इस्तीफा देकर राहुल गांधी ने खेला मास्टरस्ट्रोक, कांग्रेस पार्टी को हो सकता है बड़ा फायदा
राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद राजनीतिक विशेषज्ञों ने कहा कि त्यागपत्र देने से उनके खुद के एक लोकप्रिय नेता के तौर पर उभरने और पार्टी के फिर से मजबूत होने में मदद मिल सकती है. कांग्रेस पार्टी के भविष्य का फैसला पार्टी की शीर्ष निर्णय इकाई कांग्रेस कार्यकारी समिति की बैठक में होगा.
नई दिल्ली : राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के कांग्रेस (Congress) अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि उनके त्यागपत्र देने से उनके खुद के एक लोकप्रिय नेता के तौर पर उभरने और पार्टी के फिर से मजबूत होने में मदद मिल सकती है, हालांकि इसके लिए जरूरी है कि गांधी पार्टी में सक्रिय रहें और पार्टी के नेता एवं कार्यकर्ता नए अध्यक्ष को स्वीकार करें.
कांग्रेस पार्टी के भविष्य का फैसला पार्टी की शीर्ष निर्णय इकाई कांग्रेस कार्यकारी समिति की बैठक में होगा. अगले सप्ताह की शुरूआत में बैठक होने की संभावना है. सीएसडीएस के निदेशक संजय कुमार ने यह भी कहा कि यह सोचना उचित नहीं है कि राहुल गांधी के इस्तीफा देने और गांधी परिवार के बाहर के किसी व्यक्ति के कांग्रेस अध्यक्ष बनने से कोई बड़ा संकट आ जाएगा.
कुमार ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘मेरे मुताबिक यह सोचना सही नहीं है कि राहुल गांधी के इस्तीफा देने से कांग्रेस के भविष्य पर कोई बहुत बड़ा संकट है. यह जरूर है कि यह परंपरा बन गई थी कि गांधी परिवार का ही कोई व्यक्ति अध्यक्ष बनेगा.’’
उन्होंने कहा, ‘‘ यह मानना भी उचित नहीं है कि अगर परिवार से बाहर कोई अध्यक्ष बनेगा तो पार्टी खत्म हो जाएगी. उनके इस्तीफे से शायद पार्टी को नया स्वरूप मिलने में मदद मिले. उन्हें पार्टी में सक्रिय रहना चाहिए. ऐसा होने से उनके एक लोकप्रिय नेता तौर पर उभरने में मदद मिल सकती है.’’
राजनीतिक विश्लेषक और दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर सुशीला रमास्वामी ने कहा, ‘‘कांग्रेस पर अस्तित्व का खतरा था और उसे गांधी परिवार के नियंत्रण से बाहर निकलना था. यह कहना उचित नहीं होगा कि गांधी परिवार के पार्टी का नेतृत्व नहीं करने से कांग्रेस नहीं चल पाएगी.’’ हालांकि, उन्होंने पार्टी को फिर से खड़ा करने के लिए उठाए गए कदमों को लेकर राहुल गांधी की सराहना की.
लोकसभा चुनाव के बाद से अपने इस्तीफे को लेकर एक महीने से बनी असमंजस की स्थिति पर पूर्णविराम लगाते हुए गांधी ने बुधवार को त्यागपत्र की औपचारिक घोषणा कर दी और कहा कि पार्टी के ‘भविष्य के विकास’ के लिए उन्होंने यह कदम उठाया है. कांग्रेस अध्यक्ष के पद के लिए संभावित उम्मीदवारों में पार्टी के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार शिंदे, मल्लिकार्जुन खड़गे, अशोक गहलोत और मोतीलाल वोरा के नाम की चर्चा है लेकिन इस पर सीडब्ल्यूसी की बैठक के बाद ही फैसला हो पाएगा.
पार्टी के एक नेता ने कहा, ‘‘स्पष्ट नेतृत्व की गैर मौजूदगी में कांग्रेस अस्तित्व के संकट का सामना कर रही है और ऐसी स्थिति पार्टी के लिए ठीक नहीं है, जिसे कि अगले कुछ महीने बाद तीन राज्यों में विधानसभा चुनावों का सामना करना है.’’ कांग्रेस के एक अन्य नेता ने कहा कि गांधी परिवार के नेतृत्व में ही पार्टी एकजुट रह सकती है और परिवार के बाहर का कोई पार्टी का नेतृत्व करता है तो इससे असहमति बढ़ेगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 04, 2019 08:54 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

