Punjab Election 2022: AAP से मुख्यमंत्री का चेहरा कौन होगा? केजरीवाल ने जारी किया मोबाइल नंबर, 17 जनवरी तक मांगी जनता की राय
पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) की तैयारियां अपने अंतिम दौर में है. पंजाब में आप के मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को कहा कि भगवंत मान हमारे बहुत प्यार हैं, मेरे छोटे भाई है,
चंडीगढ़: पंजाब विधानसभा चुनाव (Punjab Assembly Election 2022) को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) की तैयारियां अपने अंतिम दौर में है. पंजाब में आप के मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने गुरुवार को कहा कि भगवंत मान (Bhagwant Mann) हमारे बहुत प्यार हैं, मेरे छोटे भाई है, आम आदमी पार्टी के सबसे बड़े नेता हैं. हम भी कमरे में बैठकर कह रहे थे कि भगवंत मान को बना देते हैं लेकिन इन्होंने कहा कि नहीं जनता से पूछना चाहिए. केजरीवाल राजनीतिक पर्यटक, आप का ‘पंजाब मॉडल’ केवल नकल: सिद्धू
मोहाली में अरविंद केजरीवाल ने कहा “हम आज ये नंबर 7074870748 जारी कर रहे हैं, आप इस नंबर पर व्हाट्सएप, एसएमएस, फोन करके 17 जनवरी शाम 5 बजे तक बता सकते हैं कि मुख्यमंत्री का चेहरा कौन हो. आम आदमी पार्टी लोगों के जवाब के आधार पर अपने मुख्यमंत्री के चेहरे का ऐलान करेगी.” उन्होंने प्रेस कांफ्रेस के दौरान कहा “भगवंत मान ने कहा कि जनता मुझे जो ज़िम्मेदारी देगी मैं वो ज़िम्मेदारी पूरी करूंगा, बंद कमरे में मुख्यमंत्री का चेहरा तय करने का सिलसिला बंद करना चाहिए.”
#WATCH | Bhagwant Mann is very dear to me, he is like a younger brother. I was also saying that we should make him the CM face for Punjab Assembly elections, but he said let the people of Punjab decide this: AAP National Convenor & Delhi CM Arvind Kejriwal pic.twitter.com/PzhfXHh5LT
— ANI (@ANI) January 13, 2022
केजरीवाल ने बुधवार को कहा कि पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा अगले सप्ताह की जाएगी. इससे पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री ने पिछले कई वर्षों से राज्य को कथित रूप से लूटने के लिए कांग्रेस और बादल परिवार की भी आलोचना की.
दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनावों की घोषणा के साथ ही, लोग खुश हैं कि एक बदलाव लाने का उन्हें अवसर मिला है. केजरीवाल ने कहा, “1966 में, पंजाब एक अलग राज्य बना. तब से आज तक, 25 वर्षों के लिए कांग्रेस ने राज्य पर शासन किया जबकि बादल परिवार ने 19 वर्षों तक. दोनों ने एक प्रकार से साझेदारी में राज्य पर शासन किया. चाहे बादल की पार्टी सत्ता में आई या फिर कांग्रेस, उन्होंने साझेदारी में अपनी सरकारें चलाईं. जब उनकी सरकार सत्ता में आती थी तो वे कभी एक-दूसरे के खिलाफ कार्रवाई नहीं करते थे.” पंजाब में 14 फरवरी को एक चरण में मतदान होंगे जबकि नतीजे 10 मार्च को आएंगे.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 13, 2022 01:56 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

