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प्रियंका चतुर्वेदी ने यूरोपीय यात्रा को बताया सफल, बोलीं- 'वैश्विक मंचों पर पाकिस्तान को किया बेनकाब'

शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर गठित सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल की सदस्य थीं. छह देशों का दौरा कर लौटी हैं. वापस लौटने के बाद उन्होंने कहा कि आतंकवाद और पाकिस्तान के दोहरे रवैये को वैश्विक मंच पर प्रभावी ढंग से उठाया. छह यूरोपीय देशों की इस यात्रा में उन्होंने विभिन्न देशों के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, विदेश मंत्रियों और संसदीय समितियों के अध्यक्षों के साथ मुलाकात की.

प्रियंका चतुर्वेदी ने यूरोपीय यात्रा को बताया सफल, बोलीं- 'वैश्विक मंचों पर पाकिस्तान को किया बेनकाब'

मुंबई, 8 जून : शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर गठित सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल की सदस्य थीं. छह देशों का दौरा कर लौटी हैं. वापस लौटने के बाद उन्होंने कहा कि आतंकवाद और पाकिस्तान के दोहरे रवैये को वैश्विक मंच पर प्रभावी ढंग से उठाया. छह यूरोपीय देशों की इस यात्रा में उन्होंने विभिन्न देशों के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, विदेश मंत्रियों और संसदीय समितियों के अध्यक्षों के साथ मुलाकात की. इसके अलावा, उन्होंने प्रवासी भारतीयों, मीडिया और थिंक टैंक्स से भी संवाद किया.

प्रियंका चतुर्वेदी ने अपनी यात्रा के अनुभव साझा करते हुए कहा, "मेरा मानना है कि यह एक बहुत ही सफल यात्रा रही है. यूरोपीय देशों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने हमसे मुलाकात की, वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों से भी हम मिले. बर्लिन में जर्मनी के विदेश मंत्री ने हमसे मुलाकात की, रोम में इटली के उप विदेश मंत्री से चर्चा हुई. कोपेनहेगन में उपसभापति और विदेश मामलों की समितियों के अध्यक्षों ने हमसे बात की. हमने उपराष्ट्रपति से भी मुलाकात की. छह देशों और छह स्थानों पर हमने व्यापक स्तर पर संवाद किया. इस दौरान हमने पाकिस्तान के दोहरे रवैये को उजागर किया और भारत की चिंताओं को जिम्मेदारीपूर्वक विश्व समुदाय के सामने रखा. हमने प्रवासी लोगों से भी बातचीत की. प्रवासी समुदाय भारत की ताकत है और उनकी चिंताओं को सुनना और उनके साथ संवाद करना भी इस यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा था." प्रियंका चतुर्वेदी ने 26/11 के मुंबई आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि इस घटना ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से प्रभावित किया और राजनीति में प्रवेश करने के लिए प्रेरित किया था. यह भी पढ़ें : वर्ष 2014 में पहली बार सरकार के राजनीतिक एजेंडा का हिस्सा बने किसान : योगी

उन्होंने आगे कहा कि मैं बस इतना कहना चाहती हूं कि देश के प्रति मेरी जिम्मेदारी थी. मुंबई में 26/11 के आतंकवादी हमले के बाद मैंने राजनीति में प्रवेश किया. उस घटना ने मुझ पर काफी असर डाला था. मैं जानती हूं कि आतंकवाद के कारण कितने घर बर्बाद हो जाते हैं. आतंकवाद के कारण कई महिलाओं को अपने घर चलाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. महिलाओं के सामने आजीविका का संकट खड़ा करता है और देश की स्थिरता और व्यापार को नष्ट करने की कोशिश करता है. यह मेरी जिम्मेदारी थी कि मैं इन मुद्दों को वैश्विक मंच पर उठाऊं. हमने वैश्विक मंचों पर धर्म के आधार पर देश को बांटने की कोशिश करने वालों को बेनकाब किया. हम देश की एकता की रक्षा करने में सफल रहे, जिसे पूरी दुनिया ने देखा. अगर मेरे भाषणों ने लोगों को प्रभावित किया है और देश के मुद्दों को सामने लाया है, तो मैं इसे राष्ट्र के प्रति अपनी सेवा मानती हूं.

उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान का दोहरा रवैया अब किसी से छिपा नहीं है. हमने इसे बेनकाब किया और दुनिया को बताया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई में मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है. पाकिस्तान अपने एजेंडे में कामयाब कभी नहीं होगा. दुनियाभर में आतंक फैलाया गया है, उसे खत्म करने की जिम्मेदारी हमारी है. पाकिस्तान ने पहलगाम हमले के जरिए हमारे देश की एकता और अखंडता को खत्म करने की कोशिश की लेकिन हमने एकजुट होकर वैश्विक मंचों पर उसे उजागर करने का काम किया है

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 08, 2025 04:02 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).