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UP Election Result: हार के बाद पहली बार मीडिया के सामने आयीं मायावती, कहा- मुस्लिम समाज का साथ न देना बसपा की हार का कारण

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद पहली बार मीडिया के सामने आयी और कहा कि मुस्लिम समाज बसपा के साथ तो लगा रहा लेकिन इनका पूरा वोट भाजपा को हराने के लिए समाजवादी पार्टी की तरफ शिफ्ट कर गया.

UP Election Result: हार के बाद पहली बार मीडिया के सामने आयीं मायावती, कहा- मुस्लिम समाज का साथ न देना बसपा की हार का कारण
बसपा प्रमुख मायावती (Photo Credit : ANI)

लखनऊ, 11 मार्च : बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद पहली बार मीडिया के सामने आयी और कहा कि मुस्लिम समाज बसपा के साथ तो लगा रहा लेकिन इनका पूरा वोट भाजपा को हराने के लिए समाजवादी पार्टी की तरफ शिफ्ट कर गया. बसपा को इसी की सजा मिली. भारी नुकसान हुआ. उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज ने बार-बार आजमाई पार्टी बसपा से ज्यादा सपा पर भरोसा करने की बड़ी भारी भूल की है.

विधानसभा चुनाव के नतीजों पर बात करने के लिए बसपा सुप्रीमो मायावती शुक्रवार को मीडिया के सामने आई. चुनाव में मिली भाजपा की जीत और बसपा, कांग्रेस की हार पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने भाजपा और सपा पर निशाना साधा. मायावती ने कहा कि प्रदेश की जनता ने भाजपा को सपा के गुंडाराज से बचने के लिए एकतरफा वोट दिया है. उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज बसपा के साथ तो लगा रहा परन्तु इनका पूरा वोट समाजवादी पार्टी की तरफ शिफ्ट कर गया. इससे बसपा को भारी नुकसान हुआ. यह भी पढ़ें : UP Election Result: ससुर-बहू थे तिलहर के चुनावी मैदान में, लेकिन तीसरे के सिर सजा जीत का सेहरा, स्वामी प्रसाद मौर्य के एक और समर्थक को लगा झटका

मायावती ने पार्टी कार्यकताओं का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि कल उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बसपा की उम्मीद के विपरीत जो नतीजे आए हैं उससे बुरा और क्या हो सकता है?. लेकिन इससे घबराकर और निराश होकर पार्टी के लोगों को टूटना नहीं है. उसके सही कारणों को समझकर और सबक सीखकर हमें अपनी पार्टी को आगे बढ़ाना है और आगे चलकर सत्ता में जरूर आना है.

उन्होंने कहा कि सपा ने यह प्रचारित किया कि बसपा भाजपा की बी-टीम है. बसपा, सपा के मुकाबले से कम मजबूती से चुनाव लड़ रही है. जबकि सच इसके विपरित है. कहा कि बसपा की भाजपा से लड़ाई राजनीतिक के साथ-साथ सैद्धान्तिक भी है. अगर मुस्लिमों का वोट एकतरफा सपा में नहीं जाता तो यूपी का चुनाव परिणााम ऐसा नहीं होता है. ऐसा करने वाले लोग समय बीतने के बाद पछताएंगे.

बसपा मुखिया ने कहा कि यदि मुस्लिम वोट भी दलित वोटों के साथ मिल जाता, तो पश्चिम बंगाल जैसा चमत्कार हो सकता था. भाजपा फिर से सत्ता में वापस आ गई. यदि त्रिकोणीय संघर्ष हुआ होता, तो भाजपा को आने से रोका जा सकता. मायावती ने कहा कि हर बार की तरह ही दलित वोट बैंक हर बार की तरह ही इस बार भी बसपा के साथ पूरी तरह बना रहा. मैं उनकी जितनी भी तारीफ करूं, वह कम है. हमें बाबा साहब के कारवां को न रुकने देना है, न झुकने देना है. बुरा वक्त खत्म होने वाला है. क्योंकि यूपी में जो नतीजा आया है, उससे बुरा और क्या हो सकता है. लेकिन फिर भी हमें हताश नहीं होना है.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 11, 2022 12:05 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).