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रविवार से शुरू होगी RSS की चार दिवसीय बड़ी बैठक, मातृभाषा में शिक्षा और जनसंख्या असंतुलन पर होगी चर्चा

विजयादशमी उत्सव पर भाषण देते हुए संघ प्रमुख मोहन भागवत ने जनसंख्या असंतुलन को बड़ा खतरा बताते हुए सरकार से एक समग्र जनसंख्या नीति बनाने की मांग की थी जो सब पर समान रूप से लागू हो.

रविवार से शुरू होगी RSS की चार दिवसीय बड़ी बैठक, मातृभाषा में शिक्षा और जनसंख्या असंतुलन पर होगी चर्चा

नई दिल्ली/प्रयागराज, 15 अक्टूबर: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में रविवार से शुरू होने जा रहे आरएसएस के अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की चार दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक में मातृभाषा में शिक्षा, जनसंख्या असंतुलन, सामाजिक समरसता और समाज के सभी वर्गों के साथ संवाद सहित अन्य कई मुद्दों पर व्यापक चर्चा की जाएगी. Diwali 2022: झारखंड में दिवाली एवं गुरुपर्व पर रात आठ से दस तक ही चला पायेंगे पटाखे

आपको याद दिला दें कि, विजयादशमी उत्सव पर भाषण देते हुए संघ प्रमुख मोहन भागवत ने जनसंख्या असंतुलन को बड़ा खतरा बताते हुए सरकार से एक समग्र जनसंख्या नीति बनाने की मांग की थी जो सब पर समान रूप से लागू हो. वहीं सामाजिक समरसता को मजबूत बनाने के लिए संघ प्रमुख स्वयं लगातार मुस्लिम समुदाय के महत्वपूर्ण लोगों के साथ संवाद कर रहे हैं. इस लिहाज से रविवार से शुरू हो रही संघ की इस बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

 

आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने शनिवार को बैठक स्थल पर मीडिया से बात करते हुए बताया कि अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की इस चार दिवसीय बैठक में बीते मार्च माह में आयोजित अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में बनी वार्षिक योजना की समीक्षा होगी तथा संघ कार्य के विस्तार योजना के साथ-साथ देश में वर्तमान समय में चल रहे विभिन्न समसामयिक विषयों पर भी चर्चा होगी. उन्होंने बताया कि इसके अलावा बैठक में संघ के विजयादशमी उत्सव पर सरसंघचालक (मोहन भागवत) के संबोधन में उठाए गए महत्वपूर्ण विषयों को साकार करने के तौर-तरीकों पर भी चर्चा होगी. एक सवाल का जवाब देते हुए आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख ने कहा कि विजयादशमी उत्सव पर सरसंघचालक के संबोधन में उठाये गये मुद्दों पर बैठक में विशेष चर्चा होगी, जिनमें मातृभाषा में शिक्षा, जनसंख्या असंतुलन, महिला सहभाग, सामाजिक समरसता और समाज के सभी वर्गों के साथ संवाद प्रमुख हैं.

सुनील आंबेकर ने आगे बताया कि नागपुर में 14 नवंबर से 8 दिसम्बर तक होने वाले संघ शिक्षा वर्ग (तृतीय वर्ष) की योजना के अलावा संघ के शताब्दी वर्ष में कार्य विस्तार की रूपरेखा को लेकर भी प्रयागराज की इस बैठक में चर्चा की जाएगी.

उन्होंने कहा कि 2025 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूरे हो रहे हैं, जिसको ध्यान में रखते हुए संघ के कार्य विस्तार की योजना बनी है. वर्तमान में संघ की देश भर में 55 हजार स्थानों में शाखाएं हैं, जिन्हें मार्च 2024 तक एक लाख स्थानों तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की यह बैठक प्रयागराज के जिला मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर दूर यमुनापार में गौहनिया स्थित वात्सल्य विद्यालय परिसर में आयोजित हो रही है. रविवार 16 अक्टूबर को इस चार दिवसीय बैठक का प्रारम्भ होगा और बैठक का समापन 19 अक्तूबर को होगा.

बैठक में आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, संघ के सभी सह सरकार्यवाह एवं अन्य अखिल भारतीय अधिकारियों सहित कार्यकारिणी के सदस्य शामिल होंगे. संघ रचना के सभी 45 प्रांतों के प्रांत संघचालक, कार्यवाह, प्रचारक एवं सह प्रचारक भी इस बैठक में शामिल होंगे.

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 15, 2022 07:45 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).