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नानाजी देशमुख, भूपेन हजारिका और प्रणब मुखर्जी को भारत रत्न, देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से किया जाएगा सम्मानित

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के अलावा नानाजी देशमुख और डॉ. भूपेन हजारिका को भी भारत रत्न देने का फैसला किया गया है.

नानाजी देशमुख, भूपेन हजारिका और प्रणब मुखर्जी को भारत रत्न, देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से किया जाएगा सम्मानित
नानाजी देशमुख, भूपेन हजारिका और प्रणब मुखर्जी को भारत रत्न (Photo Credits: PTI/Getty)

भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी (Pranab Mukherjee) को भारत रत्न (Bharat Ratna) देने का फैसला भारत सरकार की तरफ से किया गया है. भारत सरकार ने गणतंत्र दिवस 2019 (Republic Day 2019) की पूर्व संध्या पर यह फैसला किया है. पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के अलावा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े नेता और समाजसेवी नानाजी देशमुख (Nanaji Deshmukh) और प्रसिद्ध संगीतकार भूपेन हजारिका (Bhupen Hazarika) को भी भारत रत्न देने का फैसला किया गया है. नानाजी देशमुख और भूपेन हजारिका को यह सम्मान मरणोपरांत दिया जाएगा. भारत रत्न दिए जाने की घोषणा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अलग-अलग ट्विट कर के इनके योगदानों के बारे में बताया है.

पीएम मोदी ट्विटर पर लिखा कि देश में ग्रामीण विकास के क्षेत्र में नानाजी देशमुख का उत्कृष्ट योगदान गांवों में रहने वाले लोगों को सशक्त करने का नया प्रतिमान दर्शाता है. प्रधानमंत्री ने कहा कि हजारिका के गीत और संगीत को हर पीढ़ी के लोग पसंद करते हैं. पीएम मोदी ने ट्वीट किया कि उनसे न्याय, सौहार्द और भाइचारे का संदेश प्रसारित होता है. उन्होंने दुनियाभर में भारतीय संगीत परंपराओं को लोकप्रिय कराया. खुश हूं कि भूपेन दा को भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा. पीएम मोदी ने ट्विटर पर लिखा कि प्रणब दा हमारे समय के उत्कृष्ट राजनेता हैं. उन्होंने दशकों तक देश की निस्वार्थ और अथक सेवा की है और देश की विकास यात्रा पर मजबूत छाप छोड़ी है. उनकी बुद्धिमत्ता और मेधा के सानी बहुत कम लोग होंगे. प्रसन्नता है कि उन्हें भारत रत्न देने की घोषणा की गयी है.

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे. प्रणब मुखर्जी 2012 से 2017 के बीच राष्ट्रपति रहे. वह यूपीए प्रथम और द्वितीय सरकारों में महत्वपूर्ण पदों पर रहे. संघ से जुड़े नानाजी देशमुख पूर्व में भारतीय जनसंघ से जुड़े थे. 1977 में जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद उन्होंने मंत्री पद स्वीकार नहीं किया और जीवन पर्यन्त दीनदयाल शोध संस्थान के अन्तर्गत चलने वाले विविध प्रकल्पों के विस्तार हेतु कार्य करते रहे. अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने उन्हें राज्यसभा का सदस्य मनोनीत किया था. वाजपेयी के कार्यकाल में ही भारत सरकार ने उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य व ग्रामीण स्वालम्बन के क्षेत्र में अनुकरणीय योगदान के लिये पद्म विभूषण भी प्रदान किया. यह भी पढ़ें- गणतंत्र दिवस 2019: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का राष्ट्र के नाम संबोधन, कहा- देश के संसाधनों पर सबका बराबर हक

भूपेन हजारिका पूर्वोत्तर राज्य असम से ताल्लुक रखते थे. अपनी मूल भाषा असमिया के अलावा भूपेन हजारिका हिंदी, बंगला समेत कई अन्य भारतीय भाषाओं में गाना गाते रहे थे. उनहोने फिल्म "गांधी टू हिटलर" में महात्मा गांधी का पसंदीदा भजन "वैष्णव जन" गाया था. उन्हें पद्मभूषण सम्मान से भी सम्मानित किया गया था. गौरतलब है कि भारत रत्न देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है. यह सम्मान राष्ट्रीय सेवा के लिए दिया जाता है. इन सेवाओं में कला, साहित्य, विज्ञान, सार्वजनिक सेवा और खेल शामिल है.

भाषा इनपुट

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 25, 2019 09:07 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).