देश

बिहार में अगले साल होंगे विधानसभा चुनाव, तेजस्वी-तेजप्रताप के बीच शीतयुद्ध समाप्त कराने में जुटीं हैं राबड़ी देवी!

राष्ट्रीय जनता दल ने अगले वर्ष होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर भले ही तैयारी प्रारंभ कर दी है. इस बीच, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी अब दोनों भाइयों में उत्पन्न 'शीतयुद्ध' समाप्त कराने में 'मध्यस्थ' की भूमिका निभाते नजर आ रही हैं. राजद के एक नेता ने बताया, "बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी अपने दोनों बेटों के बीच बैठी थीं, जैसे वह मध्यस्थ की भूमिका निभा रही हैं."

बिहार में अगले साल होंगे विधानसभा चुनाव, तेजस्वी-तेजप्रताप के बीच शीतयुद्ध समाप्त कराने में जुटीं हैं राबड़ी देवी!
राबड़ी देवी, तेजस्वी और तेजप्रताप (Photo Credits- PTI)

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने अगले वर्ष होने वाले बिहार (Bihar) विधानसभा चुनाव को लेकर भले ही तैयारी प्रारंभ कर दी है, परंतु आज भी कई नेता लोकसभा चुनाव में पार्टी उम्मीदवारों के खिलाफ मुहिम चलाने वाले राज्य के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. इस बीच पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) को राजद की ओर से मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर उन्हीं के नेतृत्व में चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी गई है. तेजप्रताप ने भी बैठक में तेजस्वी को अपना 'अर्जुन' बताते हुए समर्थन की घोषणा कर दी है, परंतु राजद के कई नेता तेजप्रताप को तेजस्वी के लिए चुनौती मान रहे हैं.

पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी (Rabri Devi) हालांकि अब दोनों भाइयों में उत्पन्न 'शीतयुद्ध' समाप्त कराने में 'मध्यस्थ' की भूमिका निभाते नजर आ रही हैं. राजद के एक नेता ने बताया, "बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी अपने दोनों बेटों के बीच बैठी थीं, जैसे वह मध्यस्थ की भूमिका निभा रही हैं. वह तेजप्रताप और तेजस्वी के बीच शांति कायम करने की कोशिश कर रही हैं." बैठक में राबड़ी देवी ने भी सभी नेताओं को क्षेत्र में जाने का निर्देश देते हुए पार्टी को फिर से मजबूत और सक्रिय करने पर जोर दिया है. राजद के एक नेता ने नाम नहीं प्रकाशित करने की शर्त पर कहा, "तेजप्रताप बैठक में भी सभी को साथ लेकर चलने और एकपक्षीय फैसला नहीं करने की बात कर इशारों ही इशारों में अपने तेवर स्पष्ट कर चुके हैं."

राजद ने अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए तेजस्वी को आधिकारिक रूप से अपना मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित कर दिया है, परंतु तेजप्रताप ने भी पार्टी के खिलाफ जाने के स्पष्ट संकेत दे दिए हैं. राजद के एक अन्य नेता का दावा है कि राबड़ी देवी अपने दोनों बेटों के बीच और तेजस्वी के नेतृत्व और पार्टी के वरिष्ठों के बीच एक अच्छे संतुलन का काम कर रही हैं. इसके लिए राबड़ी कई नेताओं से बातचीत भी कर चुकी हैं. यह भी पढ़ें- चारा घोटाला: झारखंड हाई कोर्ट से देवघर मामले में लालू प्रसाद यादव को मिली जमानत

राजद सूत्रों का कहना है कि लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद कई विधायक और वरिष्ठ नेता तेजप्रताप को लेकर नाराजगी व्यक्त कर चुके हैं. जहानाबाद संसदीय क्षेत्र से पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ तेजप्रताप ने अपना प्रत्याशी उतार दिया था. पार्टी के अधिकांश नेताओं का कहना है कि तेजप्रताप अगर अपना प्रत्याशी नहीं उतारते तो जहानाबाद से पार्टी की जीत तय थी.

इस बीच राजग भी दोनों भाइयों के मनमुटाव को हवा दे रहा है. बिहार के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने तेजस्वी यादव के विधानसभा के मॉनसून सत्र में सदन में कम उपस्थिति के पीछे दोनों भाइयों में वर्चस्व की लड़ाई की बात कह रहे हैं. राजद हालांकि सिन्हा के इन आरोपों को नकारता है. राजद के विधायक भाई वीरेंद्र कहते हैं कि राजद में कहीं कोई मतभेद नहीं है. उन्होंने कहा कि राजद एकजुट है और पार्टी ने आगे के चुनाव की तैयारी प्रारंभ कर दी है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 12, 2019 03:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).