भीमा कोरेगांव केस: NCP प्रमुख शरद पवार का मोदी सरकार पर सनसनीखेज आरोप, कहा- केंद्र ने पर्दाफाश होने के डर से मामले की जांच NIA को सौंपी
NCP प्रमुख ने इस मामले में गिरफ्तार वामपंथ की ओर झुकाव रखने वाले कार्यकर्ताओं को ‘माओवादी’ बताने पर भी सवाल किया. पवार ने दावा किया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री ने कोरेगांव भीमा हिंसा मामले पर विधानसभा में बोलते हुए किसी भी माओवादी संबंध के बारे में कोई उल्लेख नहीं किया था. पवार ने राज्य सरकार से मामले की जांच करने वाले अधिकारियों के “व्यवहार’’ की जांच करने को कहा.
Sharad Pawar on Bhima Koregaon Case: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख शरद पवार ने शनिवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने कोरेगांव भीमा में हुई हिंसा का मामला इस डर से राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंप दिया है कि महाराष्ट्र सरकार की नई जांच बीजेपी नीत पिछली सरकार की संदिग्ध कार्रवाई का भंडाफोड़ कर देगी. पवार ने दावा किया कि राज्य की शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस सरकार ने मामले की तह में जाने के लिए कुछ कदम उठाने के फौरन बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मामले को एनआईए को सौंप दिया. पवार ने यहां पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि हिंसा तत्कालीन बीजेपी नीत सरकार द्वारा पुलिस की मदद से रची गई साजिश का नतीजा थी और एसआईटी से मामले की जांच कराने की मांग की थी. इसके कुछ दिनों के भीतर ही मामले को केंद्रीय एजेंसी को सौंप दिया गया है.
पवार ने दावा किया, “ उप मुख्यमंत्री (अजित पवार) और गृह मंत्री (अनिल देशमुख) ने तथ्यात्मक स्थिति को जानने के लिए (पुलिस अधिकारियों की) एक बैठक बुलाई थी. लेकिन उसके चार-पांच घंटे के अंदर केंद्र ने जांच अपनी एजेंसी को सौंप दी.” उन्होंने कहा कि एनआईए अधिनियम के तहत केंद्र सरकार को (मामला स्थानांतरित करने को लेकर) कुछ अतिरिक्त अधिकार मिल गए हैं, लेकिन कानून- व्यवस्था का विषय राज्य का है. उन्होंने मामले को ‘जल्दबाज़ी’ में एनआईए को सौंपने को लेकर सवाल भी किया.
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, “ इससे इन आरोपों में आधार दिखाता है कि कुछ अधिकारियों ने बेगुनाहों समेत लोगों को गिरफ्तार करने के अधिकारों का दुरुपयोग किया है. ” केंद्रीय गृह मंत्रालय के फैसले को संदिग्ध बताते हुए पवार ने कहा, “मेरे ख्याल से यह (राज्य सरकार की नई जांच गत सरकार का) भंडाफोड़ देगी और इससे बचने के लिए यह किया गया है.”
NCP प्रमुख ने इस मामले में गिरफ्तार वामपंथ की ओर झुकाव रखने वाले कार्यकर्ताओं को ‘माओवादी’ बताने पर भी सवाल किया. पवार ने दावा किया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री ने कोरेगांव भीमा हिंसा मामले पर विधानसभा में बोलते हुए किसी भी माओवादी संबंध के बारे में कोई उल्लेख नहीं किया था. पवार ने राज्य सरकार से मामले की जांच करने वाले अधिकारियों के “व्यवहार’’ की जांच करने को कहा.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 25, 2020 08:55 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

