क्या है PKK, जिसकी वजह से तुर्की और इराक के बीच तनाव बढ़ रहा है
तुर्की में रविवार को हुआ हमला बीते कुछ वर्षों में हुआ सबसे बड़ा हमला है, जिसकी जिम्मेदारी PKK ने ली है.
तुर्की में रविवार को हुआ हमला बीते कुछ वर्षों में हुआ सबसे बड़ा हमला है, जिसकी जिम्मेदारी PKK ने ली है.तुर्की की राजधानी अंकारा में रविवार को गृह मंत्रालय के गेट पर एक आत्मघाती हमला हुआ. धमाका संसद का सत्र शुरू होने से कुछ घंटे पहले हुआ. इस हमले में दो पुलिस अधिकारी घायल हो गए और पुलिस ने शूटआउट में एक संदिग्ध हमलावर की मौत की बात कही है. हमले की जिम्मेदारी 'कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी' (PKK) ने ली है.
यह बीते कुछ सालों में अंकारा में हुआ पहला बड़ा हमला है. इसके बाद तुर्की ने इराक के उत्तरी इलाके में कुर्द ठिकानों को निशाना बनाया. तुर्की ने इस अभियान को 'हवाई सैन्य अभियान' बताया. इराक के कुर्द शहर सिदाकान के मेयर ने भी हमलों की पुष्टि की है.
तुर्की के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि PKK से जुड़े करीब 20 ठिकाने तबाह किए गए हैं. बमबारी में गुफाएं, अस्थाई ठिकाने और डिपो ध्वस्त किए गए. तुर्की के रक्षा मंत्रालय ने इस हमले में बड़ी संख्या में PKK सदस्य मारे जाने का दावा किया है.
क्या है PKK और क्या है संगठन की मांग?
PKK एक उग्रवादी समूह है, जिसकी स्थापना अब्दुल्लाह ओचालान ने 1978 में दक्षिण-पूर्वी तुर्की में की थी. इस समूह की विचारधारा मार्क्स और लेनिन के विचारों पर आधारित है. PKK का दावा है कि अंकारा पर किया गया हमला संगठन की 'इम्मॉर्टल्स बटालियन' नामक इकाई ने किया है. PKK के एक कमांडर अतीत में इस यूनिट को 'आत्मघाती हमलावरों का स्लीपर सेल' करार दे चुके हैं.
PKK ने 1984 में कुर्दों के लिए अलग आजाद देश बनाने की मांग को लेकर तुर्की के खिलाफ विद्रोह शुरू किया था. बाद में संगठन ने अपने लक्ष्यों को 'कुर्दों के लिए ज्यादा अधिकारों' और 'दक्षिण-पूर्वी तुर्की में कुर्दों के लिए सीमित स्वायत्तता' तक संकुचित कर लिया था.
इस संघर्ष में अब तक 40 हजार लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें से अधिकांश उग्रवादी थे. अतीत में ज्यादातर संघर्ष मुख्य रूप से दक्षिण-पूर्वी तुर्की के कुर्द-बहुल इलाके के ग्रामीण इलाकों तक सीमित था. बाद में शहरी इलाके भी हमलों की जद में आ गए.
तुर्की के साथ-साथ अमेरिका और यूरोपीय संघ ने भी कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी को आतंकवादी संगठन की श्रेणी में रखा हुआ है.
PKK का इतिहास
PKK साल 1998 तक सीरिया में सक्रिय रहा. फिर तुर्की के बढ़ते दबाव के बीच ओचालान को देश से भागना पड़ा. कुछ महीने बाद तुर्की की स्पेशल फोर्सेस ने उन्हें केन्या में गिरफ्तार कर लिया. 1999 में तुर्की की एक अदालत में उन्हें मौत की सजा सुनाई गई.
फिर तुर्की के मृत्युदंड खत्म करने के बाद अक्टूबर 2002 में ओचालान की मौत की सजा, उम्रकैद में बदल दी गई थी. अभी ओलाचान इस्तांबुल के पास एक द्वीप पर बनी जेल में बंद हैं. ओचालान के पकड़े जाने के बाद PKK की मुहिम धीमी पड़ गई. इसके चलते PKK को कई बार एकतरफा संघर्ष-विराम करना पड़ा और तुर्की से विद्रोही लड़ाकों की वापसी हुई.
अभी भी अधूरा है सीरिया के कुर्दों का स्वराज का सपना
बाद में जब हिंसा फिर से भड़की, तो 2012 के उत्तरार्ध में तुर्की और PKK शांतिवार्ता के लिए एक मेज पर आए. लेकिन, संघर्ष-विराम की यह प्रक्रिया जुलाई 2015 में पटरी से उतर गई, जिसके बाद इस संघर्ष का सबसे खूनी दौर शुरू हुआ. दक्षिणपूर्वी तुर्की के कुछ शहरी इलाकों में बहुत विध्वंस हुआ.
कुर्दिस्तान की मांग?
कुर्दों की जनसंख्या करीब 3.5 करोड़ है. यह आबादी मुख्यत: तुर्की, सीरिया, ईरान और इराक में बसी है. PKK इन चारों देशों के कुर्द-बहुल इलाकों को मिलाकर अलग कुर्दिस्तान देश बनाने की मांग करता रहा है.
वहीं ये चारों देश कुर्दिस्तान की मांग को अपने-अपने स्तर पर सैन्य बल से दबाते रहे हैं. हाल के बरसों में तुर्की ने सीरिया और इराक में कुर्द उग्रवादियों को खूब निशाना बनाया है. इसी साल अप्रैल में तुर्की ने PKK से संबंधों के आरोप में 110 लोगों को गिरफ्तार भी किया था.
अब किस दिशा में जा रहा है संघर्ष?
बीते कुछ वर्षों में कुर्दिस्तान का यह संघर्ष दक्षिण-पूर्वी तुर्की से हटकर मुख्यत: उत्तरी इराक में केंद्रित हो गया है. इसी इलाके के पहाड़ों में PKK का गढ़ है. इराक के इस इलाके में तुर्की की दर्जनों चौकियां हैं और तुर्की ने यहां उग्रवादियों के खिलाफ कई ऑपरेशन भी चलाए हैं. तुर्की युद्धक विमानों और लड़ाकू ड्रोनों से इस इलाके में अक्सर हवाई हमले करता है.
इराक के राष्ट्रपति अब्दुल लतीफ राशिद ने सोमवार को कहा कि इराक तुर्की के हवाई हमलों और अपने कुर्दिस्तान इलाके में तुर्की की मौजूदगी से सहमत नहीं है. राशिद ने इस समस्या को सुलझाने के लिए इराक और तुर्की के बीच समझौता होने की उम्मीद जताई है.
तुर्की सीरिया में 'पीपल्स डिफेंस यूनिट' (YPG) मिलिशिया को भी PKK के सहयोगी के तौर पर निशाना बनाता है. तुर्की ने इस समूह को अपनी सीमा से बाहर खदेड़ने के लिए कई सीमा-पार अभियान भी चलाए हैं. मिलिशिया ऐसे सैन्य बल को कहा जाता है, जिसमें आपातकालीन स्थिति में सैनिकों की जरूरत पूरी करने के लिए आम नागरिकों को शामिल किया जाता है.
हालांकि, YPG इस्लामिक स्टेट के खिलाफ अमेरिकी नेतृत्व वाले गठबंधन का अहम सहयोगी भी है. वहीं 'सीरियन डेमोक्रैटिक फोर्स' (SDF) को अमेरिका से मिलने वाला समर्थन भी पिछले कई वर्षों से अमेरिका और तुर्की के बीच तनाव की वजह बना रहा है.
वीएस/ओएसजे (रॉयटर्स)
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 03, 2023 02:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

