Pune Metro: पुणे में ट्रैफिक से राहत की बड़ी तैयारी, चाकण-राजगुरुनगर-शिरूर तक मेट्रो की योजना; डिप्टी CM शिंदे ने DPR तैयार करने के दिए निर्देश
पुणे और उसके आसपास के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में दैनिक आधार पर लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने पुणे मेट्रो के विस्तार की योजना पर तेजी से काम शुरू कर दिया है.
Pune Metro: पुणे और उसके आसपास के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में दैनिक आधार पर लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने पुणे मेट्रो के विस्तार की योजना पर तेजी से काम शुरू कर दिया है. उपमुख्यमंत्री और नगर विकास मंत्री एकनाथ शिंदे ने तळेगांव और चाकण का दौरा कर औद्योगिक प्रतिनिधियों के साथ बैठक की. इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि निगडी से चाकण के अलावा अब चाकण से राजगुरुनगर और तळेगांव से शिक्रापुर (शिरूर) तक मेट्रो रूट का विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के निर्देश महामेट्रो को दिए गए हैं.
मेट्रो रूट का नए सिरे से विस्तार
राज्य सरकार के अनुसार, महामेट्रो के प्रबंध निदेशक श्रवण हार्डिकर के साथ चर्चा के बाद इन नए रूटों की व्यवहार्यता (Feasibility) जांचने और डीपीआर बनाने का फैसला लिया गया.इस कदम से चाकण और तळेगांव के विनिर्माण और ऑटोमोबाइल हब में काम करने वाले हजारों कर्मचारियों के दैनिक आवागमन के समय में भारी बचत होगी।
औद्योगिक क्षेत्रों के लिए नोडल समिति और बुनियादी ढांचा
ट्रैफिक और बुनियादी ढांचे से जुड़ी समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक विशेष नोडल समिति का गठन किया गया है। यह समिति हर शुक्रवार को बैठक करेगी और सड़क मरम्मत, जल निकासी, फुटपाथ तथा स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाओं पर ध्यान केंद्रित करेगी। इसके अतिरिक्त तळेगांव से शिक्रापुर तक 54 किलोमीटर सड़क मरम्मत, नासिक फाटा से राजगुरुनगर मार्ग और आंतरिक सड़कों के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
उद्योगों का पलायन रोकने के लिए प्रशासनिक कदम
बैठक में उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रशासन के इन त्वरित फैसलों और बुनियादी ढांचे के वादों के बाद स्थानीय उद्यमियों की चिंताएं दूर हुई हैं. उद्यमियों को अपनी समस्याएं दर्ज कराने के लिए 'मैत्री' ऐप का अधिक उपयोग करने की सलाह दी गई है. साथ ही एमआईडीसी के कार्यकारी अभियंता सप्ताह में एक दिन प्रत्यक्ष रूप से उपलब्ध रहेंगे ताकि बिजली आपूर्ति, कचरा निस्तारण और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों का समय पर निस्तारण किया जा सके.