UP shocker: यूपी में COVID-19 का टारगेट पूरा करने को डॉक्टर ने 15 बार दिया अपना ही नमूना
उत्तर प्रदेश के मथुरा में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसमें एक डॉक्टर ने कोरोना परीक्षणों का लक्ष्य पूरा करने के लिए 15 से ज्यादा बार अपना ही नूमना दे दिया. ऐसा करते हुए डॉक्टर की वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है.
उत्तर प्रदेश के मथुरा में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसमें एक डॉक्टर ने कोरोना परीक्षणों का लक्ष्य पूरा करने के लिए 15 से ज्यादा बार अपना ही नूमना दे दिया. ऐसा करते हुए डॉक्टर की वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है. यह वीडियो रविवार को सामने आया, जिसमें बलदेव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक स्वास्थ्य कार्यकर्ता को राजकुमार सारस्वत के नमूने लेते देखा जा सकता है. फिर इन नमूनों को परीक्षण के लिए नकली नामों पर सीएमओ कार्यालय भेजा गया.
वीडियो में सारस्वत खुद स्वीकार भी करता है कि वह इसलिए अपने नमूने दे रहा है क्योंकि इकट्ठा किए गए नमूनों की संख्या मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय द्वारा निर्धारित किए गए लक्ष्य से कम है. हालांकि इस दौरान एक स्वास्थ्य कार्यकर्ता उसे सलाह भी देता है कि वह अपने इतने सारे परीक्षण न कराए, क्योंकि ऐसा करने से वह मुसीबत में फंस सकता है. यह भी पढ़े: उत्तर प्रदेश: 97 वर्षीय शख्स ने कोरोना वायरस से जीता जंग, आगरा में खुशी की लहर
On failing to hit its daily #COVID19 testing targets, Mathura doctor gives over 15 of his own samples.
This is ridiculous! Have we moved on already???
As doctors why are we forgetting that we need to test more to keep all Indians safer.@ARanganathan72 @rajeev_mp @IshitaYadav pic.twitter.com/BquasJHsMU
— Nausheen Khan (@DrNausheenKhan) September 21, 2020
इसी सामुदायिक केंद्र के एक अन्य डॉक्टर अमित ने इस मामले में सीएमओ से शिकायत की. अमित ने बताया कि उन्हें 27 जुलाई को कोविड-19 के नमूने लेने का काम सौंपा गया था. उन्होंने आरोप लगाया कि सीएचसी प्रभारी योगेंद्र सिंह राणा ने उन सभी संविदा कर्मचारियों पर दबाव बनाया कि यदि मरीज नमूना देने केन्द्र पर नहीं आ रहे तो वे फर्जी नमूने लें.क्योंकि नमूनों का लक्ष्य पूरा न होने पर उनका कॉन्ट्रेक्ट खत्म कर दिया जाएगा. इतना ही नहीं अमित ने यह भी कहा है कि होम आइसोलेट हुए कोरोना पॉजिटिव रोगियों के हस्ताक्षर भी नकली हैं. अतिरिक्त सीएमओ राजीव गुप्ता ने कहा है, "इस मामले की जांच की जा रही है. स्वास्थ्य अधिकारी यदि दोषी पाया जाएगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी."
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 22, 2020 02:54 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

