कश्मीर पंचायत चुनाव: मुजाहिदीन कमांडर की धमकी, कहा- चुनावों में हिस्सा लेने वालों पर फेकेंगे तेजाब
बता दें कि मुजाहिदीन कमांडर ने कश्मीर की जनता को धमकी देगी. इस वीडियो में आतंकी ने कहा है कि एक वो दौर था जब लोग हिंदुस्तानी फौजों से डरा करते थे लेकिन अब लोग फौज पर पत्थरबाजी करते हैं.
श्रीनगर: कश्मीर के बिगड़े हालात में ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत चुनाव करवाना सरल नही है. ये चुनाव आतंकवादियों के निशाने पर हैं. इसी बीच हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर रियाज नाइकू ने कश्मीर के लोगों को चेतावनी दी है कि वे आगामी पंचायत चुनावों में हिस्सा न लें. न्यूज-18.कॉम की खबर के अनुसार आतंकी रियाज ने कहा है कि उसके संगठन ने तेजाब पहले से खरीद रखा है कि जो भी चुनावों में शामिल होगा उसके ऊपर हम तेजाब फेंक देंगे. जम्मू-कश्मीर के नवनियुक्त राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने मंगलवार को केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से भेंट कर राज्य में आसन्न स्थानीय निकाय चुनावों पर चर्चा की. राज्य में फिलहाल राज्यपाल शासन है.
बता दें कि मुजाहिदीन कमांडर ने कश्मीर की जनता को धमकी देगी. इस वीडियो में आतंकी ने कहा है कि एक वो दौर था जब लोग हिंदुस्तानी फौजों से डरा करते थे लेकिन अब लोग फौज पर पत्थरबाजी करते हैं. पत्थरबाजों की तारीफ करते हुए उन्हें भारतीय सेना के खिलाफ मुजाहिदीन कमांडर ने कश्मीर के लोगों को भड़काया है. यह भी पढ़े-भारतीय सेना का बड़ा कारनामा, जिंदा पकड़े हिजबुल मुजाहिदीन के 4 आतंकी, पाकिस्तान की खोलेंगे पोल
गौरतलब है कि आतंकियों ने पिछली बार पंचायतों के बारह प्रतिनिधियों की हत्या कर दी थी। ऐसे में इस बार पंचायत चुनाव में पंच, सरंपच के लिए मैदान में उतरने वाले चालीस हजार के करीब उम्मीदवारों की सुरक्षा भी सुनश्चित करनी होगी। पंचों, सरपंचों के संगठन पंचायत कांफ्रेंस के साथ निजी तौर पर भी सैकड़ों पूर्व पंचों, सरपंचों ने चुनाव लड़ने के लिए सुरक्षा मांगी है।
2011 में हुए थे आखिरी बार चुनाव
बता दें कि राज्य में पिछली बार निकाय चुनाव 2011 में हुए थे. उसके बाद 2016 में स्थानीय निकाय चुनाव होने थे, लेकिन कश्मीर घाटी में पांच महीने तक चले अशांति के दौर के कारण ऐसा नहीं हो सका.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 28, 2018 07:42 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

