ट्रंप ने रोका ईरान पर नया हमला, समझौते की उम्मीद बढ़ी
अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की एक नई राह खुलती दिख रही है.
अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की एक नई राह खुलती दिख रही है. इस बार इसके लिए सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने कोशिश की. इसके बाद डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान पर नए सैन्य हमले फिलहाल के लिए रोकने की बात कही है.अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान पर नए सैन्य हमले रोकने की बात कही है. उन्होंने कहा कि कूटनीतिक समझौते की दिशा में प्रगति हुई है, इसलिए यह फैसला लिया गया है. ट्रंप ने शनिवार को अपने सोशल मीडिया ट्रूथ सोशल पर यह जानकारी दी. उन्होंने साफ किया कि यह फैसला अंतिम नहीं है. यदि समझौता जल्दी नहीं हुआ, तो संभव है, हमले फिर किए जाएं.
ट्रंप के अनुसार, मध्य-पूर्व के देशों ने अमेरिका से सैन्य कार्रवाई टालने का अनुरोध किया. उनका दावा है कि समझौते की रूपरेखा पर सहमति बन चुकी है. इसी वजह से हमले की योजना फिलहाल रोकी गई है. हालांकि, उन्होंने समझौते की विस्तृत शर्तें सार्वजनिक नहीं कीं.
होर्मुज पूरी तरह खोलने की बात फिर कही
डॉनल्ड ट्रंप ने बताया कि प्रस्तावित समझौते में होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह खोला जाएगा. इसके साथ ईरान के परमाणु खतरे का भी अंत किया जाएगा. उन्होंने कहा कि इस्राएल भी इस व्यवस्था का पालन करेगा. ईरान की ओर से इस दावे पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई.
यह घोषणा ऐसे समय आई है, जब एक दिन पहले ट्रंप ने कड़ा रुख दिखाया था. उन्होंने संकेत दिया था कि अमेरिका भारी सैन्य हमले फिर शुरू कर सकता है. अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि वॉशिंगटन नए हमलों पर विचार कर रहा है.
ईरान ने दी थी जवाबी कार्रवाई की धमकी
रिपोर्टों के अनुसार, संभावित हमलों में ईरान के ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया जाना था. इन खबरों के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी थी. ईरान ने कहा था कि किसी नए हमले का कठोर जवाब दिया जाएगा.
ट्रंप की घोषणा से पहले ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने भी शनिवार को चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि किसी भी आक्रामक कार्रवाई का निर्णायक जवाब दिया जाएगा. टेलीग्राम पर जारी संदेश में उन्होंने यह बात कही. उन्होंने यह संदेश सऊदी विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान से बातचीत के बाद जारी किया.
अरागची ने कहा कि अमेरिका, इस्राएल और सहयोगी खाड़ी देश इसके जिम्मेदार होंगे. उन्होंने कहा कि नए हमलों के परिणामों की पूरी जवाबदेही इन्हीं पक्षों पर होगी. ईरानी नेतृत्व लगातार सैन्य सतर्कता बनाए हुए है.
मोहम्मद बिन सलमान ने ट्रंप से बात की
फरवरी के अंत में ईरान पर हमले के बाद यह युद्ध शुरू हुआ था. तबसे अमेरिका-इस्राएल और ईरान के बीच तनाव बढ़ता गया है. इस दौरान ईरान ने कई बार जवाबी हमले किए. खाड़ी देशों के इलाकों और अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाया गया. ईरान ने सऊदी अरब और यूएई पर भी कई बार हमले किए.
इसी बीच सऊदी अरब ने संघर्ष बढ़ने पर चिंता जताई है. सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने शनिवार को ट्रंप से फोन पर बात की. यह बातचीत ट्रंप की घोषणा से पहले हुई. रिपोर्ट्स के मुताबिक बातचीत में संभावित अमेरिकी कार्रवाई को लेकर चिंता व्यक्त की गई.
तुर्की और पाकिस्तान से ईरान की बातचीत
सूत्रों के अनुसार, सऊदी अरब को ईरानी जवाबी हमलों का डर है. सऊदी नेतृत्व को आशंका है कि ऊर्जा ढांचा निशाना बन सकता है. अन्य खाड़ी देशों के लिए भी खतरा बढ़ सकता है. इसी वजह से तनाव कम करने की कोशिशें तेज हुई हैं.
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान से भी बात की. उन्होंने पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से भी संपर्क किया. मुनीर हाल ही में अमेरिका और ईरान बातचीत में अहम भूमिका निभा चुके हैं. इन सभी पक्षों से बातचीत में ईरान ने अपना रुख दोहराया.
अमेरिका की ओर से इलाके का हवाई क्षेत्र बंद होने की चेतावनी
उधर, अमेरिका ने क्षेत्र में सुरक्षा चेतावनी जारी की है. विदेश विभाग ने नागरिकों को यात्रा व्यवधानों के लिए तैयार रहने को कहा. उड़ान रद्द होने और हवाई क्षेत्र बंद होने की आशंका जताई गई है. यह चेतावनी कई पश्चिम एशियाई देशों के लिए जारी की गई है.
अब नजर संभावित समझौते पर टिकी है. यदि वार्ता सफल रही, तो पांच महीने पुराने युद्ध के अंत का रास्ता खुल सकता है. लेकिन यदि बातचीत विफल हुई, तो क्षेत्र फिर बड़े सैन्य टकराव की ओर बढ़ सकता है. फिलहाल कूटनीति और दबाव, दोनों साथ-साथ चलते दिख रहे हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 02, 2026 02:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

