महाराष्ट्र का 'राज्य उत्सव' बना गणेशोत्सव, अब सरकार उठाएगी जश्न का पूरा खर्च

नए पंडालों और स्वागत द्वारों के लिए अनुमति अनिवार्य

 रिपोर्ट के अनुसार, पिछले वर्षों में जिन गणेश मंडलों, स्वागत द्वारों और अस्थायी संरचनाओं को अनुमति दी गई थी, उन्हें निर्धारित शर्तों के अधीन मान्य माना जाएगा. हालांकि, इस साल जो आयोजक नए पंडाल या संरचनाएं स्थापित करने की योजना बना रहे हैं, उन्हें तय प्रक्रिया के तहत नई अनुमति प्राप्त करनी होगी.

अनुमति की प्रक्रिया को सरल बनाने और उत्सव से जुड़ी व्यवस्थाओं के लिए नगर निगम ने अपने क्षेत्रीय कार्यालयों और पुलिस प्रशासन के बीच एक समन्वित तंत्र स्थापित किया है.

सड़कों और फुटपाथों पर रुकावट न डालने के कड़े निर्देश

पुणे नगर निगम ने सभी गणेश मंडलों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे सड़कों और फुटपाथों पर इस तरह कब्जा न करें, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था या पैदल यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हो.

पंडालों का निर्माण और सजावट इस तरह से की जानी चाहिए कि आपातकालीन वाहनों और एम्बुलेंस सेवाओं के लिए रास्ता हमेशा खुला रहे. इसके अलावा, आयोजकों को अग्निशमन सुरक्षा (फायर सेफ्टी) के नियमों का पालन करना होगा और ध्वनि एवं अन्य प्रकार के प्रदूषण से संबंधित नियमों का भी ध्यान रखना होगा.

उत्सव के बाद सफाई और मरम्मत की जिम्मेदारी आयोजकों की

नगर निगम ने मंडलों से पर्यावरण के अनुकूल तौर-तरीके अपनाने का आग्रह किया है. Pune Pulse की रिपोर्ट के मुताबिक, आयोजकों को ऐसी किसी भी गतिविधि से बचने की सलाह दी गई है जिससे सड़कों, फुटपाथों या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचे.

उत्सव समाप्त होने के बाद, अस्थायी संरचनाओं को हटाने, मलबे और सामग्री की सफाई करने तथा उस जगह को वापस उसकी मूल स्थिति में बहाल करने की पूरी जिम्मेदारी आयोजकों की होगी. नगर निगम ने नागरिकों और उत्सव समितियों से प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है

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