Anu Rani Viral Video Controversy: अनु रानी वायरल वीडियो विवाद मामला, जानें UP Police की सोशल मीडिया पॉलिसी में पुलिसकर्मियों के लिए क्या हैं नियम
मेरठ पुलिस अनु रानी के सोशल मीडिया खातों की गहनता से समीक्षा कर रही है. रिपोर्टों के अनुसार, संबंधित विवादित कंटेंट को हटा दिया गया है. विभागीय जांच और साइबर सेल की रिपोर्ट आने के बाद आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई तय की जाएगी
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Anu Rani Viral Video Controversy: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में तैनात महिला सब-इंस्पेक्टर (SI) अनु रानी को सोशल मीडिया नीति के उल्लंघन के आरोप में निलंबित कर दिया गया है. मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अविनाश पांडे ने एक विवादित वीडियो सामने आने के बाद यह प्रशासनिक कार्रवाई की है. इस घटना ने राज्य में पुलिस कर्मियों के लिए लागू सख्त डिजिटल आचार संहिता को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है.
निलंबन और साइबर सेल की जांच
सब-इंस्पेक्टर अनु रानी इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर काफी सक्रिय थीं, जहां वे फिटनेस, जिम वर्कआउट और व्यक्तिगत कंटेंट से जुड़े वीडियो अपलोड करती थीं. हालांकि उनके प्रोफाइल पर उत्तर प्रदेश पुलिस अधिकारी होने का उल्लेख था, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि विवादित वीडियो में वे पुलिस वर्दी में नजर नहीं आई हैं.
पुलिस का स्टेटमेंट
प्रकरण में उक्त महिला उपनिरीक्षक को विभागीय सोशल मीडिया पॉलिसी का उल्लंघन करने के संबंध में निलंबित किया गया है तथा विभागीय जांच क्षेत्राधिकारी कार्यालय श्रीमती सौम्या सिंह को सौंपी गई है।
— MEERUT POLICE (@meerutpolice) August 18, 2026
मामले में तूल तब पकड़ा जब उनके एक हालिया वीडियो में एक क्यूआर (QR) कोड दिखाई दिया, जिसके बाद पुलिस के उच्च अधिकारियों ने संज्ञान लिया. मेरठ पुलिस के अनुसार, साइबर सेल को वीडियो और उससे संबंधित डिजिटल साक्ष्यों की तकनीकी प्रामाणिकता की जांच सौंप दी गई है. एसपी (अपराध) अवनीश कुमार ने पुष्टि की है कि यह कार्रवाई पुलिस बल के सोशल मीडिया नियमों के उल्लंघन के आधार पर की गई है.
क्या कहती है यूपी पुलिस की सोशल मीडिया पॉलिसी?
उत्तर प्रदेश पुलिस ने फरवरी 2023 में एक विस्तृत सोशल मीडिया नीति लागू की थी. इस नीति का मुख्य उद्देश्य पुलिस बल की गोपनीयता, अनुशासन और जनविश्वास को बनाए रखना है.
इस नीति के तहत प्रमुख नियम निम्नलिखित हैं:
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वर्दी और ड्यूटी के दौरान वीडियो पर रोक: ऑन-ड्यूटी या पुलिस वर्दी पहनकर रील बनाने, शॉर्ट वीडियो डालने या लाइव स्ट्रीमिंग करने पर पूरी तरह प्रतिबंध है.
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वित्तीय लेनदेन और मुद्रीकरण (Monetization): कोई भी पुलिसकर्मी आधिकारिक या व्यक्तिगत सोशल मीडिया खातों के माध्यम से बिना अनुमति उपहार, व्यावसायिक मुद्रीकरण या वित्तीय लाभ प्राप्त नहीं कर सकता.
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छवि और गोपनीयता की सुरक्षा: ऐसा कोई भी कंटेंट अपलोड करना वर्जित है जो पुलिस विभाग की गरिमा को ठेस पहुंचाए.
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विभागीय शिकायतों का प्रदर्शन: सेवा से जुड़ी शिकायतों या सरकारी नीतियों पर सार्वजनिक रूप से टिप्पणी करने की अनुमति नहीं है.
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ऑपरेशन्स की सुरक्षा: पुलिस स्टेशनों, फायरिंग प्रैक्टिस, या संवेदनशील ऑपरेशन्स के वीडियो शेयर करना प्रतिबंधित है.
विभागीय जांच जारी
मेरठ पुलिस अनु रानी के सोशल मीडिया खातों की गहनता से समीक्षा कर रही है. रिपोर्टों के अनुसार, संबंधित विवादित कंटेंट को हटा दिया गया है. विभागीय जांच और साइबर सेल की रिपोर्ट आने के बाद आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई तय की जाएगी. पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विभागीय आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले कर्मियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाते रहेंगे.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 24, 2026 11:10 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

