राजनीति

ईरान के साथ बातचीत के लिए स्विट्जरलैंड पहुंचे अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस

ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर लगाम कसने और मध्य पूर्व में युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में अहम बातचीत शुरू हो रही है, जिसमें अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस भी हिस्सा लेंगे.

ईरान के साथ बातचीत के लिए स्विट्जरलैंड पहुंचे अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर लगाम कसने और मध्य पूर्व में युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में अहम बातचीत शुरू हो रही है, जिसमें अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस भी हिस्सा लेंगे.अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस रविवार को स्विट्जरलैंड पहुंचे. उनके इस दौरे का मकसद ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने और मध्य पूर्व में जारी युद्ध खत्म करने के लिए हुए एक अंतरिम समझौते को आगे बढ़ाना है. पिछले हफ्ते ही इस समझौते की रूपरेखा पर दस्तखत हुए थे. अब अमेरिका और ईरान के बड़े वार्ताकारों के पास तकनीकी पहलुओं पर सहमति बनाने के लिए 60 दिन का समय है. इस बातचीत के नतीजे दुनिया की अर्थव्यवस्था और वैश्विक सुरक्षा पर बड़ा असर डालेंगे.

इन 60 दिनों की शुरुआत काफी तनावपूर्ण रही है. लेबनान में इस्राएल और ईरान समर्थित गुट हिज्बुल्लाह के बीच भारी गोलाबारी हुई है. इसके अलावा, ईरान की सेना ने ऐलान किया है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से बंद कर दिया है. यह एक बेहद अहम समुद्री रास्ता है जहां से दुनिया की जरूरत का 20 फीसदी तेल और प्राकृतिक गैस गुजरते हैं.

जेडी वैंस को असल में शुक्रवार को ही ल्यूसर्न के पास स्थित बर्गनस्टॉक रिसॉर्ट पहुंचना था. लेकिन लेबनान में हिंसा बढ़ने और ईरानी अधिकारियों के वार्ता में न आने के फैसले के कारण उनके दौरे में देरी हुई. हालांकि, अमेरिका के सेंट्रल कमांड ने ईरान के उस दावे को गलत बताया है जिसमें होर्मुज को बंद करने की बात कही गई थी. अमेरिकी सेना इस रास्ते पर नजर बनाए हुए है ताकि जहाजों की आवाजाही जारी रहे. खुद वैंस ने कहा है कि हाल के दिनों में इस रास्ते से लाखों बैरल तेल गुजरा है.

बातचीत की मेज पर कौन-कौन है?

जैसे ही ईरानी सरकारी टीवी ने खबर दी कि उनके वार्ताकार स्विट्जरलैंड पहुंच गए हैं, वैसे ही वैंस अमेरिका से रवाना हो गए. ईरान की तरफ से संसदीय अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कालीबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अरागची इस वार्ता का हिस्सा हैं. इसके अलावा ईरान के केंद्रीय बैंक और तेल विभाग के अधिकारी भी वहां मौजूद हैं.

स्विट्जरलैंड में जेडी वैंस के साथ विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और डॉनल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुश्नर भी शामिल होंगे, जो पहले से ही वहां मौजूद हैं और इस परमाणु वार्ता की बारीकियों पर काम शुरू कर चुके हैं.

इस बातचीत में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और कतर के मध्यस्थ भी शामिल हैं. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय का कहना है कि प्रधानमंत्री शरीफ इलाके में बातचीत और स्थायी शांति के लिए पाकिस्तान की अटूट प्रतिबद्धता की पुष्टि करने के लिए ईरान, स्विट्जरलैंड और अमेरिका के प्रतिनिधिमंडलों से अलग-अलग मुलाकात करेंगे.

जेडी वैंस और उनकी पत्नी उषा वैंस स्थानीय समय के अनुसार सुबह 6 बजे के करीब ल्यूसर्न के पास एमेन एयर बेस पहुंचे. वैंस की योजना सिर्फ एक या दो दिन वहां रुकने की है और बातचीत का बाकी काम विटकॉफ और कुश्नर संभालेंगे. वैंस की इस भूमिका पर इसलिए भी नजर है क्योंकि वह 2028 में राष्ट्रपति चुनाव लड़ने पर सक्रिय रूप से विचार कर रहे हैं.

डॉनल्ड ट्रंप की कड़ी चेतावनी

डॉनल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के बीच हुए इस समझौते की खुद रिपब्लिकन पार्टी के ही कुछ नेता कड़ी आलोचना कर रहे हैं. वे इसकी तुलना ओबामा प्रशासन के दौरान हुए समझौते से कर रहे हैं, जिसके बारे में डॉनल्ड ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी का मानना था कि उससे ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर कोई रोक नहीं लगी थी.

इस नए समझौते के तहत ईरान को अपना तेल बिना रोकटोक बेचने की छूट मिलेगी और उसे अपने फ्रीज किए गए अरबों डॉलर के फंड तक पहुंच का रास्ता भी साफ होगा. इसके बदले ईरान को अपना संवर्धित यूरेनियम का भंडार कम करना होगा, जिसके बारे में माना जाता है कि वह पिछले साल अमेरिकी हमलों का निशाना बने परमाणु ठिकानों के नीचे दबा है.

समझौते में यह भी कहा गया है कि अगले 60 दिनों तक होर्मुज के रास्ते से व्यापारिक जहाज बिना किसी शुल्क के गुजर सकेंगे, हालांकि भविष्य में ईरान के शुल्क लगाने पर रोक नहीं है. डॉनल्ड ट्रंप ने शनिवार को चेतावनी दी कि अगर 60 दिनों के भीतर ईरान के साथ कोई पक्का समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका इस रास्ते पर टोल वसूलेगा.

डॉनल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह पैसा मध्य पूर्व के देशों के लिए 'गार्डियन एंजल' के रूप में दी गई सेवाओं के लिए होगा. ट्रंप प्रशासन यह कोशिश कर रहा है कि ग्लोबल मार्केट को भरोसा दिलाया जा सके कि यह युद्ध तेल की कीमतों पर सिर्फ एक मामूली असर डालेगा. एक हफ्ते पहले जब वाइट हाउस ने इस डील का ऐलान किया था, तब कच्चे तेल के बाजार में लगभग 8 फीसदी की गिरावट आई थी.

इस मामले में एक और बड़ी अड़चन यह है कि इस्राएल और हिज्बुल्लाह इस समझौते का हिस्सा नहीं हैं. इस्राएली प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू ने कहा है कि जब तक इस्राएल से खतरा नहीं टल जाता, तब तक उनकी सेना दक्षिणी लेबनान में रहेगी. वहीं, हिजबुल्लाह ने भी तब तक अपने हमले रोकने से इनकार कर दिया है जब तक इस्राएल लेबनान से पीछे नहीं हटता. अमेरिका और ईरान के बीच समझौते के बाद के शुरुआती दिनों में ही लेबनान में हुए संघर्ष में 47 लोग और चार इस्राएली सैनिक मारे जा चुके हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 21, 2026 06:50 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).