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Jharkhand: 'अगर मैं अपराधी हूं तो मुझे सजा दो', आखिर सीएम हेमंत सोरेन ने क्यों दिया ऐसा बयान?

सोरेन ने अपने विपक्षियों को बेचैन और भटकती हुई आत्माओं की संज्ञा से नवाजते हुए कहा कि मेरे खिलाफ जब उनके पास कोई मुद्दा नहीं बचा तो वे संवैधानिक संस्थाओं की आड़ लेकर अपनी राजनीति की रोटी सेंकने का षड्यंत्र कर रहे हैं.

Jharkhand: 'अगर मैं अपराधी हूं तो मुझे सजा दो', आखिर सीएम हेमंत सोरेन ने क्यों दिया ऐसा बयान?
Hemant Soren

रांची, 15 अक्टूबर: झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने कहा है कि अगर मैं मुजरिम हूं तो चुनाव आयोग और राज्यपाल मुझे सजा सुनायें. सोरेन ने शनिवार को सीएम हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, मैं पूरे देश का पहला मुख्यमंत्री हूं, जो उनके दरवाजे पर जाकर, उनके सामने हाथ जोड़कर यह बताने का आग्रह कर रहा है कि अगर मेरा कोई गुनाह है तो इसके लिए मेरी क्या सजा मुकर्रर की गई है? मैं उनसे बार-बार पूछ रहा हूं कि उनके अनुसार मैं वाकई गुनहगार हूं तो मुख्यमंत्री के पद पर मैं कैसे बना हुआ हूं? रविवार से शुरू होगी RSS की चार दिवसीय बड़ी बैठक, मातृभाषा में शिक्षा और जनसंख्या असंतुलन पर होगी चर्चा

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके विपक्षी और विरोधी खनन पट्टा से जुड़े मसले पर कथित तौर पर उनके अयोग्य होने की बात फैलाकर राज्य में भ्रम और अनिश्चितता का वातावरण बनाने की कोशिश कर रहे हैं. सोरेन ने अपने विपक्षियों को बेचैन और भटकती हुई आत्माओं की संज्ञा से नवाजते हुए कहा कि मेरे खिलाफ जब उनके पास कोई मुद्दा नहीं बचा तो वे संवैधानिक संस्थाओं की आड़ लेकर अपनी राजनीति की रोटी सेंकने का षड्यंत्र कर रहे हैं. लेकिन यह तय है कि हमारी सरकार जिस तरह जनकल्याण के कार्यों के प्रति समर्पित है, उसमें उनकी राजनीति की रोटी पक नहीं पाएगी बल्कि जल जायेगी.

खनन पट्टा को लेकर विपक्ष की ओर से लगाये गये आरोपों पर हेमंत सोरेन ने सवालिया लहजे में कहा कि क्या एक सीएम मात्र 88 डिसमिल जमीन के लिए घोटाला करेगा? ऐसे आरोप लगाने वालों को तो चुल्लू भर पानी में डूब मरना चाहिए. सच तो यह है कि राज्य और केंद्र में हमारे विपक्ष के नेताओं को यह पच नहीं रहा कि आदिवासी- वंचित समाज से आगे आकर व्यवस्था कैसे संभाल रहा है?

सोरेन ने केंद्रीय एजेंसियों की विश्वसनीयता और पारदर्शिता पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि केंद्रीय एजेंसियां जिस र्ढे पर काम कर रही हैं, उससे यही लगता है कि उनके पीछे कोई शक्ति है जिनके इशारे पर चलने को वो मजबूर हैं.

केंद्र सरकार पर झारखंड के हिस्से के एक लाख 36 हजार करोड़ की राशि बकाया होने का दावा दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी बार-बार की वाजिब मांग के बावजूद हमें एक-एक रुपये के लिए मोहताज बनाया जा रहा है. झारखंड के साथ-साथ पूरे देश के तमाम गैर भाजपा शासित राज्यों के साथ केंद्र सरकार ऐसा ही सलूक कर रही है.

राष्ट्रीय स्तर पर गैर भाजपा दलों का मोर्चा बनाने की जो कोशिशें चल रही हैं, उसमें आपकी क्या भूमिका है? इस सवाल पर मुख्यमंत्री एवं झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने कहा कि ऐसा मोर्चा बनाने की पहल अभी मैच्योरिटी के स्तर पर पहुंची हैं. आने वाले दिनों में इसे लेकर जब स्थिति और साफ होगी तो हम देखेंगे कि हमारी भूमिका क्या होगी. फिलहाल राज्य में झामुमो, कांग्रेस और राजद का गठबंधन मजबूती के साथ कायम है.

सोरेन ने कहा कि हमारी सरकार बनने के साथ ही इसे गिराने की साजिशें चल रही हैं, लेकिन हमने तीन वर्षों में जितने काम किये हैं और कर रहे हैं, उसमें हमारी सरकार को गिराकर नई सरकार बनाने के उनके सपने मुंगेरीलाल के हसीन सपने बनकर रह जायेंगे.

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 15, 2022 08:21 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).