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लोकसभा चुनाव नतीजे 2019: अगर बीजेपी को नहीं मिला बहुमत तो कांग्रेस अपना सकती है कर्नाटक वाला फॉर्मूला

बीजेपी के विजय रथ को रोकने के लिए विपक्ष हर संभव प्रयास में जुट गया है. माना जा रहा है कि कांग्रेस ने नतीजों से पहले ही गठबंधन को और मजबूत करने और राष्ट्रपति चुनाव को लेकर अपनी कोशिशें तेज कर दी हैं. इस संबंध में सोनिया गांधी ने 23 मई को विपक्षी पार्टियों की बैठक बुलाई है.

लोकसभा चुनाव नतीजे 2019: अगर बीजेपी को नहीं मिला बहुमत तो कांग्रेस अपना सकती है कर्नाटक वाला फॉर्मूला
सोनिया गांधी और राहुल गांधी (Photo Credits: PTI)

लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजे 23 मई को देश के सामने होंगे. एग्जिट पोल 19 मई को जारी हो चुके हैं. सभी एग्जिट पोल के हिसाब से देश में एक बार फिर बीजेपी को बहुमत मिलता दिख रहा है. एग्जिट पोल के अनुमान के बाद विपक्षी खेमे में सियासी हलचल तेज हो गई है. बीजेपी के विजय रथ को रोकने के लिए विपक्ष हर संभव प्रयास में जुट गया है. माना जा रहा है कि कांग्रेस ने नतीजों से पहले ही गठबंधन को और मजबूत करने और राष्ट्रपति चुनाव को लेकर अपनी कोशिशें तेज कर दी हैं. इस संबंध में सोनिया गांधी ने 23 मई को विपक्षी पार्टियों की बैठक बुलाई है.

कांग्रेस हर हाल में बीजेपी नीत NDA को सरकार बनने से रोकने का प्रयास करेगी. तो दूसरी ओर कांग्रेस का मौजूदा नेतृत्व हर जोड़-तोड़ से अपनी सरकार बनाने का प्रयास करेगा. नतीजों के बाद कांग्रेस कर्नाटक फोर्मुले पर काम करने की तैयारी में है.

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कांग्रेस का मानना है कि यदि एनडीए बहुमत से कुछ दूर रहती है तो इस तरह की रणनीति काफी मददगार साबित हो सकती है. सूत्रों का कहना है कि इस तरह की बातचीत में खुद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, पार्टी नेता अहमद पटेल और जयराम रमेश शामिल हैं

कर्नाटक फॉर्मूला फिर होगा अप्प्लाई

सूत्रों की माने तो कांग्रेस इस बार केंद्र में भी अपना कर्नाटक फॉर्मूला अपनाने की कोशिश में है. मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस की टॉप लीडरशिप को इस तरह का प्लान सीनियर वकील और कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने सुझाया है.

बता दें कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव के बाद और अंतिम नतीजों से ठीक पहले कांग्रेस और जेडीएस ने गठबंधन कर बीजेपी को सत्ता में आने से रोक दिया था. इसी तरह कांग्रेस बीजेपी को केंद्र में आने से भी रोकना चाहता है.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कह दिया है कि कांग्रेस पार्टी प्रधानमंत्री पद के लिए जोर नहीं डालेगी. यानी अगर गैर कांग्रेस और गैर बीजेपी दलों में सहमति बनती है और वे अपना नेता चुनते हैं तो कांग्रेस उसे समर्थन देने को तैयार है.

(The above story first appeared on LatestLY on May 23, 2019 07:33 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).