Chirag Paswan on Caste Census: 'मेरी पार्टी कास्ट सेंसस के पक्ष में है', एनडीए के प्रमुख सहयोगी चिराग पासवान ने जाति जनगणना का किया समर्थन (Watch Video)
एनडीए सरकार के प्रमुख सहयोगियों में से एक, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने जाति जनगणना की मांग का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि कास्ट सेंसस कराने से सरकार को हाशिए पर पड़ी जातियों को मुख्यधारा में लाने के लिए बेहतर योजनाएं बनाने में मदद मिलेगी.
Chirag Paswan on Caste Census: एनडीए सरकार के प्रमुख सहयोगियों में से एक, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने जाति जनगणना की मांग का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि कास्ट सेंसस कराने से सरकार को हाशिए पर पड़ी जातियों को मुख्यधारा में लाने के लिए बेहतर योजनाएं बनाने में मदद मिलेगी. मेरी पार्टी ने हमेशा अपना रुख बनाए रखा है कि वह जाति जनगणना के पक्ष में है. इसका कारण यह है कि अक्सर राज्य और केंद्र सरकारें जातिगत विचारों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनाती हैं. ये योजनाएं इन समुदायों को मुख्यधारा में जोड़ने के लिए बनाई गई हैं. ऐसे मामलों में, सरकार के पास प्रत्येक जाति की आबादी के बारे में जानकारी होनी चाहिए.
उन्होंने आगे कहा कि यह डेटा उपलब्ध होना चाहिए ताकि संसाधनों का आवंटन आनुपातिक रूप से किया जा सके. किसी भी योजना या जाति को मुख्यधारा में जोड़ने के प्रयास के लिए सरकार के पास पर्याप्त आंकड़े होने चाहिए.
मेरी पार्टी कास्ट सेंसस के पक्ष में है: चिराग पासवान
#WATCH | On Caste Census, Union Minister Chirag Paswan says, "My party has always kept its stand clear that it is in favour of Caste Census. We want the Caste Census to happen. The reason for this is that many times the state government and the central government make many such… pic.twitter.com/jA3dZY8FdE
— ANI (@ANI) August 25, 2024
केंद्र से राष्ट्रव्यापी जाति जनगणना की विपक्ष की बढ़ती मांगों के बीच पासवान की यह टिप्पणी सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है. इससे पहले बीते शनिवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी जाति जनगणना कराने की मांग दोहराई थी. उन्होंने प्रयागराज में आयोजित संविधान सम्मान सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा था कि मैंने मिस इंडिया की सूची देखी कि क्या इसमें कोई दलित या आदिवासी महिला होगी, लेकिन दलित, आदिवासी या ओबीसी की कोई महिला नहीं थी. मीडिया में हर दिन संगीत, क्रिकेट व बॉलीवुड के बारे में बात होती है, लेकिन किसानों और मजदूरों के बारे में कोई बात नहीं करता. आज देश के 90 फीसदी लोग सिस्टम का हिस्सा नहीं हैं. उनके पास जरूरी हुनर है, लेकिन वे सिस्टम से जुड़े नहीं हैं. इसलिए हम जाति जनगणना की मांग कर रहे हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 25, 2024 06:31 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

