छपरा इंजीनियरिंग कॉलेज के गर्ल्स हॉस्टल में देर रात पहुंचे प्रिंसिपल! छात्राओं ने सुरक्षा पर उठाए सवाल, किया प्रदर्शन (Watch Video)
बिहार के छपरा स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज में देर रात प्रिंसिपल और उनके ड्राइवर के गर्ल्स हॉस्टल परिसर में प्रवेश करने के आरोपों के बाद भारी बवाल हो गया है. घटना से नाराज छात्राओं ने हॉस्टल सुरक्षा और प्रशासनिक रवैये पर सवाल उठाते हुए कॉलेज परिसर में विरोध प्रदर्शन किया.
छपरा (बिहार): बिहार (Bihar) के छपरा (सारण) स्थित सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज (Chhapra Engineering College) में देर रात हुई एक घटना को लेकर विवाद गहरा गया है. कॉलेज की छात्राओं ने आरोप लगाया है कि संस्थान के प्रिंसिपल और उनका ड्राइवर देर रात गर्ल्स हॉस्टल परिसर में दाखिल हुए. इस घटना के बाद हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं में अफरा-तफरी और डर का माहौल बन गया, जिसके बाद बड़ी संख्या में छात्रों ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया.
घटना की जानकारी मिलते ही परिसर में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई और आक्रोशित छात्रों ने हॉस्टल सुरक्षा व नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए धरना-प्रदर्शन किया. यह भी पढ़ें: Cab vs OYO Debate: कैब में कपल्स के वीडियो रिकॉर्ड करने पर छिड़ी बहस; मॉरल पुलिसिंग या व्यूज का खेल?
देर रात हॉस्टल में प्रवेश पर उठे सवाल
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, छात्राओं का आरोप है कि रात के समय बिना किसी पूर्व सूचना या महिला सुरक्षाकर्मियों की उपस्थिति के प्रिंसिपल और उनका ड्राइवर गर्ल्स हॉस्टल के अंदर आ गए.
छात्राओं का कहना है कि नियमों के मुताबिक रात के समय गर्ल्स हॉस्टल में किसी भी पुरुष कर्मचारी या अधिकारी का बिना ठोस कारण और निर्धारित प्रोटोकॉल के प्रवेश वर्जित होता है. इस अनधिकृत प्रवेश के कारण छात्राओं में अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं.
प्रिंसिपल और ड्राइवर के कथित तौर पर लड़कियों के हॉस्टल में घुसने के बाद छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया
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कॉलेज परिसर में छात्रों का विरोध प्रदर्शन
इस घटना से आक्रोशित छात्रों और छात्राओं ने कॉलेज परिसर में एकत्र होकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और जवाबदेही की मांग की.
विरोध दर्ज करा रहे छात्रों ने निम्नलिखित मांगें उठाई हैं:
- देर रात गर्ल्स हॉस्टल में जाने का स्पष्ट और आधिकारिक कारण बताया जाए.
- हॉस्टल के प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा प्रोटोकॉल और सीसीटीवी निगरानी को कड़ा किया जाए.
- घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए.
प्रशासनिक रुख और जांच का इंतजार
फिलहाल इस पूरे मामले पर कॉलेज प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत या आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है कि क्या घटना की आंतरिक जांच के लिए कोई समिति गठित की गई है या नहीं.
स्थानीय पुलिस और शिक्षा विभाग के अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, और मामले की निष्पक्ष जांच व शांति व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं.