Nanded Prohibitory Orders: नांदेड़ में 17 सितंबर की आधी रात तक निषेधाज्ञा लागू; धरने-प्रदर्शनों पर पूर्ण प्रतिबंध, जानिए कौन से इलाके रहेंगे प्रभावित

महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में सार्वजनिक व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से 15 सितंबर की शाम से 17 सितंबर 2026 की आधी रात तक सख्त निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है. नांदेड़ के पुलिस अधीक्षक (SP) डॉ. नीलाभ रोहन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इस अवधि के दौरान शहर के महत्वपूर्ण प्रशासनिक, शैक्षणिक और सार्वजनिक स्थलों पर किसी भी प्रकार के धरने, आंदोलन या विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं होगी. यह प्रतिबंध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (पूर्ववर्ती धारा 144) के तहत लागू किया गया है.

Map of Nanded and Nanded Police (Photo Credits: Wikimedia Commons and ANI)

नांदेड़: महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र स्थित नांदेड़ शहर में शांति व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है. नांदेड़ जिला पुलिस अधीक्षक (SP) डॉ. नीलाभ रोहन ने शहर के प्रमुख प्रशासनिक भवनों और सार्वजनिक क्षेत्रों में 15 सितंबर की शाम 6:00 बजे से लेकर 17 सितंबर 2026 की मध्यरात्रि तक निषेधाज्ञा लागू करने के आदेश जारी किए हैं.

आधिकारिक आदेश के अनुसार, इस पूरी अवधि के दौरान शहर के किसी भी निर्धारित क्षेत्र में सार्वजनिक आंदोलन, मोर्चा, धरना या किसी भी प्रकार के विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. यह भी पढ़ें: Nandigram Bypoll 2026: नंदीग्राम उपचुनाव में BJP का बड़ा दांव, सीएम शुभेंदु अधिकारी के दिवंगत PA की मां हसिरानी रथ को मैदान में उतारा

BNSS की धारा 163 के तहत लागू हुए प्रतिबंध

पुलिस विभाग ने यह निषेधाज्ञा नए आपराधिक कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (जो पूर्व में सीआरपीसी की धारा 144 थी) के तहत लागू की है:

नांदेड़ शहर के किन इलाकों में प्रभावी रहेंगे प्रतिबंध?

प्रशासनिक आदेश के तहत नांदेड़ शहर के अत्यंत व्यस्त, संवेदनशील और मुख्य प्रशासनिक केंद्रों को इस प्रतिबंधात्मक दायरे में शामिल किया गया है:

पुलिस बल की तैनाती और नागरिकों से सहयोग की अपील

आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए सभी चिन्हित स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. संवेदनशील चौराहों और प्रशासनिक भवनों के प्रवेश द्वारों पर पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है ताकि अनधिकृत भीड़ या अचानक प्रदर्शन को रोका जा सके.

जिला पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखने में सहयोग करें और निर्धारित अवधि के दौरान नियमों का उल्लंघन न करें. पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ विधिक प्रावधानों के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.

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