विपक्ष ने जम्मू कश्मीर में फारुक-उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती की रिहाई की मांग की
वामदलों सहित विभिन्न दलों के नेताओं ने सोमवार को सरकार से जम्मू कश्मीर के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों सहित अन्य राजनीतिक बंदियों की तत्काल रिहाई करने की मांग की है.
नयी दिल्ली: वामदलों सहित विभिन्न दलों के नेताओं ने सोमवार को सरकार से जम्मू कश्मीर के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों सहित अन्य राजनीतिक बंदियों की तत्काल रिहाई करने की मांग की है. राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार (Sharad Pawar), माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी (Sitaram Yechury) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव डी राजा (D. Raja) सहित अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने साझा बयान जारी कर जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्रियों फारुक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah), महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) और उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) सहित अन्य राजनीतिक दलों के उन सभी नेताओं को रिहा करने की मांग की है जिन्हें पिछले साल पांच अगस्त को जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के समय हिरासत में लिया गया था.
बयान के अनुसार ‘‘लोकतांत्रिक मूल्यों, मौलिक अधिकारों और नागरिक स्वतंत्रताओं पर लगातार हमले बढ़ रहे हैं. ऐसे में असहमति की आवाज को न सिर्फ दबाया जा रहा है, बल्कि गंभीर मुद्दों को उठाने वालों को योजनाबद्ध तरीके से चुप कराया जा रहा है.’’
विपक्ष ने कहा कि पिछले सात महीनों से तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों को बिना किसी पुख्ता आधार के हिरासत में रखा गया है और इन नेताओं का ऐसा कोई अतीत नहीं है जिसके आधार पर यह कहा जा सके कि ये लोग जम्मू कश्मीर में सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं. उल्लेखनीय है कि जम्मू कश्मीर में एहतियातन हिरासत में लिए गए नेताओं को रिहा करने की विपक्ष लगातार मांग कर रहा है.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 09, 2020 05:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

