Farmers Protest: अरविंद केजरीवाल का कैप्टन अमरिंदर सिंह पर हमला, कहा- कानून बनाने के लिए गठित कमेटी में शामिल थे पंजाब के CM, तब विरोध क्यों नहीं किया?
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि तीनों काले कानून केंद्र सरकार के हैं. राष्ट्रपति के हस्ताक्षर होते ही ये काले कानून पूरे देश में लागू हो गए। इन बिलों को लागू करने या न करने का अधिकार राज्य सरकारों के पास नहीं है. अगर ये तीनों काले कानून राज्य सरकारों के अधिकार क्षेत्र में होते, तो देश भर के किसान अपने-अपने मुख्यमंत्रियों से मांग करते। चूंकि ये काले कानून केंद्र सरकार के हैं, इसलिए राज्य सरकारें इसे रोक नहीं सकती हैं. सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जब से मैंने दिल्ली के 9 स्टेडियम को जेल बनाने से रोका है, तब से केंद्र की भाजपा सरकार मुझसे ज्यादा नाराज है, दिल्ली आने पर किसानों को इन स्टेडियमों में डालने की योजना थी.
नई दिल्ली, 02 दिसंबर. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि तीनों काले कानून केंद्र सरकार के हैं. राष्ट्रपति के हस्ताक्षर होते ही ये काले कानून पूरे देश में लागू हो गए। इन बिलों को लागू करने या न करने का अधिकार राज्य सरकारों के पास नहीं है. अगर ये तीनों काले कानून राज्य सरकारों के अधिकार क्षेत्र में होते, तो देश भर के किसान अपने-अपने मुख्यमंत्रियों से मांग करते। चूंकि ये काले कानून केंद्र सरकार के हैं, इसलिए राज्य सरकारें इसे रोक नहीं सकती हैं. सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जब से मैंने दिल्ली के 9 स्टेडियम को जेल बनाने से रोका है, तब से केंद्र की भाजपा सरकार मुझसे ज्यादा नाराज है, दिल्ली आने पर किसानों को इन स्टेडियमों में डालने की योजना थी. उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरिंदर किसके दबाव में मुझ पर झूठे आरोप लगा रहे हैं? वे बीजेपी की बोली बोल रहे हैं, क्योंकि उनके परिवार पर ईडी के केस चल रहे हैं. कैप्टन अमरिंदर इन काले कानूनों को बनाने के लिए गठित कमेटी में शामिल थे, लेकिन उन्होंने इसका विरोध नहीं किया। मेरी केंद्र सरकार से अपील है कि किसानों की सभी मांगे मानी जाएं और एमएसपी की गारंटी को कानून में डाला जाए.
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज डिजिटल प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि आज पूरा देश देख रहा है कि हमारे देश का किसान कड़ी ठंड की रात में आसमान के नीचे सो रहा है. यह सोच कर सारी रात नींद नहीं आती है। आज कोई भी देशभक्त यह देखकर चैन की नींद नहीं सो सकता है. उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ हमारे किसान भाइयों की नहीं है, बल्कि हम सब की लड़ाई है. जरा सोचिए, जो दो वक्त की रोटी हम खाते हैं, वह हमारे किसान भाइयों की मेहनत की उगाई हुई होती है. हम सब को इस लड़ाई में अपने किसान भाइयों का साथ देना है. सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कल पंजाब के मुख्यमंत्री ने मुझ पर आरोप लगाए कि दिल्ली में मैंने यह काले कानून पास कर दिए। इस नाजुक मौके पर भी इस तरह की गिरी हुई राजनीति कैप्टन साहब कैसे कर सकते हैं? ये तो तीनों केंद्र के कानून हैं. जिस दिन राष्ट्रपति के इन कानूनों पर दस्तखत हुए थे, उसी दिन यह कानून पूरे देश में लागू हो गए. अब यह किसी राज्य सरकार के ऊपर नहीं है कि वो इन्हें लागू करेगी या नहीं. अगर राज्य सरकारों पर होता, तो देश भर से किसान केंद्र सरकार से बात करने के लिए दिल्ली क्यों आते? वो अपने-अपने राज्य के मुख्यमंत्रियों से मांग करते. यह कानून केंद्र सरकार लाई है और कोई भी राज्य सरकार इन कानूनों को न रोक सकती है और न पास कर सकती है. यह भी पढ़ें-Farmers Protest: पंजाब के सीएम के बयान पर केजरीवाल का पलटवार, कहा-कैप्टन साहब इतनी गिरी हुई राजनीति कैसे कर सकते हैं?
सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अब सवाल यह है कि जब कैप्टन साहब को यह बात पता है, तो फिर उन्होंने मुझ पर ये झूठे आरोप क्यों लगाए? इसका एक बहुत बड़ा कारण है. जबसे मैंने दिल्ली के 9 स्टेडियम को जेल बनाने से रोका है, तब से केंद्र की भाजपा सरकार मुझसे बहुत ज्यादा नाराज है। केंद्र सरकार का पूरा प्लान था कि जब किसान दिल्ली आएंगे, तो उन्हें इन 9 स्टेडियम में डाल देंगे। हमने स्टेडीयम को जेल बनाने की इजाजत नहीं दी। तो वो लोग अब मुझसे बहुत नाराज हैं। मुझे पता है कि स्टेडीयम को जेल बनाने के लिए मुझ पर काफी दबाव आया था। किस-किस के फोन नहीं आए थे, लेकिन जिंदगी में कुछ मौके ऐसे भी आते हैं, जब आप अपने जमीर की सुनते हो, नतीजे की परवाह नहीं करते हो। कैप्टन साहब, आज आपके ऊपर किसका दबाव है, जो आप मुझ पर यह झूठे आरोप लगा रहे हो, मुझे गालियां दे रहे हो? बीजेपी की बोली बोल रहे हो? बीजेपी के साथ यह दोस्ती निभा रहे हो या कोई दबाव है? क्योंकि आजकल आपके परिवार पर ईडी के केस चल रहे हैं और आजकल ईडी के नोटिस भी आ रहे हैं?
सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कैप्टन साहब के पास यह बिल रोकने के कई मौके आए थे. पंजाब के लोग पूछ रहे हैं कि तब कैप्टन साहब ने इन बिलों को क्यों नहीं रोका? आज से डेढ़ साल पहले, 2019 में केंद्र सरकार ने यह तीनों काले कानून बनाने के लिए एक कमेटी बनाई थी. उस कमेटी में कौन था? उस कमेटी में कैप्टन साहब थे. कैप्टन साहब! पंजाब के लोग आपसे पूछ रहे हैं कि आपने उस कमेटी में इन काले कानूनों को क्यों नहीं रोका? आपने कमेटी में एक बार भी इन कानूनों का विरोध क्यों नहीं किया? आपने बाहर आकर लोगों को क्यों नहीं बताया कि केंद्र सरकार इतने खतरनाक कानून बनाने जा रही हैं. कैप्टन साहब, आपके पास एक नहीं, दो नहीं, तीन नहीं, इतने सारे मौके आए, जब आप इन बिल को रोकने सकते थे. आज पंजाब का किसान आपसे पूछ रहा है कि आपने यह बिल क्यों नहीं रोके?
सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज दिल्ली की सरहद पर पंजाब का किसान है और देश की सरहद पर उसी किसान का बेटा, पंजाब का जवान है. अभी कुछ दिन पहले पंजाब के एक किसान सरदार कुलवंत सिंह दिल्ली की सरहद पर बैठे हुए थे और खबर आई कि उनका 22 साल का जवाब बेटा सुखवीर सिंह बॉर्डर पर देश के लिए शहीद हो गया. इस सबके बीच जब कुछ लोग आए दिन किसानों को आतंकवादी बुलाते हैं, देशद्रोही कहते हैं, तो मैं सोचता हूं कि बॉर्डर पर इन जवानों पर क्या बीतती होगी जिनके किसान मां- बाप को आतंकवादी कहा जा रहा है? आज हम सबको भी तय करना होगा कि हम देश के किसानों के साथ हैं या उन्हें आतंकवादी कहने वालों के साथ हैं?
सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मेरी सभी देशवासियों से अपील है कि हर देशभक्त किसानों का साथ दे. मेरी सभी आम आदमी पार्टी के लोगों से अपील है कि कोई राजनीति नहीं करनी है. सभी पार्टियों के लोगों के साथ मिलके भारतीय बनके किसानों की सेवा करनी है. राजनीति करने को पूरी जिंदगी पड़ी है। अभी बस सेवादार बन कर सेवा करो. हमें इस इंकलाब की न राजनीतिकरण करना है और न इस इंकलाब का राजनीतिकरण होने देना है. मेरी केंद्र सरकार से अपील है कि किसानों की सभी मांगे तुरंत मानी जाएं और एमएसपी की गारंटी को कानून में डाला जाए.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 02, 2020 06:56 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

