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भारत और सेशेल्स के बीच हुए 6 समझौते, हिंद महासागर में भारत को होगा बड़ा फायदा, जानिए कैसे

सेशेल्स के राष्ट्रपति डैनी फॉरे ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत के पास एक दूरदर्शी समझ है कि क्या दांव पर लगा है खासकर सुरक्षा, रक्षा और जलवायु परिवर्तन, बहुपक्षीय व्यापार संबंधी समझौते और असमानता की खाई जैसे हमारे समय की मुख्य चुनौतियों के बारे में.

भारत और सेशेल्स के बीच हुए 6 समझौते, हिंद महासागर में भारत को होगा बड़ा फायदा, जानिए कैसे
भारत और सेशेल्स के बीच हुए 6 समझौते, हिंद महासागर में भारत को होगा बड़ा फायदा

नई दिल्ली: भारत और सेशेल्स के बीच 6 समझौतों पर दस्तखत हुए. ये समझौते पीएम नरेंद्र मोदी और सेशेल्स के राष्ट्रपति डैनी फॉरे के बीच हुए बातचीत के बाद हुए.  एक दूसरे की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए नेवल बेस बनाने के प्राेजेक्ट पर सहमति बन गई है. सेशेल्स के राष्ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान हुआ यह समझौता काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि कुछ दिन पहले सेशल्स ने भारत के साथ अपने असम्पशन आइलैंड पर नौसैनिक अड्डा बनाने के समझौते को रद्द करने का ऐलान किया था. हालांकि अब उसकी चिंताएं दूर हो गई हैं.

बता दें कि हैदराबाद हाउस में पीएम मोदी और फॉरे ने प्रतिरक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की. बैठक के बाद पीएम मोदी ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारत सेशेल्स को समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र को मजबूत करने के लिए 100 मिलियन डॉलर का कर्ज देगा. पीएम मोदी ने कहा कि हम एक-दूसरे के अधिकारों का ध्यान रखते हुए एजम्प्शन आईलैंड परियोजना पर साथ मिलकर काम करने को सहमत हुए हैं.

गौरतलब है कि इससे पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रपति डैनी फॉरे ने कहा था कि जब वह भारत आएंगे तो PM  नरेंद्र मोदी के साथ असम्पशन आइलैंड प्रॉजेक्ट को लेकर कोई चर्चा नहीं करेंगे. सेशेल्स का यह कदम एक तरह से भारत के कूटनीतिक प्रयासों के लिए असफलता के तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि अब दोनों देशों के बीच सहमति बन गई है.
सेशेल्स के राष्ट्रपति डैनी फॉरे ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत के पास एक दूरदर्शी समझ है कि क्या दांव पर लगा है खासकर सुरक्षा, रक्षा और जलवायु परिवर्तन, बहुपक्षीय व्यापार संबंधी समझौते और असमानता की खाई जैसे हमारे समय की मुख्य चुनौतियों के बारे में.

बता दें कि यह नेवल बेस भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण है. हिंद महासागर में इस प्राेजेक्ट से भारत को सामरिक लाभ होगा. पीएम  मोदी ने आगे कहा, ‘भारत और सेशल्स प्रमुख सामरिक सहयोगी हैं. हम लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों का सम्मान करते हैं और हिंद महासागर में शांति, सुरक्षा और स्थिरता कायम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 25, 2018 06:17 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).