ईरान ने फिर बंद किया होर्मुज, हमले के बाद एक भारतीय लापता
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

अमेरिका ने कहा है कि उसने ईरान में 140 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है. ईरान पर यह नया हमला, ईरान की ओर से मध्य-पूर्व के देशों पर किए गए कई हमलों के बाद किया गया.ओमान तट के पास एक व्यावसायिक जहाज जीएफएस गैलेक्सी पर हुए हमले के बाद एक भारतीय नागरिक लापता है. भारत के विदेश मंत्रालय ने रविवार को इसकी पुष्टि की. जहाज पर 11 भारतीय नागरिक सवार थे. इनमें 10 को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि एक भारतीय की तलाश जारी है.

भारतीय विदेश मंत्रालय ने हमले की निंदा की है. भारत ने कहा कि मस्कट स्थित दूतावास स्थिति पर नजर रख रहा है और ओमान के अधिकारियों के संपर्क में है. खोज और बचाव अभियान जारी है. लापता भारतीय को तलाशने की कोशिश हो रही है.

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घटना ओमान तट से करीब 17 किलोमीटर दूर हुई. यह साइप्रस में पंजीकृत कंटेनर जहाज था. अमेरिकी सैन्य कमान के अनुसार जहाज में आग लग गई. इंजन रूम को भारी नुकसान पहुंचा और चालक दल को जहाज छोड़ना पड़ा. ब्रिटेन की समुद्री एजेंसी यूकेएमटीओ के अनुसार क्रू लाइफबोट में चला गया. जहाज उस मार्ग से गुजर रहा था, जो ईरानी जलक्षेत्र से बचने के लिए अपनाया जाता है.

ईरान ने फिर बंद कर दिया होर्मुज स्ट्रेट

ईरान ने कहा कि उसने इसलिए फायरिंग की क्योंकि जहाज सुझाए गए रास्ते पर नहीं था. ईरान ने कहा कि कई जहाज निर्देश नहीं मान रहे थे, इसलिए कार्रवाई की गई.

हमले के तुरंत बाद ईरान ने बड़ा कदम उठाया. उसने होर्मुज स्ट्रेट बंद करने की घोषणा कर दी है. ईरान ने कहा कि यह फैसला अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा. ईरान ने स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए अमेरिकी हस्तक्षेप खत्म करने की शर्त रखी. इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार की चिंता बढ़ गई है.

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक है. वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का बड़ा हिस्सा यहीं से गुजरता है. युद्ध के दौरान इस मार्ग में व्यवधान आ चुका है. इससे ऊर्जा कीमतों में भारी उछाल आया था. अब फिर आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है.

ईरान ने मध्य-पूर्व के कई देशों पर किया हमला

ईरान ने इसके बाद खाड़ी क्षेत्र में हमले शुरू कर दिए हैं. कतर, यूएई और बहरीन में सायरन सुनाई दिए. कई जगह विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं. कतर ने मिसाइल हमले रोकने का दावा किया है. देश में तीन लोगों के घायल होने की सूचना है.

बहरीन में कई बार मिसाइल अलर्ट जारी हुआ. कुवैत ने भी हवाई खतरों को रोकने की कार्रवाई की. जॉर्डन ने कहा कि तीन ईरानी मिसाइलें उसके क्षेत्र में गिरीं. ओमान में भी ड्रोन हमलों की खबर सामने आई. इन हमलों से क्षेत्रीय सुरक्षा पर दबाव बढ़ गया है.

ईरान की रेवोल्यूशनरी गार्ड ने दावा किया कि उसने ओमान के दुक्म बंदरगाह को निशाना बनाया. ईरान के अनुसार वहां से अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों को समर्थन मिलता है. ईरान ने इसे जवाबी कार्रवाई बताया. इन हमलों की स्वतंत्र स्रोतों से पुष्टि नहीं हुई है लेकिन तनाव लगातार बढ़ रहा है.

ईरान के 140 सैन्य ठिकानों पर अमेरिकी हमला

उधर अमेरिका ने भी ईरान पर बड़े सैन्य हमले किए हैं. सेंटकॉम के अनुसार लगभग 140 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया. इनमें मिसाइल लॉन्च साइटें शामिल थीं. ड्रोन ढांचे और हथियार भंडार भी निशाने पर रहे. संचार सुविधाओं पर भी हमला किया गया.

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कड़ा संदेश दिया है. उन्होंने कहा, ईरान ने गलत फैसला किया है, अब उसे कीमत चुकानी होगी. सेंटकॉम ने कहा कि हमलों का उद्देश्य समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करना है, वाणिज्यिक जहाजों की रक्षा प्राथमिकता है.

ईरानी मीडिया ने कई शहरों में विस्फोटों की खबर दी. बंदर अब्बास, जास्क और सीरिक में हमले की बात सामने आई है. केश्म द्वीप में भी धमाकों की सूचना मिली है. यह जानकारी नहीं मिली है कि हमले में कितने लोग मारे गए या घायल हुए.

ओमान और ईरान की बातचीत रही बेनतीजा

इस बीच कूटनीतिक मोर्चे पर भी तनाव बढ़ गया है. ओमान और ईरान के विदेश मंत्रियों ने शनिवार को बातचीत की थी. चर्चा का मुख्य विषय होर्मुज जलडमरूमध्य था. ओमान समाधान तलाशने की कोशिश कर रहा है लेकिन ठोस सहमति नहीं बन सकी.

होर्मुज का ईरान के प्रभाव से मुक्त रहकर खुले रहना फिलहाल विवाद के केंद्र में है. ईरान होर्मुज पर ज्यादा अधिकार चाहता है. वह जहाजों से शुल्क लेने की संभावना सामने रख चुका है. अमेरिका और पश्चिमी देश इसका विरोध कर रहे हैं.