Priyanka Gandhi: ‘हमसे नहीं, अमित शाह से सवाल पूछिए’; प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर प्रियंका गांधी का मीडिया पर हमला

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने संसद भवन परिसर में मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान केंद्र सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला. प्रियंका गांधी ने कहा कि नीट पेपर लीक का विरोध कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और इंटरनेट बंद करने को लेकर मीडिया को विपक्ष से नहीं बल्कि गृह मंत्री अमित शाह से सवाल पूछना चाहिए.

प्रियंका गांधी वाड्रा (Photo Credits: X)

नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र (Monsoon Session) के दौरान नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा में धांधली और पेपर लीक को लेकर घमासान और तेज हो गया है. गुरुवार, 23 जुलाई 2026 को कांग्रेस सांसद और वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) ने संसद परिसर में मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए केंद्र सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाने के बजाय विपक्ष की रणनीति पर सवाल पूछने को लेकर पत्रकारों पर नाराजगी जताई.

प्रियंका गांधी ने स्पष्ट लहजे में कहा कि प्रदर्शन कर रहे युवाओं और छात्रों पर किए जा रहे बल प्रयोग के लिए सीधे तौर पर गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) और केंद्र सरकार (Central Government) जिम्मेदार हैं. यह भी पढ़ें: Paper Leak Row: 'फास्ट-ट्रैक कोर्ट' के ऐलान पर राहुल गांधी का पीएम मोदी पर पलटवार, रखीं 3 प्रमुख मांगें

"सवाल सत्ता पक्ष और गृह मंत्री से पूछे जाने चाहिए"

संसद भवन परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि देश का युवा सड़कों पर अपने भविष्य की लड़ाई लड़ रहा है, लेकिन सरकार उनकी आवाज सुनने के बजाय उन पर लाठियां बरसा रही है.

पत्रकारों द्वारा विपक्ष के रुख पर सवाल पूछे जाने पर प्रियंका गांधी ने कहा:

"आप लोग बार-बार विपक्ष से सवाल क्यों पूछ रहे हैं? सवाल हमसे नहीं, बल्कि देश के गृह मंत्री अमित शाह और सरकार से पूछिए. छात्रों पर लाठीचार्ज क्यों किया जा रहा है? प्रदर्शन स्थल के आसपास इंटरनेट क्यों बंद किया गया है? क्या हमारे देश के छात्र आतंकवादी हैं? जो कुछ हो रहा है, उसकी जवाबदेही सरकार की है."

'आप सरकार से सवाल क्यों नहीं पूछ रहे हैं?'

"श्रेय पीएम लेते हैं, तो जिम्मेदारी भी वही लें"

प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की हर उपलब्धि और युवाओं की सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री खुद लेते हैं, तो आज जब लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है और वे सड़कों पर आंसू गैस के गोले झेल रहे हैं, तब प्रधानमंत्री को इसकी जिम्मेदारी भी स्वीकार करनी चाहिए.

उन्होंने दोहराया कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते और छात्रों पर हुई पुलिस बर्बरता की निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक संसद से लेकर सड़क तक संघर्ष जारी रहेगा.

संसद परिसर में विरोध और विपक्षी एकजुटता

विपक्ष के 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के नेताओं ने गुरुवार को भी संसद परिसर के मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन जारी रखा. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत कई सांसद हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी करते दिखे.

दूसरी ओर, सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार नियमों के तहत संसद में चर्चा कराने के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष शर्तें थोपकर सदन की कार्यवाही में बाधा डाल रहा है.

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