चुनाव आते ही बिहार की राजनीति में सरगर्मी तेज हो जाती है. सभी पार्टियां एक-दूसरे पर हमला बोलने का कोई मौका नहीं छोड़तीं. इसी कड़ी में, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव ने वोटर लिस्ट से नाम हटाने और वोटर वेरिफिकेशन के मुद्दे पर अपनी चिंता जताई है. उन्होंने आरोप लगाया है कि इस प्रक्रिया में धांधली की जा सकती है, जिसका सीधा असर चुनाव परिणामों पर पड़ सकता है.
वोटर्स की संख्या पर तेजस्वी का आरोप
तेजस्वी यादव का कहना है कि अगर वोटर वेरिफिकेशन के दौरान सिर्फ एक फीसदी वोटर भी छूट जाते हैं, तो पूरे बिहार में करीब 7.9 लाख लोग अपना वोट देने का अधिकार खो सकते हैं. उनका गणित ये है कि ऐसे में हर विधानसभा सीट से कम से कम 3,251 वोटर्स के नाम काटे जा सकते हैं. तेजस्वी ने याद दिलाया कि पिछले विधानसभा चुनाव में RJD 52 सीटें सिर्फ 5 हजार वोटों के अंतर से हारी थी. ऐसे में, अगर 3,200 वोट हर विधानसभा से हटा दिए जाते हैं, तो यह चुनाव के नतीजे पूरी तरह बदल सकता है.
चुनाव आयोग स्वयं सामने आने की बजाय सूत्रों के हवाले से खबर प्लांट करवा रहा है ताकि इसकी आड़ में खेला कर सके। ये वही सूत्र है जो ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस्लामाबाद, लाहौर और कराची पर कब्जा कर चुके थे।
इसलिए हम ऐसे सूत्र को मूत्र समझते है। मूत्र यानि ऐसा अपशिष्ट पदार्थ जो दुर्गंध… pic.twitter.com/ACwApxQwVr
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) July 13, 2025
बाहर रहने वाले वोटर्स पर सवाल
तेजस्वी ने यह भी सवाल उठाया कि बहुत से बिहारी लोग काम के लिए दूसरे राज्यों में रहते हैं. क्या उनके नाम बिना किसी उचित जांच या जानकारी के वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं? उन्होंने यह भी पूछा कि क्या इन वोटर्स को उनके नाम हटाए जाने के बारे में कोई जानकारी दी जा रही है.
सूत्रों को मूत्र समझते हैं!
तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग को भी नहीं बख्शा. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग खुद सामने आकर सफाई देने की बजाय "सूत्रों के हवाले से खबर प्लांट करवा रहा है" ताकि इस बहाने कुछ 'खेला' किया जा सके. उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "हम ऐसे सूत्र को मूत्र समझते हैं. मूत्र यानि ऐसा अपशिष्ट पदार्थ जो दुर्गंध फैलाता है."
तेजस्वी यादव के इन आरोपों से बिहार की राजनीति में गर्माहट और बढ़ गई है. अब देखना ये होगा कि चुनाव आयोग और अन्य पार्टियां इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती हैं.













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