भारत निष्पक्ष और पारदर्शी क्षेत्रीय व्यापाक आर्थिक साझेदारी पर करेगा हस्ताक्षर, इन अहम पहलुओं पर होगा विचार-विमर्श

क्षेत्रीय व्यापाक आर्थिक साझेदारी के मसले पर भारत ने साफ कर दिया है कि वह निष्पक्ष और पारदर्शी कारोबारी माहौल में ही हिस्सा लेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आसियान शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए बैंकॉक दौरे पर जाने से पहले भारतीय वार्ताकार आरसेप व्यापार करार के अहम पहलुओं पर विचार-विमर्श कर रहे हैं. आसियान शिखर सम्मेलन का आयोजन अगले महीने 2-4 नवंबर को होने जा रहा है.

विदेश मंत्रालय प्रवक्ता रवीश कुमार (Photo Credits: ANI)

क्षेत्रीय व्यापाक आर्थिक साझेदारी (Regional Comprehensive Economic Partnership) के मसले पर भारत ने साफ कर दिया है कि वह निष्पक्ष और पारदर्शी कारोबारी माहौल में ही हिस्सा लेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के आसियान शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए बैंकॉक (Bangkok) दौरे पर जाने से पहले भारतीय वार्ताकार आरसेप व्यापार करार के अहम पहलुओं पर विचार-विमर्श कर रहे हैं. आसियान शिखर सम्मेलन का आयोजन अगले महीने 2-4 नवंबर को होने जा रहा है.

वार्ताकार आरसेप व्यापार करार पर हस्ताक्षर किए जाने से पहले यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि करार निष्पक्ष व पारदर्शी हो. विदेश मंत्रालय में सचिव (पूर्व के देशों के मामले) विजय ठाकुर सिंह (Vijay Thakur Singh) ने कहा, "भारत क्षेत्रीय व्यापाक आर्थिक साझेदारी मसले पर वार्ता के नतीजों का इंतजार करेगा. कुछ अहम मसले बचे बचे हुए हैं." उन्होंने यहां मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा, "हम निष्पक्ष और पारदर्शी कारोबारी माहौल में ही हिस्सा लेंगे."

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भारत के अधिकारियों ने 25 अध्यायों में से अधिकांश पर वार्ता पूरी कर ली है और बाकी पर चार नवंबर से पहले पूरी हो जाएगी. प्रधानमंत्री मोदी चार नवंबर को 10 सदस्यीय दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों का समूह (आसियान) और पांच अन्य देशों के साथ शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे.

भारत (India) के अधिकारी इस वार्ता के दौरान व्यापार में असानता को दूर करने की कोशिश में जुटे हैं जिससे चीन से सस्ते सामान के आयात से पर्याप्त सुरक्षा मिल सके क्योंकि आरसेप से चीन से आयात बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. आसियान शिखर सम्मेलन से पहले भारत के अधिकारी बैंकॉक में एक नवंबर को होने वाली बैठक में हिस्सा लेंगे.

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